April 20, 2021

DVNA

Digital Varta News Agency

यमुना किनारा सड़क और हाथी घाट का नाम के नाम बदलने की मांग

आगरा। (डीवीएनए ) गुरसिख वेलफेयर एसोसिएशन के प्रतिनिधि मंडल ने महापौर नवीन जैन से नगर निगम के कार्यकारिणी कक्ष में मुलाकात की। एसोसिएशन के अध्यक्ष रविंद्र पाल सिंह ‘टिम्मा’ के नेतृत्व में एसोसिएशन के पदाधिकारियों और समाज के प्रबुद्ध व प्रतिष्ठित लोगों ने महापौर नवीन जैन से यमुना किनारा सड़क और हाथी घाट का नाम गुरु गोविंद सिंह मार्ग और गुरु गोविंद सिंह घाट किये जाने की मांग की और इस संबंध में ज्ञापन भी सौंपा। महापौर नवीन जैन ने सिख समाज को आश्वस्त किया कि उनके ज्ञापन पर वो निगम अधिकारियों के साथ गंभीरता से विचार करेंगे।

गुरुवार को गुरसिख वेलफेयर एसोसिएशन के बैनर तले गुरुद्वारा सदर बाजार, गुरुद्वारा नॉर्थ ईदगाह, सुखमनी सेवा सभा, गुरद्वारा शहीद नगर, गुरुद्वारा मधु नगर और गुरुद्वारा गुरु के ताल के प्रतिनिधियों ने महापौर नवीन जैन से मुलाकात की। मुलाकात के दौरान सिख समाज के लोगों ने सिखों के दसवें गुरु गुरु गोविंद सिंह के जीवन और इतिहास व आगरा यमुना किनारे की उनकी गौरवगाथा से महापौर नवीन जैन को रूबरू कराते हुए यमुना किनारा सड़क और हाथी घाट का नाम गुरु गोविंद सिंह मार्ग और गुरु गोविंद सिंह घाट किए जाने की मांग उठाई।

गुरसिख वेलफेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष रविंद्र पाल सिंह टिम्मा ने महापौर को बताया कि मुगल शासक बहादुर शाह ने गुरु गोविंद सिंह को आगरा सम्मानित करने के लिए बुलाया था। गुरु गोविंद सिंह जब आगरा आए तो वह यमुना किनारे पर ठहरे थे, यहां पर खुद बहादुर शाह हाथी पर सवार होकर घाट पर उन्हें लेने आया, तभी घाट पर एक मगरमच्छ ने बहादुर शाह के हाथी के पैर को जकड़ लिया जिसे गुरु गोविंद सिंह ने अपने पराक्रम से मुक्त कराया। बहादुर शाह के अनुरोध पर गुरु गोविंद सिंह दूसरे दिन आगरा किले पहुंचे जहां मुगल शासक बहादुर शाह ने उन्हें सबसे ऊंचे तख्त पर बैठाकर सम्मानित किया।

सिख समाज के लोगों ने महापौर नवीन जैन को बताया कि गुरु गोविंद सिंह जिस स्थान पर यमुना किनारे पर ठहरे थे, वहां इन दिनों गुरुद्वारा संचालित है और उस घाट को हाथी घाट के नाम से पुकारा जाता है। एसोसिएशन के पदाधिकारियों का कहना है कि हाथी को मगरमच्छ से बचाना गुरु गोविंद सिंह की वीरता और शौर्य का परिचायक है। इसीलिए हाथी घाट का नाम बदलकर गुरु गोविंद सिंह घाट और यमुना किनारा मार्ग का नाम बदलकर गुरु गोविंद सिंह मार्ग कर दिया जाए। इससे आगरा में गुरु गोविंद सिंह की आगरा से जुड़ी स्मृतियों को संजोए रखने और उनकी गौरवगाथा से जुड़े इतिहास के स्वर्णिम अध्याय से देश दुनिया के लोग रूबरू हो सकेंगे।

महापौर नवीन जैन अखिल भारतीय जाट महासभा के सभी पदाधिकारियों का ज्ञापन लिया और उनकी बातों को भी गंभीरता से सुना, साथ ही सभी को आश्वस्त किया कि इस संबंध में वह निगम अधिकारियों के साथ इस ज्ञापन पर गंभीरता से विचार से करेंगे।
संवाद , दानिश उमरी