April 19, 2021

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276 निर्माण श्रमिकों की मेधावी बेटियों को मिली साइकिल

आगरा। (डीवीएनए)प्रदेश के मंत्री श्रम एवं सेवायोजन स्वामी प्रसाद मौर्य द्वारा मंगलवार को बी0डी0 जैन महाविद्यालय में आयोजित कार्यक्रम में उ0प्र0 भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड द्वारा निर्माण श्रमिकों के कल्याण के लिए संचालित विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं के लाभार्थियों को हितलाभ वितरण किया गया। कार्यक्रम में मंत्री एवं जनप्रतिनिधियों द्वारा श्रमिकों की सभी योजनाओं का लाभ वितरित किया गया।

जिसमें कन्या विवाह योजना के अन्तर्गत 313 श्रमिकों की पुत्रियों के विवाह के पश्चात् रु0 एक करोड़ 72 लाख 70 हजार की धनराशि के प्रमाण-पत्र वितरित किये गये। धनराशि सीधे लाभार्थियों के खाते में अंतरित की जायेगी। मृत्यु विकलांगता एवं अक्षमता सहायता योजना के अन्तर्गत 122 श्रमिकों को रु0 02 करोड़ 91 लाख 75 हजार की धनराशि के प्रमाण-पत्र वितरित किये गये। शिशु, मातृत्व एवं बालिका आशीर्वाद योजना के अन्तर्गत 76 श्रमिकों को रु0 13 लाख 55 हजार 534 की धनराशि के प्रमाण-पत्र वितरित किये गये। चिकित्सा सुविधा योजना अन्तर्गत 7293 श्रमिकों को (आगरा के 3007 श्रमिक, मथुरा के 3533 श्रमिक, फिरोजाबाद के 02 श्रमिक एवं जनपद मैनपुरी के 751 श्रमिक) रु0 02 करोड़ 14 लाख 75 हजार की धनराशि के प्रमाण-पत्र वितरित किये गये। संत रविदास शिक्षा सहायता योजना के अन्तर्गत संचालित साइकिल सहायता योजना में 10 वीं एवं 12वीं कक्षा पास करने के उपरान्त 276 निर्माण श्रमिकों की पुत्रियों को साइकिल वितरित की गई। उप श्रम आयुक्त द्वारा सुने जा रहे वादों में कर्मचारी प्रतिकर अधिनियम 1923 के अन्तर्गत 09 निस्तारित वादों में कुल 23 आश्रितों को रु0 64 लाख 96 हजार 146 की धनराशि के प्रमाण-पत्र वितरित किये गये तथा आपदा राहत योजना के अन्तर्गत एक लाख 27 हजार एक सौ 68 श्रमिकों को रू0 12 करोड़ 71 लाख 68 हजार की धनराशि दो किस्तों में उनके खातों में अंतरित की गई।

निःशुल्क आवासीय विद्यालय :-

मजदूरों के बच्चों को निःशुल्क पढ़ाई, निःशुल्क किताब-कॉपी, निःशुल्क हॉस्टल, निःशुल्क खाना-पीना एवं निःशुल्क खेलकूद की सुविधा जिस प्रकार की सुविधा नवोदय विद्यालय में मिलती है। उसी नवोदय विद्यालय के तर्ज पर मजदूरों के बच्चों एवं अनाथ बच्चों को भी पढ़ने के लिए अटल आवासी विद्यालय बनने जा रहा है।

श्रमिकों के बच्चों को इसे मिलेगी शिक्षा में सहायता:-

संत रविदास शिक्षा सहायता छात्रवृत्ति योजनान्तर्गत सभी पंजीकृत निर्माण कर्मकारों/ श्रमिकों के बच्चों क शासकीय या मान्यता प्राप्त शिक्षा संस्थान के प्रधानाचार्य/सक्षम प्राधिकारी से 60 प्रतिशत उपस्थिति प्रमाण-पत्र सहित आवेदन किये जाने पर प्रतिमाह शिक्षा सहायता छात्रवृत्ति दिया जायेगा। कक्षा- 1 से 5 तक रु0 150, कक्षा – 6-10 रु0 200, कक्षा- 11-12 रु0 250, शासकीय संस्थाओं में आईटीआई या समकक्ष प्रशिक्षण पाठ्यक्रम- रु0 500, शासकीय संस्थाओं में पॉलीटेक्निक या समकक्ष पाठ्यक्रम रू0 800, शासकीय संस्थाओं में इंजीनियरिंग पाठ््यक्रम रू0 3000, शासकीय संस्थाओं में मेडिकल पाठ्यक्रम रू0 5000, इंजीनियरिंग और मेडिकल के स्नातकोत्तर डिग्री हेतु रु0 8000 और किसी विषय में अनुसंधान हेतु रु0 12,000 प्रतिमाह छात्रवृत्ति दिया जायेगा। इसके साथ ही योजना के अन्तर्गत पंजीकृत निर्माण श्रमिकों की पुत्रियों को कक्षा 10 या कक्षा -12 उत्तीर्ण कर अगली कक्षा में प्रवेशित होने पर उन्हें आगे की पढ़ाई हेतु प्रेरित करने एवं उन्हे विद्यालय जाने हेतु रु0 3500 तक की साइकिल प्रदान की जायेगी। मेधावी छात्र पुरस्कार योजना के तहत् सभी पंजीकृत निर्माण कर्मकारों/श्रमिको के मेधावी बच्चों को शिक्षा के प्रति प्रोत्साहित करने और उच्च एवं व्यवसायिक शिक्षा से जोड़ने के लिए छात्र एवं छात्राओं को क्रमशः- कक्षा 5-7 में 55 प्रतिशत प्राप्तांक पर रू0 4000-4500, कक्षा 8 में 55, प्रतिशत प्राप्तांक पर रू0 5000-5500, कक्षा 10 में 50, प्रतिशत प्राप्तांक पर रु0 5000-5500 तथा कक्षा 12 में 50, प्रतिशत प्राप्तांक रु0 ,8000-10,000,बी0ए0, बी0एस0सी0, बी0कॉम, एम0ए0/एम0एम0सी0, एम0कॉम, एल0एल0बी0 ,पॉलीटेक्निकडिप्लोमा/इंजीनियरिंग/चिकित्सा डिग्री में 60 प्रतिशत प्राप्तांक पर रु0 10,000-22,000 की धनराशि पुरस्कार रूप में दो किश्तों में- प्रथम किश्त परीक्षा उत्तीर्ण करने और द्वितीय किश्त अगली कक्षा में प्रवेश लेने पर दिया जायेगा।

कन्या विवाह सहायता योजना :-

सभी पंजीकृत निर्माण श्रमिकों को कम से कम 100 दिन तक बोर्ड नियमित सदस्यता धारित करने वाले पंजीकृत निर्माण कर्मकारों/श्रमिकों की पुत्री के विवाह के लिए रु0 55,000 की धनराशि अनुदान के रुप में देय होगी। अन्तर्जातीय विवाह हेतु रु0 61,000 तथा एक साथ एक स्थल पर न्यूनतम 11 जोडों का सामूहिक विवाह होने की दशा में रु0 75,000 प्रति जोड़े की दर से भुगतान किया जायेगा।

गम्भीर बीमारी सहायता :-
ऐसे पंजीकृत निर्माण श्रमिक/उनके आश्रित जो आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना/मुख्यमंत्री जन आरोग्य योजना में आच्छादित नहीं है। की बीमारी की स्थति में उनके द्वारा किसी शासकीय चिकित्सालय में इलाज कराये जाने की दशा में ऐसी बीमारी पर आयुष्मान भारत योजना में चिकित्सा पर आने वाले व्ययभार के समतुल्य धनराशि की प्रतिपूति बोर्ड द्वारा की जायेगी। बीमारी की परिभाषा में वह समस्त बीमारियाँ सम्मिलित होगी जिन्हें आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन-आरोग्य योजना तथा ’मुख्यमंत्री जन-आरोग्य योजना में आच्छादित किया गया है।

अन्य योजनाओं के लाभ:-

इसी प्रकार निर्माण कामगार मृत्यु, विकलांगता, सहायता, अक्षमता, पेंशन योजना, कामगार अन्त्येष्टि सहायता योजना, महात्मा गांधी पेंशन योजना, आवास सहायता योजना तथा चिकित्सा सहायता योजनाओं के बारे में विस्तृत जानकारी दी गई। कार्यक्रम को मा0 राज्यमंत्री डा0 जी0एस0 धर्मेंश एवं चौ0 उदयभान सिंह, सांसद प्रो0 एस0पी0 सिंह बघेल, विधायक रामप्रताप सिंह चौहान एवं महापौर नवीन जैन ने मौजूद रहे।

संवाद:- दानिश उमरी