August 5, 2021

DVNA

Digital Varta News Agency

शादी का वादा करके सेक्स करना हमेशा रेप नहीं: हाईकोर्ट

नई दिल्ली डीवीएनए। बलात्कार मामले की सुनवाई के दौरान, दिल्ली उच्च न्यायालय ने अपने एक फैसले में कहा है कि शादी के वादे पर शारीरिक संबंध बनाना बलात्कार नहीं है।

दिल्ली उच्च न्यायालय ने कहा कि आपसी सहमति से लंबे समय तक शारीरिक संबंध को बलात्कार की श्रेणी में नहीं रखा जा सकता है और लंबे समय तक शारीरिक संबंध के आधार पर बलात्कार का मामला दर्ज नहीं किया जा सकता है।

उच्च न्यायालय ने इसी तरह के बलात्कार मामले में आरोपी को बरी करने के निचली अदालत के फैसले को बरकरार रखते हुए यह टिप्पणी की।

न्यायमूर्ति विभू बाखरू ने निचली अदालत के खिलाफ अपील खारिज कर दी। उन्होंने कहा कि महिला और आरोपी दोनों लंबे समय से एक-दूसरे के साथ शारीरिक संबंध रखते हैं। अदालत ने यह भी कहा कि महिला ने निचली अदालत के फैसले के खिलाफ अपील दायर करने में भी 640 दिन की देरी की है।