April 20, 2021

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नगर पालिका के कार्यों से बिगड़ी बाजार की तस्वीर, हनुमानगढ़ी मार्केट हुआ बंद

कासगंज (डीवीएनए)। गंजडुंडवारा में एक तरफ कोविड 19 की मार झेल रहा बाजार, तो दूसरी तरफ नगर पालिका के कार्यों से बाजार की स्थिति बिगड़ती हुई नजर आ रही है। बाजार में बैठे दुकानदार ग्राहकों का इंतजार करते हैं , क्योंकि सारी आर्थिक गतिविधियां धीमी पड़ चुकी है, इसी के साथ कासगंज जनपद की नगर पालिका गंजडुंडवारा द्वारा कराए जा रहे निर्माण कार्यों से बाजार में दुकानें बंद नजर आ रही है , जिस कारण दुकानदारों को खासी परेशानी का सामना करना पड़ा है । साथ ही बाजार में आने वाले ग्राहकों को परिश्रम कर खाली हाथ वापस लौटना पड़ रहा है ।
यह तस्वीर नगर पालिका गंजडुंडवारा के सुदामापुरी रोड स्थित हनुमानगढ़ी मार्केट की है । जहां नाला निर्माण के कारण दिन में कराए जा रहे कार्यों से दुकानें बंद नजर आ रही है । ऐसी स्थिति में दुकान बंद होने के कारण दुकानदारों के सामने दैनिक जीवन में खर्चों को चलाना दिक्कत भरा साबित हो रहा है। एक तरफ सड़क का भी निर्माण हो रहा है, जिस कारण बाजारों होने वाली आवाजाही भी कम हो गई है । तो दूसरी तरफ दुकानें बंद होने से बाजार की तस्वीर बदली हुई नजर आ रही है ।
सिलाई मशीन मिस्त्री – तसलीम
ऐसे में हनुमानगढ़ी मार्केट में मजदूरी कर पैसा कमाने वाले सिलाई मशीन मिस्त्री तस्लीम कहते हैं कि इस दौर में घर के खर्चों को पूरा करना बड़ी मुसीबत है क्योंकि लॉकडाउन के कारण पहले तो बाजार में ग्राहक ही कम आ रहे हैं दूसरी ओर दुकानें बंद होने के कारण लोग इस रास्ते पर आना पसंद ही नहीं कर रहे ।
संचालक – अयाज
भारतीय स्टेट बैंक ग्राहक सेवा केंद्र भी नाला निर्माण को लेकर बंद हो गया है । ऐसे में दैनिक आर्थिक गतिविधियों में बैंक शाखा पर आने वाले ग्राहक भी वापस लौट रहे हैं । जिस कारण शाखा से धन की जमा – निकासी करने वाले ग्राहकों के सामने आर्थिक तंगी हो गई है ।
मोबाइल शॉप संचालक – अशोक कुमार
हनुमानगढ़ी मार्केट में दुकान करने वाले अशोक कुमार कहते हैं कि नाला निर्माण दिन में होने से आर्थिक गतिविधियां ठप पड़ी हुई है नाले का निर्माण दिन की जगह कर रात में कराया जाए ।
टेलर्स मास्टर – मोहम्मद लाईक राज
सिलाई कार्य करने वाले मोहम्मद लाईक कहते हैं कि कोविड 19 की मार झेल चुके दुकानदारों के लिए इस दौर में खर्चे पूरे करना चुनौती है। विकास कार्य तो ठीक हैं , लेकिन किसी की आमदनी को रोककर विकास कार्य कराना व्यक्ति के पेट पर लात मारने जैसा है । नाले का निर्माण निरंतर चलता रहे , लेकिन निर्माण दिन की जगह रात में कराया जाए ।