October 18, 2021

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अमृत योजना में कासगंज को मिले 793.08 लाख रुपये

कासगंज (डीवीएनए)। मण्डलायुक्त जी.एस. प्रियदर्शी ने अवगत कराया है कि जनपद कासगंज को अमृत योजना में नगर में पुनर्गठन पेयजल योजना पार्ट-2 से सम्बन्धित परियोजनाओं के लिये द्वितीय किश्त के रूप में 793.08 लाख रूपये की धनराशि अवमुक्त की गयी है। उन्होंने विश्वास व्यक्त करते हुए कहा है कि आवंटित धनराशि से कराये जाने वाले विकास कार्यों से जनता को लाभ मिलेगा एवं होने वाले विकास कार्यों से सरकार के प्रति उनका विश्वास भी बढ़ेगा।
श्री प्रियदर्शी ने बताया कि अमृत योजनान्तर्गत सैप वर्ष 2017-20 के लियेनगर पालिका परिषद कासगंज की पुनर्गठन पेयजल योजना पार्ट-2 के अन्तर्गत प्रथम किश्त के रूप में अवमुक्त धनराशि 396.54 लाख रूपये का उपभोग प्रमाण पत्र उपलब्ध कराये जाने के उपरान्त द्वितीय किश्त के रूप में केन्द्रांश 431 लाख रूपये, राज्यांश 258.60 लाख रूपये एवं सेंटेज 103.48 लाख रूपये कुल 793.08 लाख रूपये स्वीकृत किये गये हैं।
कमिश्नर श्री प्रियदर्शी ने सम्बन्धित अधिकारियों को निर्देशित किया है कि आवंटित धनराशि का व्यय मिशन निदेशक (अमृत), नगरीय निकाय निदेशालय के नोडल खाते में अमृत योजना के अन्तर्गत उपलब्ध धनराशि के सापेक्ष किया जायेगा। अमृत योजना के अन्तर्गत सैप-1, सैप-2, सैप-3 के अन्तर्गत प्राप्त धनराशि को योजना से सम्बन्धित अन्य कार्यों को पूर्ण करने के लिये भी प्रयोग किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि अमृत योजना के तहत भारत एवं राज्य सरकार के अंश के साथ-साथ निकाय अंश की धनराशि की भी आवश्यकता होती है, जिसे प्रत्येक किश्त के साथ अवमुक्त करने में निकायों के स्तर से कठिनाई आ रही है ऐसे में निकाय अंश को परियोजना के पूूर्ण होने से पूर्व निकाय द्वारा कार्यदायी संस्था को उपलब्ध करा दिया जाए। आवंटित सेंटेज की धनराशि कार्यदायी संस्था को इस प्रकार नियमानुसार उपलब्ध कराई जाए कि इसका सम्बन्ध व्यय से हो जाए, इसके लिये पहली यू.सी. जमा होने पर प्रथम किश्त का सेंटेज, दूसरी यू.सी. जमा होने वर द्वितीय किश्त का संेटेज एवं कार्य पूर्ण होने पर अंतिम किश्त का सेंटेज देय होगा।
मण्डलायुक्त ने निर्देश दिये कि धनराशि का व्यय अमृत योजना की गाइडलाईन एवं वित्तीय नियमों के अन्तर्गत किया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि परियाजना लागत में शामिल निकाय अंश की धनराशि सम्बन्धित निकाय द्वारा ही वहन की जाएगी एवं आवंटित धनराशि का उपयोगिता प्रमाण पत्र समयबद्ध रूप से भारत सरकार, राज्य सरकार एवं महालेखाकार उत्तर प्रदेश इलाहाबाद को उपलब्ध कराया जाए। परियोजना के सापेक्ष आवंटित धनराशि के सम्परीक्षित लेखे का विवरण मिशन निदेशक अमृत, नगर निकाय उ0प्र0 द्वारा रखा जाएगा। उन्होंने निर्देश दिये कि कार्य प्रारम्भ करने से पूर्व वित्तीय हस्त पुस्तिका के अनुसार सक्षम स्तर से तकनीकी स्वीकृति प्राप्त कर ली जाए। व्यय वित्त समिति द्वारा दिये गये निर्देशों का अनुपालन सुनिश्चित करते हुए निष्प्रोज्य उपकरणों एवं सामग्री से प्राप्त धनराशि राजकोष में जमा कराई जाए।