May 13, 2021

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धड़ल्ले से हो रही मिलावटी दूध व घी की बिक्री

मुरादाबाद। डीवीएनए
खाद निरीक्षक की मिलीभगत से नगर में ग्रामीण क्षेत्रों में सिंथेटिक में मिलावटी दूध में घी का कारोबार धड़ल्ले से चल रहा है

नगर पंचायत कांठ में आसपास के दर्जनों गांव के दूधिये सैकड़ों कुंटल दूध व मावा लाते हैं लेकिन अधिकांश दूधिये मिलावटी व सिंथेटिक दूध लाकर यहां बेचते हैं। नकली व मिलावटी खाद्य पदार्थों की बिक्री रोकने के लिए शासन ने नगर के में खाद निरीक्षक तैनात कर रखा है लेकिन यह कब आते हैं और कब चले जाते हैं किसी को कुछ पता नहीं है। तहसील मुख्यालय होने के बाद भी खाद्य निरीक्षक का आज तक कोई कार्यालय यहां नहीं है।

नगर में आधा दर्जन से अधिक मशहूर किराना दुकानों पर इस समय सूखे दूध पाउडर की बिक्री प्रतिदिन 2 कुंटल से अधिक हो रही है। अनेक दूधिये पाउडर में रिफाइंड व अन्य केमिकल पदार्थ डालकर सिंथेटिक व मिलावटी दूध तैयार कर रहे हैं। इस दूध पाउडर से मावे का भी निर्माण हो रहा है। खाद्य निरीक्षक ने नगर में एक चपरासी को तैनात कर रखा है जो प्रत्येक दूधिया से प्रतिमाह दूध के हिसाब से चार सौ से लेकर पांच सौ रुपये तक बसूलता है और किराने की दुकानों से सैंपल ना भरने के लिए प्रतिमाह डेढ़ सौ रुपए प्रति दुकानदार से लेकर खाद निरीक्षक को देता है।

नकली व मिलावटी दूध के सेवन से छोटे बच्चों की सेहत पर प्रतिकूल असर पड़ रहा है। नगर व क्षेत्र में एक दर्जन से अधिक दूध की डेरिया हैं अधिकांश डेरियों में वनस्पति घी, रिफाइंड मिलाकर और इसमें केमिकल डालकर नकली देसी घी तैयार किया जा रहा है। नगर में सोमवार को साप्ताहिक बाजार में एक दर्जन से अधिक स्थानों पर लोग संभल व अन्य स्थानों से लाकर चर्बी से बना देसी घी 500 से 700 किलोग्राम के हिसाब से बेच रहे हैं।
संवाद अनिल शर्मा