September 29, 2021

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सिर्फ एक रूपया गुरु दक्षिणा में पढ़कर देश के सबसे टॉप NIT में पहुंचे सिद्धार्थ श्रीवास्तव

पटना डीवीएनए। सिर्फ 1 रूपया गुरु दक्षिणा में पढ़कर सिद्धार्थ श्रीवास्तव देश के सबसे टॉप NIT में से एक एनआईटी WARANGAL में पहुंचे हैं। सिद्धार्थ के सफल होने के बाद अपने पिता के साथ वह अपने गुरु के घर पहुंचे और 1 रूपया गुरु दक्षिणा दिया।

सिद्धार्थ बिहार के गया के रहने वाले हैं। सरकारी कॉलेजों में दाखिला लेकर इंजीनियर बनने का सपना हर स्टूडेंट्स को होता है। लेकिन जब यह सपना किसी गरीब स्टूडेंट्स का पूरा होता है तो खुशी कई गुणा अधिक बढ़ जाती है।

आज आपको एक ऐसे गुरु के बारे में बताते है जिसने सैकड़ों गरीब परिवार के स्टूडेंट्स को सिर्फ 1 रूपया गुरू दक्षिणा में पढाकर इंजीनियर बना दिया है।

आरके श्रीवास्तव ने बताया की अच्छा लगता है जब बीज नन्हा सा पौधा का रूप धारण करता है और जब हम बड़े जतन से उसमें खाद पानी डालते हैं, कीटनाशक छिड़क कर उसे बचते हैं ।
और वह अहसास तो सच में कमाल का होता है जब हमारे सामने मीठे फलों से लदा हुआ वृक्ष होता है । ऐसा ही अहसास मुझे हुआ जब हमारे स्टूडेंट्स सफल होते है ।

गया का रहने वाला सिद्धार्थ सफल होने के बाद अपने गुरु आरके श्रीवास्तव से मिलने अपने पिता के साथ उनके घर पहूँचा और उन्हें उनका गुरु दक्षिणा 1 रूपया दिया। आरके श्रीवास्तव ने बताया की गरीब परिवार के स्टूडेंट्स जब सफल होते है तो काफी खुशी होता है और मेरा 1 रूपया गुरु दक्षिणा लेकर इंजीनियर बनाने का उद्देश्य सफल होता है।

कौन है आरके श्रीवास्तव

आर के श्रीवास्तव के शैक्षणिक कार्य शैली और पाठशाला “सुपर थर्टी” से कम सुपर नहीं है। सिर्फ 1 रू गुरू दक्षिणा लेकर सैकड़ों गरीबों को आईआईटी, एनआईटी, बीसीईसीई, एनडीए सहित देश के प्रतिष्ठित संस्थानो में दाखिला दिलाकर उनके सपने को पंख लगाया है। संसाधन की कमी के बाबजूद आर के श्रीवास्तव ने पढाना आरंभ कर आज जो मुकाम हासिल किया है और जिस तेजी से उस पथ पर अग्रसर होते हुए, गरीब स्टूडेंट्स को इंजीनियर बना रहे है उसकी जितनी भी प्रशंसा की जाए वह कम है। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद भी आर के श्रीवास्तव के शैक्षणिक कार्यशैली से काफ़ी प्रभावित हो, प्रशंसा कर चुके हैं।

वहीं आर के श्रीवास्तव के शैक्षणिक ऑगन से सिर्फ 1रू गुरू दक्षिणा में छात्र शिक्षा ग्रहण कर इंजीनियर तो बन ही रहे है, वहीं कई छात्र NDA में सफल हो भारतीय सेना के विभिन्न अंगों में सेवा देने के लिये भी सफल हो रहे हैं, इसके अलावा श्रीवास्तव अपने माँ के हाथों प्रत्येक वर्ष 50 गरीब स्टूडेंट्स को निःशुल्क किताबे प्पबंटवाने के पुनीत कार्य भी करते हैं।

साथ ही जाङे के दिनों में अपनी क्षमता के अनुसार कम-से-कम 100 जरूरतमंदो को खुद घर-घर पहुँचकर एवं सङक किनारे ठंड से कांपते लोगो को कंबल बाँटने का पुनीत कार्य भी करते हैं। ऐसे कई सारे सामाजिक कार्यो के लिए भी आर के श्रीवास्तव मशहूर हुए हैं। शिक्षा के क्षेत्र में इनके द्वारा चलाया जा “Wonder Kids Program” और “Night Classes” अद्भुत है। Google boy “Kautilya Pandit” के गुरू के रूप में भी देश इन्हें जानता है।

मैथमेटिक्स गुरु फेम आरके श्रीवास्तव यानी गणित पढ़ाने का दीवाना, पूरी रात लगातार 12 घण्टे छात्रों को गणित का गुर सिखाते, वर्ल्ड रिकॉर्ड्स होल्डर मैथमेटिक्स गुरु फेम आरके श्रीवास्तव जादुई तरीके से खेल-खेल में गणित का गुर सिखाने के लिए मशहूर हैं। चुटकले सुनाकर खेल-खेल में पढ़ाते हैं। गणित के मशहूर शिक्षक मैथमेटिक्स गुरु फेम आरके श्रीवास्तव जादुई तरीके से गणित पढ़ाने के लिए जाने जाते हैं। उनकी पढ़ाई की खासियत है कि वह बहुत ही स्पष्ट और सरल तरीके से समझाते हैं। सामाजिक सरोकार से गणित को जोड़कर, चुटकुले बनाकर सवाल हल करना आरके श्रीवास्तव की पहचान है।

कचरे से खिलौने बनाकर सैकड़ों स्टूडेंट्स को गणित सिखा चुके हैं।