September 18, 2021

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Digital Varta News Agency

सत्ता की खामोशी से डर के साए में रेता क्षेत्रवासी, खामोशी के हवाले रिपोर्टिंग पुलिस चौकी

कुशीनगर (डीवीएनए)। खड्डा थाना क्षेत्र के नारायणी पार बसे गांव की सुरक्षा के लिए शिवपुर पुलिस चौकी को रिपोर्टिंग पुलिस चैकी में स्थापित करने का प्रस्ताव वर्षों से शासन में लंबित पड़ा हुआ है जिसे रेता क्षेत्रवासियों की यह मांग बस्ता खामोशी के हवाले हो गई है उन्हें तलाश है रहनुमा कि जो शासन से स्वीकृति दिला कर रिपोर्टिंग पुलिस चौकी स्थापित करा सकें लेकिन ग्रामीण जिलाधिकारी कुशीनगर को पत्र देकर मारे मारे फिर रहे हैं ।
बताते चलें कि खड्डा तहसील क्षेत्र के नारायणी नदी पार बसे गांव शिवपुर बसंतपुर गांव नारायणपुर हरिहरपुर बालगोविंद छपरा गांव हैं इसके दर्जनों टोले हैं जो नेपाल बिहार व नारायणी नदी की क्षोर से मिलते हैं जिनकी आबादी लगभग 10,000 है जिनमें मुसहर समुदाय की बाहुलता है। जो खड्डा थाना से 40 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है ब्लॉक मुख्यालय पहुंचने के लिए वहां के लोगों को बिहार प्रदेश के नौरंगिया होते 40 किलोमीटर की दूरी तय करनी पड़ती है यह गांव नेपाल देश बिहार प्रदेश की सीमा को टच करते हैं जिससे लूट,छिनैती शराब व अन्य सामानों की तस्करी के लिए सुरक्षित स्थान है डायल 100 नंबर की गाड़ी को भी नदी पार पहुंचने में काफी मशक्कत करनी पड़ रही है यह क्षेत्र जंगल पार्टी के दस्युओ का पनागर स्थल भी रह चुका है तत्कालीन पुलिस अधीक्षक दवा शेरपा पुलिस महा निरीक्षक गोरखपुर भी हैं ने भी आकर परेशानियों को देखा समझा था इसलिए रेता क्षेत्र के बेचन राजेश सिंह राजेश गुप्ता निजामुद्दीन आदि के प्रस्ताव पर खड्डा थाने से आख्या मंगा कर प्रस्ताव शासन को भेज दिया तो पुलिस विभाग की मंशा तो उजागर हो गई कि रिपोर्टिंग चौकी की स्थापना शिवपुर में हो लेकिन एक वर्ष व्यतीत होने के बाद भी रिपोर्टिंग पुलिस चैकी धरातल पर उतर नहीं सकी है जिसको लेकर आए दिन ग्रामीण डीएम कुशीनगर को पत्र देकर नारायणी नदी पार बसे लोगों को सुरक्षा के लिए पुलिस चैकी स्थापित करने की मांग करते रहे हैं फिर भी चुने हुए माननीयों की चुप्पी क्षेत्रवासियों के प्रस्ताव को बस्ता खामोशी के हवाले कर दिया है देखना है रेता क्षेत्र की सुरक्षा के लिए यह माननीय शासन से कब प्रस्ताव को भेजवाते हैं और कब पुलिस चौकी का निर्माण होता है लेकिन यह तो भविष्य के गर्भ में है।
संवाद रविन्द्र विश्वर्मा