September 20, 2021

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हैदराबाद में बोले योगी- टीआरएस ने एआईएमआईएम के साथ गठबंधन कर जनता की भावना से खिलवाड़ किया

हैदराबाद (डीवीएनए)। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ हैदराबाद में तेलंगाना राष्ट्र समिति (टीआरएस) की सरकार और आल इंडिया मजलिस ए इत्तेहादुल मुस्लिममीन (एआईएमआईएम) पर खूब बरसे। उन्होंने कहा कि एआईएमआईएम के दो भाई हमेशा उलटा बोलते हैं और टीआरएस को एआईएमआईएम जैसे नमूने अराजकता फैलाने के लिए मिल गए हैं। उन्होंने कहा कि जब देश के सारे नेता सो रहे थे तो प्रधानमंत्री कोविड वैक्सिन के लिए अहमदाबाद हैदराबाद और पुणे की लैब का दौरा कर रहे थे। आपके बीच भी आए थे। टीआरएस के मुख्यमंत्री तो आज तक हैदराबाद की लैब में गए भी नहीं होंगे।
यह बातें उन्होंने आज हैदराबाद के मलकजगिरि में और शालीबंदा लाल दरवाजा के अलका थिएटर ग्राउंड में आयोजित जनसभा के दौरान कहीं। उन्होंने टीआरएस और एआईएमआईएम पर भ्रष्टाचार सहित कई गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि हाल ही में हुए बिहार विधानसभा चुनाव का जिक्र करते हुए कहा कि एआईएमआईएम का एक विधायक बना, लेकिन जब संविधान की शपथ लेने की बात आई, तो उन्होंने हिंदुस्तान बोलने से इनकार कर दिया। हिंदुस्तान के नाम पर शपथ नहीं ली। हिंदुस्तान में रहेंगे, हिंदुस्तान का खाएंगे, लेकिन जब संविधान की शपथ हिंदुस्तान के नाम पर लेने की बात आएगी, तो हिंदुस्तान नाम बोलने में संकोच करेंगे, यह एआईएमआईएम की असलियत को बताने का कार्य करता है।
उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में परिवारवाद के लिए जगह नहीं होनी चाहिए, लेकिन दुर्भाग्य से यहां पर टीआरएस सरकार ने एआईएमआईएम के साथ एक गठबंधन कर जनता की भावना के साथ खिलवाड़ किया है। उन्होंने कहा कि मैं पूछना चाहता हूं टीआरएस की सरकार से हाल ही में यहां बाढ़ आई थी। अगर प्रधानमंत्री देश के अंदर 12 करोड़ किसानों को प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि का छह हजार रुपए सालाना डीबीटी के माध्यम से आनलाइन उनके अकाउंट में डाल सकते हैं, तो फिर हैदराबाद में बाढ़ पीड़ितों की दी जाने वाली धनराशि गरीबों के खाते में क्यों नहीं पहुंच पाई है? ये भ्रष्टाचार फैलाने की चोट और लूट खसोट की छूट यहां पर आखिर क्यों दी गई? ये चीजें एक बात को बताती हैं, जिस हैदराबाद के सामने विकास की बहुत संभावनाएं थीं, आज उन सपनों को धूल धूसरित करने का कार्य कर रहा है यहां पर एक परिवार और उनकी मित्र मंडली। इसमें कोई संदेह नहीं होना चाहिए। उन्होंने कहा कि एक तरफ आपके पूर्वजों ने निजामशाही के खिलाफ एक लड़ाई लड़ी थी और निजाम के रूप में एक परिवार फिर से आकर इस पूरे तेलंगाना और हैदराबाद में लूट खसोट का एक नया जरिया बनाने का दुस्साहस करे, यह स्वीकार नहीं होना चाहिए।