April 23, 2021

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ये है भारत के 5 चर्चित गुरुओ के सफल शिष्य, जिन्हे पूरी दुनिया करती है सलाम

नई दिल्ली। डीवीएनए
कोरोना की महामारी के साथ जंग जारी है। कुछ छूट के साथ लॉक डाउन भी शुरू है। मिली छूट के कारण कुछ लोग अपने काम पर लौट गए हैं तो कुछ लोग अभी भी लॉक डाउन का पालन करते हुए अपने घरों में हैं।

यहां हम बात करेंगे अपने हिन्दुस्तान के उन पांच गुरुओं और शिष्यों के बारे में जिन्होंने अपने देश का नाम पूरे विश्व में रोशन किया। जिनके बारें में आपको जानकर उन पर गर्व महसूस करेंगे। हम आपको बताना चाहते हैं कि उनके गुरु कौन थे और शिष्य कौन हैं।

पुल्लेला गोपीचंद
पुल्लेला गोपीचंद का जन्म 16 नवम्बर 1973 को आंध्र प्रदेश के प्रकाशम जिले के नगन्दला में हुआ, वो पूर्व में भारतीय बैडमिन्टन खिलाड़ी थे। उन्होंने 2001 में चीन के चेन होंग को फाइनल में 15-12,15-6 से हराते हुए ऑल इंग्लैंड ओपन बैडमिंटन चैंपियनशिप में जीत हासिल की थी। जिसके बाद वो दूसरे भारतीय बन गए जिन्होने ऑल इंग्लैंड ओपन बैडमिंटन चैंपियनशिप में जीत हासिल की।

गोपीचंद एक जाने माने कोच हैं जिन्हें द्रोणाचार्य पुरस्कार से भी सम्मानित किया जा चुका है। पीवी सिंधु और सायना नेहवाल को एक बैडमिन्टन खिलाड़ी के रूप में उभारने का श्रेय इन्ही को प्राप्त है।

महावीर सिंह फोगट
महावीर सिंह फोगट भारतीय कुश्ती में एक बड़ा नाम है। वो एक मशहूर रेसलर और ओलंपिक कोच रह चुके हैं। हाल ही में इन्हे गुरु द्रोणाचार्य अवॉर्ड से भी सम्मानित किया जा चुका है। ये राष्ट्रमंडल खेलों में स्वर्णपदक विजेता गीता फोगट और रजतपदक विजेता बबिता फोगट के कोच और पिता दोनो हैं।

केशव बनर्जी
रांची के माही को महेंद्र सिंह धोनी और विश्व क्रिकेट का बेताज बादशाह बनाने में उनके स्कूल के कोच केशव बनर्जी का क्या योगदान था। इसे धोनी पर बनी फिल्म के माध्यम से पूरी दुनिया ने देखी। दुनिया ने देखा कि कैसे गुरु बनर्जी दा की पारखी नजर धोनी पर पड़ी और उन्होंने फुटबॉल के मैदान से खींचकर क्रिकेट के मैदान में उतार दिया। शिष्य माही ने भी कभी अपने गुरु को निराश नहीं किया और पूरी दुनिया में छा गए।

द ग्रेट खली
खली की शिष्या कविता दलाल बनी WWE में जाने वाली पहली भारतीय महिला, सलवार कमीज में करती हैं फाइट ,2016 के साउथ एशियन गेम्स में पावलिफ्टिंग में कविता ने स्वर्ण पदक जीता था। इसके अलावा फ़र्स्ट लेडी अवार्ड से भारत के राष्ट्रपति कर चुके है सम्मानित।

कविता ने जालंधर स्थित खली की अकेडमी से ट्रेनिंग ली है. भारतीय महिला पहलवान कविता दलाल अब आपको डब्लूडब्लूई में अन्य पहलवानों को पटखनी देते हुए दिखाई देंगी। बता दें कि जानेमाने पहलवान खली की शिष्या कविता दलाल डब्लूडब्लूई में पहुंचने वाली पहली भारतीय महिला पहलवान बन गई हैं। इतिहास में इससे पहले कभी भी कोई भारतीय महिला पहलवान डब्लूडब्लूई का हिस्सा नहीं बनी है। वहीं डब्लूडब्लूई से करार करने के बाद कविता दलाल डब्लूडब्लूई मय यंग क्लासिक टूर्नामेंट में पहलवानी करते हुए दिखेंगी। कविता दलाल के डब्लूडब्लूई से करार करने की घोषणा डब्लूडब्लूई चैम्पियन जिंदर महल ने की। कविता दलाल को पहलवानी करने के लिए रेस्लिंग वाले कपड़ों की जरुरत नहीं पड़ती। वे सलवार-सूट में भी रेस्लिंग रिंग में उतर जाती हैं। कविता ने कई रेस्लिंग सलवार-सूट में की हैं।

आरके श्रीवास्तव
जिसकी दुनिया दिवानी है वह बिहार के मैथेमैटिक्स गुरू का दिवाना है, जिसे बिन मांगे सभी कुछ ना कुछ देना चाहते है उसने जीवन का ज्ञान वर्ल्ड रिकॉर्ड्स होल्डर आरके श्रीवास्तव से ले रहा है। और इस प्रकार दुनिया के लिए अबूझ पहेली बना गूगल ब्वाय कौटिल्य पंडित बिहार के चर्चित मैथेमैटिक्स गुरू फेम आर के श्रीवास्तव से जीवन के सफलता का ज्ञान सीख रहा है। सैकड़ों आर्थिक रूप से गरीब स्टूडेंट्स को निःशुल्क शिक्षा देकर आईआईटी, एनआईटी, बीसीईसीई सहित देश के प्रतिष्ठित संस्थानो के प्रवेश परीक्षा मे सफलता दिलाकर प्रसिद्धी पा चुके है आरके श्रीवास्तव । गूगल बॉय कौटिल्य के पिता सतीश शर्मा यहाँ तक कह चुके है की इस चंद्रगुप्त के लिये चाण्क्य आरके श्रीवास्तव है।

यह वही कौटिल्य पंडित है जिसे 4 वर्ष की उम्र में कौन बनेगा करोड़पति 2013 में बतौर मेहमान बुलाया गया था । जहाँ दुनिया के हर कोने की जानकारी से भरे सवालों के जबाब से रू-ब-रू अभिनेता अमिताभ बच्चन ने कराया था, तब से लेकर आज तक अनेको जगहों पर मेहमान बने कौटिल्य को प्राइड ऑफ़ इंडिया समेत कई अवार्ड से सम्मानित किया जा चुका है ।

कौन है आरके श्रीवास्तव
बिहार के रोहतास जिले के रहने वाले आरके श्रीवास्तव देश मे मैथेमैटिक्स गुरू के नाम से मशहूर है । चुटकुले सुनाकर खेल खेल में जादूई तरीके से गणित पढाने का तरीका लाजवाब है। कबाड़ की जुगाड़ से प्रैक्टिकल कर गणित सिखाते हैं। सिर्फ 1 रुपया गुरु दक्षिणा लेकर स्टूडेंट्स को पढाते हैं, सैकङों आर्थिक रूप से गरीब स्टूडेंट्स को आईआईटी,एनआईटी, बीसीईसीई सहित देश के प्रतिष्ठित संस्थानो मे पहुँचाकर उनके सपने को पंख लगा चुके हैं। वर्ल्ड बुक ऑफ रिकॉर्डस और इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड मे भी आरके श्रीवास्तव का नाम दर्ज है।
रास्ट्रपति रामनाथ कोविंद भी कर चुके है आर के श्रीवास्तव के शैक्षणिक कार्य शैली की प्रशंसा। इनके द्वारा चलाया जा रहा नाइट क्लासेज अभियान अद्भुत, अकल्पनीय है। स्टूडेंट्स को सेल्फ स्टडी के प्रति जागरूक करने लिये 450 क्लास से अधिक बार पूरे रात लगातार 12 घंटे गणित पढा चुके है। सैकङों से अधिक बार इनके शैक्षणिक कार्यशैली की खबरे देश के सारे प्रतिष्ठित अखबारों में छप चुके हैं, विश्व प्रसिद्ध गूगल ब्वाय कौटिल्य के गुरु के रूप मे भी देश इन्हें जानता है।