September 29, 2021

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नए साल में चित्रकूट की धरती में लैंड करेंगे विमान, बढ़ेगा पर्यटन

बांदा (डीवीएनए)। चित्रकूट मंडल में भगवान राम की तपोभूमि चित्रकूट में नए वर्ष 2021 में विमान लैंड करेंगे और तब तीर्थ यात्रियों की चित्रकूट हवाई यात्रा करने का सपना साकार हो जाएगा। इस सपने को साकार करने के लिए कार्यदाई संस्थाएं युद्ध स्तर पर कार्य कर रही हैं। कुछ माह में ही काम पूरा होने पर 70 लीटर क्षमता वाले विमान आसानी से नवनिर्मित हवाई पट्टी पर उतरेंगे और तब चित्रकूटमंडल के चारों जिलों बांदा, चित्रकूट, महोबा, हमीरपुर में पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा।
भगवान राम की तपोभूमि में आप जो देवांगना घाटी देख रहे हैं इसी में हवाई पट्टी का निर्माण हो रहा है इसकी शुरुआत 2015 में हुई थी। पहले चरण का काम 75 फीसदी तक पूर्ण हो चुका है, यही वजह है कि तैयार हुई हवाई पट्टी में हेलीकाॅप्टर के अलावा छोटे-छोटे विमान लैंड हो रहे हैं हालांकि अभी तक हवाई सेवा शुरू नहीं हुई है। कभी कभार इस हवाई पट्टी पर वीआईपी विमान आकर उतरते हैं। लेकिन केंद्र सरकार ने पर्यटन को बढ़ावा देने के उद्देश्य इसका विस्तारीकरण करने का निर्णय लिया। इसी के अंतर्गत हवाई पट्टी का विस्तारीकरण किया जा रहा है।
कार्यदाई संस्था राइट्स के परियोजना प्रबंधक की माने तो विस्तारीकरण का कार्य तेजी से चल रहा है। अगले कुछ माह के भीतर कार्य लगभग पूर्ण हो जाएगा। इसके बाद हवाई सेवा शुरू हो जाएगी। हवाई पट्टी के साथ एयरपोर्ट की ओर से वेटिंग रूम व सामान चेक करने के लिए प्रतीक्षालय बनाया जाएगा।
देवांगना घाटी में हवाई शुरू होने के बाद पर्यटन को खासतौर पर बढ़ावा मिलेगा। अभी विदेशी पर्यटक बहुत ही कम संख्या में यहां आ रहे है। उनको आने के लिए खजुराहो, इलाहाबाद तक ही हवाई सेवा की सुविधा मिल पाती है। देवांगना घाटी में इसकी सुविधा मिलने से पर्यटक लखनऊ, दिल्ली, इलाहाबाद आदि जगहों से सीधे प्लेन के जरिए चित्रकूट घूमने आएंगे। इससे सरकार को राजस्व का लाभ मिलेगा। इसके साथ ही पर्यटन स्थल भी विकसित होंगें।
हवाई सेवा शुरू होने से चित्रकूट के अलावा आसपास के पर्यटन स्थलों में भी विदेशी पर्यटकों की संख्या में बढोत्तरी होगी। इसके साथ ही बांदा जिले के ऐतिहासिक कालिंजर दुर्ग में भी विदेशी पर्यटक आ सकेगें। हवाई सुविधा मिलने के बाद बुन्देलखण्ड के विकास को भी पंख लगेगें।
संवाद विनोद मिश्रा