October 17, 2021

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Digital Varta News Agency

गिरफ्त में आया तीन किशोरों सहित दर्जनों जाने लेने वाला आदमखोर तेंदुआ

लखीमपुर खीरी। डीवीएनए

यूपी के लखीमपुर खीरी में पिछले लगभग तीन महीनों से आतंक का पर्याय बना तेंदुआ आखिरकार आज पिंजड़े में कैद हो ही गया। वन विभाग की टीम व ग्रामीणों ने इसके पकड़े जाने से राहत की सांस ली है।

जिले के थाना ईसानगर क्षेत्र में यह तेंदुआ बीते तीन महीनों से आतंक मचाये हुये था। इसके डर से ग्रामीणों ने अपने गन्ने के खेतों में गन्ना छिलाई करना बन्द कर दिया था। काफी जतन करने के बाद आज वन विभाग की टीम को बड़ी कामयाबी मिली है। इस तेन्दुए के पकड़े जाने से लगभग आस पास के आधा दर्जन गांव के ग्रामीणों की सांस में सांस आयी है।

आपको बता दें कि यह तेंदुआ तीन किशोरों सहित कई मवेशियों को भी अपना निवाला बना चुका है। इसे पकड़ने के लिये वन विभाग की टीम द्वारा काफी पहले ही अलग अलग स्थानों पर दर्जनों कैमरे व पिंजड़े लगाये गये थे , लेकिन यह चकमा देकर पिंजड़े में बांधे गये शिकार को निकाल ले जाता था।

वन विभाग की टीम ने इसे पकड़ने के लिये जो पिजड़े लगाये थे उन्हीं में से क्षेत्र के बेलागढ़ी में लगे पिंजड़े में आज यह कैद हो गया । इससे पूर्व यह चालाक तेंदुआ वन विभाग को धता बताकर भाग गया था , और पिंजड़े में इसकी जगह दूसरी मादा तेंदुआ कैद हो गई थी , जिसे जंगल में छोड़ा गया था।

भूख के चलते आज किसी इन्सान या मवेशी को अपना निवाला बनाने के चक्कर में यह पिंजरे में कैद हो गया । ग्रामीणों की मदद से वन विभाग की टीम ने इसे पकड़ कर दुधवा के जंगलों में छोड़ा है।

मिली जानकारी के मुताबिक यह तेंदुआ कर्तनिया घाट घाघरा नदी की तलहटी से होते हुए ईसानगर क्षेत्र में पंहुचा था।

वैसे तो आदमखोर हो चुके इस हिंसक तेन्दुए का आतंक आज समाप्त हो जाने से ग्रामीणों ने राहत की सांस ली है .बताया जाता है कि इसके अलावा अभी और एक दूसरा तेंदुआ भी जंगल से निकल कर नदी की तलहटी में स्थित गांवों में देखा गया है , जिसे पकड़ा जाना अभी बाकी है।
संवाद राकेश पाण्डेय