July 24, 2021

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2020 में सोशल मीडिया पर छाए रहे ये बिहारी

पटना। डीवीएनए

बिहारी हमेशा से ही अपने विलक्षण प्रतिभा से जाने जाते है। चाहे वह राजनीती हो, संगीत हो या शिक्षा हो। वर्ष 2020 में भी कुछ बिहार से ऐसे चेहरे ने देश में अपना पहचान बनाया। सोशल मीडिया पर नेहा सिंह राठौर, पुष्पम प्रिया चौधरी, खान सर और आरके श्रीवास्तव रहे चर्चा में।

नेहा सिंह राठौर

बिहार विधानसभा चुनाव (Bihar Assembly Elections) में अपने एक गाने से चर्चा में आई नेहा सिंह राठौर। एक सामान्य घर की लड़की नेहा सिंह राठौर (Neha Singh Rathore) सोशल मीडिया पर अचानक स्टार बन गई है। जिसके फॉलोवर की संख्या मिलियन में पहुंच गई है। इतना ही नहीं वो उन नेताओं की पहली पसंद बन गई है जो किसी सीट पर हार गए हो या पहली बार चुनाव लड़ रहे हैं। दरअसल बिहार की इस बेटी ने कई गाना गाया है, जिसमें एक गाने की बोल है बिहार में का बा, जो विपक्षी दलों के नेताओं लिए मुद्दा बन गया है। आइये जानते हैं आखिर कौन है ये नेहा सिंह राठौर और क्यों गाती हैं ऐसा गाना।

कैमूर जिले के जलदहां गांव निवासी रमेश सिंह की बेटी है नेहा सिंह राठौर। वह 2018 में यूपी के कानपुर से स्नातक की पढ़ाई करने के बाद संगीत के क्षेत्र में आ गई और वो लोकगीत गा रही हैं, जो बिहार विधानसभा चुनाव आते ही सोशल मीडिया पर छा गई थी। फेसबुक और ट्विटर पर उनके फॉलोवर्स की संख्या बढ़ गई है।

चुनाव नजदीक आने पर नेहा का एक गीत सोशल मीडिया पर खूब छाया हुआ था, जिसमें उन्होंने गाया है- बिहार में का बा, नेहा बताती हैं कि वो अपना हर गाना फेसबुक और ट्विटर पर जरूर डालती हैं। उन्होंने एक गाना बेरोजगारी पर भी गाया था, जिसे प्रधानमंत्री मोदी के जन्मदिन के समय लोगों ने सोशल मीडिया पर खूब शेयर किया था, जिसमें विपक्षी दलों के नेताओं की भी संख्या खूब थी।

नेहा का कहना है कि उन्होंने कभी भी गाना वायरल होने के मकसद से गाने को नहीं लिखा, हां वो जन समाज की आवाज बनना चाहती हैं।

नेहा ने कहा कि जो लोग अपनी बात रखने से डरते हैं, वो उनके लिए गाना लिखती हैं और सरकार तक अपने गाने के माध्यम से उनकी बातें पहुंचाती हैं। सरकार को चुनौती देने वाले गानों को लिखने में डर नहीं लगता, क्योंकि मुझे लोकतंत्र का नियम पता है, सरकार ने कहा है कि आप सवाल कर सकते हैं।

खुद को बिहार का सीएम उम्मीदवार घोषित करके सभी को चौंकाने वाली पुष्पम प्रिया दस साल में बिहार को बदलने की बात कहती हैं। उनका कहना है कि बिहार को यहां मौजूद सभी राजनेताओं से छुटकारा चाहिए।

पुष्पम प्रिया चौधरी
पुष्पम प्रिया ने कहा, जो असली बिहारी हैं, वे बिहार को चलाएं। यहां कभी भी, कोई भी, किसी के साथ हो लेता है। सब एक ही हैं, सभी को पता है कि अगर एक शिक्षित मुख्यमंत्री बन गया तो ये फिर कभी वापस नहीं आ पाएंगे।

बदहाली के लिए यहां की राजनीति को जिम्मेदार मानते हुए पुष्पम कहती हैं, यहां कोई भी काम नहीं हुआ है, हर तरफ दिक्कतें हैं। संस्थागत ढांचा बहुत कमजोर है। मैं विदेश में रही हूं, वहां का लोकतंत्र देखा है, ऐसे नहीं चलता, जैसे यहां। यहां लोगों का महत्व नहीं है। सरकारी तंत्र ऐसे पेश आता है, जैसे वह हमारे लिए नहीं, हम उनके लिए काम करते हैं। यह तभी सुधरेगा जब सत्ता में बैठे मठाधीश हटेंगे।

खान सर
सोशल मीडिया पर कब क्या वायरल हो जाए यह किसी को भी नहीं पता, पटना के खान सर का कई वीडियो वायरल हो गया। सबसे पहले एक ऐसा वीडियो वायरल हुआ जिसे देखकर आपको हंसी भी आएगी और टीचर के पढ़ाने का अंदाज भी बेहद पसंद आएगा, दरअसल, कोरोना वायरस संकट के बीच सभी स्कूल-कॉलेज से लेकर शैक्षणिक संस्थान बंद हैं, दूसरी तरफ ऑनलाइन क्लासेज के जरिए बच्चों की पढ़ाई हो रही है। इसी बीच ऑनलाइन पढ़ाने वाले एक टीचर का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। वीडियो में टीचर के पढ़ाने का अंदाज सोशल मीडिया यूजर्स को काफी पसंद भी आ रहा है।

वीडियो को आईपीएस अरुण बोथरा ने अपने ट्विटर हैंडल से शेयर किया था। वीडियो के साथ अरुण बोथरा ने ‘अगर मुझे ऐसा शिक्षक मिला होता तो मैंने यूपीएससी टॉप कर लिया होता’ कैप्शन भी लिखा है। आईपीएस अरुण बोथरा टीचर के पढ़ाने के अंदाज को काफी पसंद किया गया। उनके ट्वीट पर बड़ी संख्या में यूजर्स टीचर के पढ़ाने के तरीके की तारीफ करते दिख रहे थे। बड़ी बात यह है कि सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो पटना के टीचर खान सर का था।

आरके श्रीवास्तव
आर के श्रीवास्तव के शैक्षणिक कार्य शैली और पाठशाला “सुपर थर्टी” से कम सुपर नहीं है। सिर्फ 1 रू गुरू दक्षिणा लेकर सैकड़ों गरीबों को आईआईटी, एनआईटी, बीसीईसीई, एनडीए सहित देश के प्रतिष्ठित संस्थानो में दाखिला दिलाकर उनके सपने को पंख लगाया है। संसाधन की कमी के बाबजूद आर के श्रीवास्तव ने पढाना आरंभ कर आज जो मुकाम हासिल किया है और जिस तेजी से उस पथ पर अग्रसर होते हुए, गरीब स्टूडेंट्स को इंजीनियर बना रहे है उसकी जितनी भी प्रशंसा की जाए वह कम है। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद भी आर के श्रीवास्तव के शैक्षणिक कार्यशैली से काफ़ी प्रभावित हो, प्रशंसा कर चुके हैं।

वहीं आर के श्रीवास्तव के शैक्षणिक आॅगन से सिर्फ 1रू गुरू दक्षिणा में छात्र शिक्षा ग्रहण कर इंजीनियर तो बन ही रहे है, वहीं कई छात्र NDA में सफल हो भारतीय सेना के विभिन्न अंगों में सेवा देने के लिये भी सफल हो रहे हैं, इसके अलावा श्रीवास्तव अपने माँ के हाथों प्रत्येक वर्ष 50 गरीब स्टूडेंट्स को निःशुल्क किताबे बंटवाने के पुनीत कार्य भी करते हैं।

साथ ही जाङे के दिनों में अपनी क्षमता के अनुसार कम-से-कम 100 जरूरतमंदो को खुद घर-घर पहुँचकर एवं सङक किनारे ठंड से कांपते लोगो को कंबल बाँटने का पुनीत कार्य भी करते हैं। ऐसे कई सारे सामाजिक कार्यो के लिए भी आर के श्रीवास्तव मशहूर हुए हैं। शिक्षा के क्षेत्र में इनके द्वारा चलाया जा “Wonder Kids Program” और “Night Classes” अद्भुत है। Google boy “Kautilya Pandit” के गुरू के रूप में भी देश इन्हें जानता है।

मैथमेटिक्स गुरु फेम आरके श्रीवास्तव यानी गणित पढ़ाने का दीवाना, पूरी रात लगातार 12 घण्टे छात्रों को गणित का गुर सिखाते, वर्ल्ड रिकॉर्ड्स होल्डर मैथमेटिक्स गुरु फेम आरके श्रीवास्तव जादुई तरीके से खेल-खेल में गणित का गुर सिखाने के लिए मशहूर हैं। चुटकले सुनाकर खेल-खेल में पढ़ाते हैं। गणित के मशहूर शिक्षक मैथमेटिक्स गुरु फेम आरके श्रीवास्तव जादुई तरीके से गणित पढ़ाने के लिए जाने जाते हैं। उनकी पढ़ाई की खासियत है कि वह बहुत ही स्पष्ट और सरल तरीके से समझाते हैं। सामाजिक सरोकार से गणित को जोड़कर, चुटकुले बनाकर सवाल हल करना आरके श्रीवास्तव की पहचान है।

कचरे से खिलौने बनाकर सैकड़ों स्टूडेंट्स को गणित सिखा चुके हैं।