June 17, 2021

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एक वर्षीय उर्दू वा अरबिक डिप्लोमा सर्टिफिकेट का वितरण

फ़िरोज़ाबाद। (डीवीएनए)अबू हुरैरा हाई स्कूल मदीना कॉलोनी में कौमी काउंसिल बराए- फरोग़ उर्दू ज़बान राष्ट्रीय उर्दू भाषा परिषद के तत्वधान में चलने वाले एक वर्षीय उर्दू वा अरबिक डिप्लोमा का सर्टिफिकेट वितरण समारोह
आयोजित हुआ।

जिसमें मुख्य अतिथि के तौर पर डॉक्टर नसरीन बेगम अलीग (प्रवक्ता उर्दू बैकुंठी देवी कन्या महाविद्यालय आगरा डॉक्टर भीमराव अंबेडकर यूनिवर्सिटी आगरा) व विशिष्ट अतिथि के तौर पर कल्पना राजौरिया (ब्रांड एम्बेस्डर स्वीप) और विशिष्ट अतिथि के तौर पर अशरा प्रवक्ता (सर बिलाल कान्वेंट सीनियर सेकेंडरी स्कूल) ने शिरकत की इस अवसर पर डॉ नसरीन बेगम ने कहा कि उर्दू और अरबी भाषा के प्रमोशन के लिए राष्ट्रीय उर्दू भाषा विकास परिषद भारत में एक बड़ा सराहनीय कार्य कर रहा है।

उन्होंने छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा कि आपके व्यक्तिगत विकास में भाषा का बड़ा महत्व होता है भाषा में उर्दू एक ऐसी भाषा है जो भारत में जन्मी और यहीं परवान चढ़ी है उन्होंने कहा कि उर्दू भाषा लोगों के दिलों को जोड़ने वाली भाषा है मुझे इस कॉलेज में आकर बड़ी खुशी हुई कि छात्राओं में उर्दू अरबी भाषा के सीखने को लेकर बड़ा उत्साह है मैं कॉलेज के प्रबंधक और प्रिंसिपल को बधाई देती हूं कि वह भाषाओं के सिखाने में बेहतर कार्य कर रहे हैं।
इस अवसर पर कल्पना राजौरिया ने कहा कि आज के युग में छात्राओं को आत्मनिर्भर और व्यक्तिगत विकास के लिए प्रगतिशील होना चाहिए छात्राओं को उन्होंने नारी सशक्तिकरण के बारे में भी अवगत कराया उन्होंने कहा कि भाषाओं का ज्ञान आज के युग में अति आवश्यक है क्योंकि हमें अपनी बात को रखने का जो सलीका मिलता है वह भाषाओं के ज़रिये मिलता है जिससे व्यक्तिगत विकास को दर्शाया जा सकता है।

इस अवसर पर संस्था के डायरेक्टर आलम मुस्तफा याकू़बी ने कहा हमारे देश में भाषाओं के जरिए विभिन्न धर्मों और समाजों को जोड़ने के लिए मुशायरे और कवि सम्मेलन किए जाते हैं जो समाज को जोड़ने का और प्यार व मोहब्बत का संदेश देते हैं उन्होंने कहा कि उर्दू गंगा जमुनी तहजी़ब को दर्शाती है उर्दू अगर बुलबुल है तो हिंदी कोयल है उन्होंने एक उदाहरण देते हुए कहा कि उर्दू में एक अक्षर है हा और एक अक्षर है।

मीम और जब इन दोनों अक्षरों को जोड़ दो तो बनता है हम हा से हिंदू और मीम से मुसलमान यह है भाषा का कमाल किसने दोनों भाषाओं को जोड़ने के लिए शब्द बनाया और उस शब्द से समाज बना जो एक बहुत बड़ी एकता का सबूत है जिसकी आज देश को सख़्त ज़रूरत है उन्होंने अतिथियों को धन्यवाद दिया

इस अवसर पर उर्दू और अरबी डिप्लोमा में उत्तीर्ण छात्राओं को मोमेंटो और क्राॅउन पहना कर सम्मानित किया उर्दू डिप्लोमा में प्रथम उम्मे अदब, द्वितीय नजराना मुकी़म, तृतीय अलीशा सगी़र, अरबी डिप्लोमा से प्रथम उमरा माजिद अली,द्वितीय गुलसबा ,तृतीय कसब नाज़ का रहा।
संवाद:- दानिश उमरी