April 20, 2021

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Digital Varta News Agency

छिहत्तर साल का अकेलापन !

ध्रुप गुप्त
डीवीएनए। साइबेरिया में घने जंगलों में एक इलाका है जिसके 150 किमी के दायरे में कोई इंसानी आबादी नहीं है। सर्दियों में वहां का तापमान – 50 डिग्री तक गिर जाता है। क्या ऐसे दुर्गम और कठिन इलाके में कोई व्यक्ति अकेला भी रह सकता है ?

हाल में ऐसी ही एक औरत 76-वर्षीय अगफाया लाइकोवा का पता लगा है। 1936 में स्टालिन के धार्मिक उत्पीड़न से बचने के लिए रूस के कई परिवार यहां आकर बस गए थे। हालात सामान्य होने के बाद बाकी लोग तो शहरों में लौट गए, लेकिन अगफाया का परिवार इन्हीं जंगलों में मर-खप गया। अगफाया ने शहर लौटने से मना कर दिया। जंगल में अपने लिए अनाज और सब्जियां खुद उगाती हुई पैतृक संपत्ति के रूप में प्राप्त एक बाइबिल के सहारे उसने जीवन के छिहत्तर साल काट दिए।

शहरों और वहां की सुख-सुविधाओं की उसे जानकारी नहीं है। अगफाया के बारे में खबरें फैलने के बाद लोग उसे देखने पहुंचने लगे हैं। उसे दुनिया की सबसे अकेली औरत कहा जा रहा है। रूस के एक व्यवसायी ओलेगा देरिपास्का ने उसके लिए उसी जगह पर आधुनिक सुविधाओं से लैस एक खूबसूरत घर बनाने की घोषणा की है।
यह देखना दिलचस्प होगा कि प्रकृति के बीच जीवन का बड़ा हिस्सा गुज़ार देने के बाद क्या अगफाया आधुनिक सुविधाओं के साथ सामंजस्य बिठा भी पाएगी ?
(लेखक पूर्व आईपीएस अधिकारी हैं)