October 18, 2021

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फाइलेरिया रोधी दवाएं खाकर जनपद को फाइलेरिया से मुक्त करें: सदर विधायक

औरैया (डीवीएनए)। जनपद को फाइलेरिया रोग से पूर्ण रूप से मुक्त करने के लिए हम सबको मॉस ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (एमडीए) अभियान में फाइलेरिया रोधी दवाएं अवश्य खाना हैं। “ वैश्विक महामारी में सरकार कोविड-19 से लड़ने हेतु हर संभव कार्य निरंतर कर रही है, साथ ही हर व्यक्ति तक अन्य महत्वपूर्ण स्वास्थ्य सेवायें सुनिश्चित करने के लिए संकल्पित है और उनकी स्वास्थ्य सुरक्षा हेतु वचनबद्ध भी है द्य परिवार नियोजन सेवाओं की समुदाय स्तर पर निर्धारित लक्ष्य की प्राप्ति के लिए परिवार नियोजन साधनों की ग्रहयता को बढ़ाना बहुत जरूरी है। जनपद के 50 शैय्या जिला चिकित्सालय में सदर विधायक रमेश दिवाकर ने मॉस ड्रग एडमिनिस्ट्रेसन (एमडीए) अभियान का शुभारम्भ करते हुए यह बातें कहीं।
सदर विधायक ने अपने संबोधन में बताया कि फाइलेरिया, जिसे हाथीपांव भी कहा जाता है, एक घातक रोग है जो कि मच्‍छर के काटने से फैलता है। फाइलेरिया के संक्रमण से सभी को, खासतौर से बच्चों को खतरा है। लेकिन इसकी रोकथाम संभव है और बचने का समाधान भी सरल है, और सामुदायिक भागीदारी से ही हाथीपांव को हराकर कर हम अपने बच्चों को उज्जवल भविष्य की ओर ले जा सकते हैं।
अपर मुख्य चिकित्साधिकारी (आरसीएच) डॉ अशोक कुमार ने कहा मास ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (एम.डी.ए.) कार्यक्रम आज से शुरू किया जा रहा है, प्रशिक्षित स्वास्थ्य कर्मियों द्वारा कोविड-19 के आदर्श मानकों और दो गज की दूरी का अनुपालन करते हुए समुदाय के सभी लाभार्थियों को घर-घर जा कर निःशुल्क दवाइयाँ खिलाई जायेगी। यह दवायें पूरी तरह से सुरक्षित हैं। हमें याद रखना है कि, 2 साल से कम उम्र के बच्चे, गर्भवती महिलाओं और गंभीर रूप से बीमार लोगों को छोड़कर, सभी को स्वास्थ्य कर्मी के सामने एमडीए दवाओं का सेवन करना है। इसी के साथ उन्होंने, जनप्रतिनिधियों से भी अनुरोध किया कि अपने क्षेत्रों में जागरूकता बढ़ाने में मदद करें ताकि लोग इन दवाओं को स्वीकार करें।
जिला सामुदायिक प्रक्रिया प्रबंधक अजय कुमार ने बताया कि मास ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन कार्यक्रम को पूर्णतया सफल बनाने के लिए, जिला स्तर पर सभी जरूरी तैय्यारियाँ की जा चुकी हैं। कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए, जनपद में लगभग 1500 टीमों का गठन किया गया है। अभियान की निगरानी हेतु हर 6 टीमों पर 1 सुपरवाइजर की नियुक्ति की गयी है। किसी भी विषम परिस्थितियों से निपटने हेतु रेपिड रेस्पॉन्स टीम भी लगाई गयी हैं। अभियान के दौरान गुणवत्ता बनायें हेतु हर दिन ब्लाक स्तर पर बैठक की जायेगी।
पीएमएसएमए की तर्ज पर मनाया गया खुशहाल परिवार दिवस
नोडल अधिकारी डॉ॰ शशिबाला सिंह ने बताया कि खुशहाल परिवार दिवस का अयोजन जिला अस्पताल, सभी सीएचसी, पीएचसी, यूपीएचसी और हैल्थ एंड वेलनेस सेंटर पर किया गया। आयोजन में अंतरा, छाया, कंडोम, आईयूसीडी, पीपीआईयूसीडी, गर्भ निरोधक गोलियो की जानकारी दी गई। जिन्होने इन सेवाओ को लेने की इच्छा जताई उन्हे यह सेवाएं उपलब्ध कराई गई। बताया कि अब हर माह की 21 तारीख को खुशहाल परिवार दिवस का आयोजन किया जाएगा। 21 तारीख को यदि राजकीय अवकाश रहा तो अगले दिन पर यह कार्यक्रम होंगें। इसके तहत लक्षित समूह को परिवार नियोजन के साधन अपनाने पर खास ध्यान दिया जा रहा है।
कार्यक्रम में जिला परिवार नियोजन विशेषज्ञ सहित जिला अस्पताल के समस्त स्वास्थ्यकर्मियों सहित अन्य स्टाफ उपस्तिथ रहा।