September 18, 2021

DVNA

Digital Varta News Agency

घने कुहरे के बीच ट्रक बस भिड़ंत, दो की मौत, 15 घायल

कुशीनगर (डीवीएनए)। घने कुहरे में मंगलवार अमंगल साबित हुआ और कई जगहों पर दुर्घटनायर्न हुई। कसया थाने के विभिन्न क्षेत्रों में हुई मार्ग दुर्घटना में तीन की मौत हो गयी जबकि 15 घायल हो गए। घटना की जानकारी होने पर पहुंची पुलिस ने घटना का जायजा लिया और शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम हेतु जिलाअस्पताल भेज दिया।
प्रेमवलिया गांव के समीप मंगलवार की सुबह एनएच 28 फोरलेन हाइवे पर खड़ी ट्रक में तेज रफ्तार बस के टक्कर में सवार एक बस यात्री की मौत हो गई और 15 यात्री घायल हो गए। बस बिहार के बेगूसराय जिले से दिल्ली जा रही थी। अभी बस प्रेमवलिया गांव से कुछ दूर आगे बढ़ी थी इसी बीच हाइवे पर बीचोबीच खड़ी एक ट्रक में जा भिड़ी। अभी बस के यात्री सम्भल पाते इसी बीच पीछे से एक दूसरी ट्रक ने पीछे से टक्कर मार दिया, घने कोहरे के कारण हुई दुर्घटना के बाद यात्रियों में चीख पुकार मच गई। इसी बीच बस में एक दूसरे ट्रक ने पीछे से टक्कर मार दिया जिससे बस का ड्राइवर फस गया। मौके पर पहुची पुलिस ने ग्रामीणों के सहयोग से काफी मशक्कत के बाद ड्राइवर को निकाला जिसके दोनों पैर कट गए है। दुर्घटना के बाद हाइवे पर जाम लग गया जिसे पुलिस ने दुर्घटना ग्रस्त गाड़ियों को क्रेन से हटवाकर आवागमन बहाल कराया।
इस दुर्घटना में एक यात्री उपेन्द्रदास उम्र 40 वर्ष निवासी ग्राम छोटी बलिया मंसूरचैक जिला बेगूसराय की अस्पताल ले जाते समय मौत हो गई। घने कोहरे के कारण सड़क पर कुछ भी दिखाई नही दे रहा था। दुर्घटना के बाद यात्रियों में चीख पुकार मच गई। बस में 80 यात्री सवार थे। बदहवाश यात्री जल्दबाजी में बस से उतरने में भी चुटहिल हुए।
मौके पर पहुची पुलिस और प्रेमवलिया गांव के मन्केश राय के नेतृत्व में पहुचे ग्रामीणों ने घायल ड्राइवर वेदप्रकाश सिंह पुत्र रमेश सिंह उम्र 36 वर्ष निवासी तारपुर, थाना हसनपुर, जिला अमरोहा को काफी मशक्कत से बाहर निकाला और इलॉज के लिए भेजा। जहां उसकी भी मौत हो गयी। इसके बाद घायल मुहम्मद तनवीर, भरत महतो, पवन सिंह, आशा देवी , रामप्रकाश, रामसेवक सहित 15 यात्रियों को बाहर निकलकर इलॉज का प्रबंध किया। सुरक्षित यात्रियों को पुलिस ने पीछे से आ रही उसी कंपनी के बस से गंतब्य को भेजवाया तो कुछ मामूली चुटहिल यात्रियों को वापस उनके घर भेजवा दिया।
संवाद रविन्द्र विश्वकर्मा