September 29, 2021

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अल्पसंख्यक अधिकार दिवस पर उठी सच्चर कमेटी की सिफारिश लागू करने की मांग

कासगंज। (डीवीएनए) अल्पसंख्यक अधिकार दिवस के मौके पर कस्बा भरगैन में कार्यक्रम आयोजित किया गया। जिसमें अल्पसंख्यकों को प्रदत्त मिलने वाले अधिकारों पर चर्चा की गई।  मिले जिसके वह हकदार हैं। साथ अल्पसंख्यकों के उद्धार के लिए केंद्र सरकार और राष्ट्रपति से सच्चर कमेटी और रंगनाथ मिश्रा कमेटी की सिफारिशों को लागू कराने की मांग को लेकर ट्वीट किया गया।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए क्षेत्रीय लोगों ने कहा कि अल्पसंख्यकों जो अधिकार प्रदत्त किए गए हैं। उन्हें उसका लाभ जरूर मिलना चाहिए। हकदार को उसका हक मिले, तब बात बनेगी। 2005 में केंद्र सरकार ने मुसलमानों के सामाजिक, आर्थिक और शैक्षिक पिछड़ेपन से जुड़े मुद्दों की जांच के लिए सच्चर कमेटी बनाई थी। डेढ़ साल के बाद यानी 30 नवंबर 2006 को कमेटी ने अपनी रिपोर्ट लोकसभा में पेश की थी। इसी रिपोर्ट के आधार पर प्रधानमंत्री ने 20 फ़ीसदी से अधिक मुस्लिम आबादी वाले जिलों में अल्पसंख्यकों के उद्धार के लिए 15 सूत्रीय कार्यक्रमों को लागू करने का फैसला लिया। लेकिन 14 साल बीत जाने के बाद भी कमेटी की रिपोर्ट को लागू नहीं किया जा सका है।

सामाजिक कार्यकर्ता व पूर्व एएमयू छात्र जमीरुल हसन ने अधिकार दिवस पर कहा कि केंद्र सरकार मुस्लिमों के सशक्तिकरण के लिए बनी सच्चर कमेटी की सिफारिशों को लागू करे। सरकार अल्पसंख्यकों के लिए चला रही योजनाओं में क्रियान्वयन करके मुस्लिम बस्तियों को वरीयता देते हुए उन्हें धरातल पर उतारे। नौकरियों में मुस्लिम अल्पसंख्यकों को आरक्षण दिया जाए।

सैय्यद राशिद अली ने कहा कि शिक्षा हो या आर्थिक क्षेत्र सभी जगह अल्पसंख्यकों का पिछड़ापन नजर आ रहा है। केंद्र सरकार से इसे दूर करे।

भूतपूर्व सैनिक इरशाद अली ने कहा कि अल्पसंख्यकों को शिक्षा, रोजगार के भरपूर अवसर उपलब्ध कराने होंगे, तब ही सच्चे मायने में अल्पसंख्यकों का विकास हो पाएगा, जिसमें शिक्षा सबसे महत्वपूर्ण कड़ी है।

हिफजुल हसन ने कहा कि अधिकार तो अधिकार होते हैं चाहे जिसके भी हों। इसमें अनदेखी नहीं करनी चाहिए। सभी को समान अधिकार मिलना चाहिए।

इस मौके पर जमीरुल हसन, रहमान शाह, मुहम्मद नवाज खान, तारिक अनवर खान, शाहबाज खान, आशिक अली आदि मौजूद रहे।
संवाद:- नूर इस्लाम