June 13, 2021

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Digital Varta News Agency

किसान भाई गेहूं की फसल में खरपतवार नियंत्रण समय से करें

आगरा,(डीवीएनए ) उप निदेशक (कृषि रक्षा) ने अवगत कराया है कि उनके द्वारा मण्डल में क्षेत्रीय भ्रमण के दौरान देखा गया है कि मण्डल के चारों जनपदों आगरा, मथुरा, मैनपुरी एवं फिरोजाबाद में रबी की फसलों में गेहूं की बुवाई की गई है। उन्होंने किसान भाईयों को सूचित किया है कि गेंहूँ के उत्पादन में होने वाली क्षति का एक मुख्य कारण खरपतवार है। खरपतवार गेहूं की फसल से भोजन की प्रतिस्पर्धा कर उत्पादन को काफी प्रभावित करते हैं। इसलिए इनका ससमय से प्रबन्धन करना अति आवश्यक है। किसान भाई, गेंहूँ के खेत की मृदा में वायु संचार, मृदा नमी के संरक्षण व खरपतवार नियंत्रण के लिए निराई-गुड़ाई करें तथा इसके साथ ही खरपतवारों के अत्याधिक प्रकोप होने पर खपतवारनाशी रसायनों का उपयोग करें, जिसमें चौड़ी पत्ती वाले खरपतवारों में बथुआ खरतुआ, हिरनखुरी, सत्यानाशी, कृष्णनील आदि और सकरी पत्ती वाले खरपतवारों में गेंहूँ का मामा व जंगली जई अधिक मात्रा में नुकसान पहुंचाते हैं। किसान भाई रबी की प्रमुख फसलों में गेहूँ में पाये जाने वाले खरपतवारों से बचाव हेतु नियमित निगरानी करें।
उप निदेशक (कृषि रक्षा) ने बताया कि सकरी पत्ती वाले खरपतवारों यथा- गेहूँ का मामा एवं जंगली जई के नियंत्रण हेतु सल्फोसल्फरान 75 प्रतिशत डब्लू0जी0 13 ग्राम (एक यूनिट) मात्रा प्रति एकड़ की दर लगभग 120 लीटर पानी में घोलकर प्रथम सिंचाई के बाद 25-35 दिन की अवस्था पर छिड़काव करें। चौड़ी पत्ती वाले खरपतवारों हेतु- मेटसल्फरान मिथाइल 20 प्रतिशत डब्लू0पी0 8 ग्राम (एक यूनिट) मात्रा को लगभग 200 लीटर पानी में घोलकर प्रति एकड की दर से फ्लैट फेन नाजिल से प्रथम सिंचाई के बाद 25 से 30 दिन की अवस्था पर छिड़काव करें। सकरी एवं चौड़ी पत्ती वाले दोनों खरपतवारों के नियंत्रण हेतु सल्फोसल्फूरान 75 प्रतिशत$मेटसल्फूरान मिथाइल 05 प्रतिशत डब्लू0जी0 16 ग्राम (01 यूनिट) अथवा मेट्रीब्यूजिन 70 प्रतिशत डब्लू0पी0 की 100 से 120 ग्राम मात्रा को लगभग 200 लीटर पानी में घोलकर प्रति एकड की दर से फ्लैट फेन नाजिल से प्रथम सिंचाई के बाद 25 से 30 दिन की अवस्था पर छिड़काव करें। मकोय खरपतवार के नियंत्रण हेतु कारफेन्ट्राजोन इथाइल 40 प्रतिशत् डी0एफ0 की 20 ग्राम मात्रा को लगभग 200 लीटर पानी में घोलकर प्रति एकड़ की दर से छिड़काव करें।
उप निदेशक (कृषि रक्षा) ने बताया कि कृषक भाई किसी भी कीट/रोग व खरपतवार की समस्या के निवारण हेतु व्हाट्सएप नं0 9452247111 अथवा 9452257111 पर प्रभावित पौधों की फोटो सहित अपनी समस्या व पता लिखकर मैसेज भेजकर 48 घण्टे के अन्दर निदान हेतु सुझाव प्राप्त कर सकते हैं तथा निकटतम विकास खण्ड स्तर पर प्रभारी राजकीय कृषि रक्षा इकाई अथवा जनपद स्तर पर जिला कृषि रक्षा अधिकारी कार्यालय में सम्पर्क कर सकते हैं।
संवाद , दानिश उमरी