May 13, 2021

DVNA

Digital Varta News Agency

आश्चर्य: हदबंदी न होने की हो गई हद, किसान पर चढ़ा कर्ज

बांदा डीवीएनए। जिले में हदबंदी के न्याययिकमामलों के निस्तारण में शीघ्रता की जगह विलंबता हावी है। एक साल से अधिक समय हो जानें पर भी हदबंदी करनें की बजाय रोड़े अटकाना आखिर न्यायोचित कैसे माना जाये।
इसी से संबंधितएक मामला अतर्रा तहसील के ग्राम महुटा का हैं।यहां के मोती लाल ऩे हदबंदी के लिये एसडीएम कोर्ट में वाद दायर किया। मामला दायर किए हुए एक साल बीत गया पर गाटा संख्या६००,७००,एयर,गाटा,संख्या ५९९क, ३६ एयर की पैमाइश नहीं हुई ।आवेदन कर्ता अपने परिवार के गहने आदि बेचकर उस खेत में समतलीकरण, बोर में लगाया कर्ज ले के तार फिनिसिग करने के लिए तैयार हुआ तो जो पडोसीनें भूमि ग्राम समाज की बताकर महुटा चौकी से काम रूकुवा दिया। पूर्व प्रधान ऩे खेत में नाला बनवा दिया जिससे समतलीकरण की मिट्टी नष्ट हो गई । आरोप हैं की धमकी देते है की हम जोतने बोने नही देगे ।
पीडि़त नाप चाह रहे हैं तो नाप नहीं हो पा रही। विधायक औऱ प्रशासन से कई बार निवेदन किया पर हदबंदी नाप नहीं हो पा रही ।यह एक गंभीर मामला हैं जिसकी जांच कर हदबंदी प्रक्रिया का निपटारा होना चाहिए।ताकि पीडि़त को न्याय मिले और वह खेती कर परिवार का भरण-पोषण करें।
संवाद विनोद मिश्रा