July 24, 2021

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Digital Varta News Agency

‘प्लास्टिक कप’ में चाय यानी धीमा ज़हर

अंतराराष्ट्रीय चाय दिवस (15 दिसंबर) पर विशेष

तेज रफ्तार दौड़ती जिंदगी के बीच गर्म चाय की चुस्की राहत तो देती है लेकिन अगर आप चाय का मज़ा प्लास्टिक के कप में ले रहे हैं तो सावधान हो जाइए। प्लास्टिक के कप में लगातार चाय या दूसरी गर्म चीज पीने से खतरनाक एलिमेंट आपके शरीर के अंदर पहुंचते हैं।

आप प्लास्टिक के कप में चाय नहीं, बल्कि ‘गर्म ज़हर’ पी रहे हैं। प्लास्टिक कप के केमिकल्स आपकी बॉडी को अंदर से बीमार बना रहे हैं। एक्सपट्र्स का कहना है कि प्लास्टिक के कप और बोतल में बिस्फिनॉल-ए और डाईइथाइल हेक्सिल फैलेट जैसे केमिकल्स पाए जाते हैं, जो कैंसर, अल्सर और स्किन रोगों का कारण बन रहे हैं।

एक्सपर्ट्स के अनुसार जो लोग घर में प्लास्टिक के कप में चाय-कॉफी या फिर प्लास्टिक की थाली में खाना खाते हैं वह काफी खतरनाक है। प्लास्टिक के कप और प्लेट में बिस्फिनॉल-ए और डाईडथाइल हेक्सिल फैलेट जैसे केमिकल्स पाए जाते हैं, जो गर्म पानी या चाय के प्लास्टिक के कॉन्टैक्ट में आने से टूटने लगते हैं और आपकी बॉडी में एंट्री करते हैं।

वहीं जो लोग प्लास्टिक की बोतल में पानी रखते हैं और उसे लगातार पीते हैं, उनके लिए भी खतरा बढ़ जाता है। क्योंकि बार-बार धोने से भी प्लास्टिक की बोतल में से केमिकल्स निकलने लगते हैं।
जितना गर्म उतना खतरा

ज्यादा गर्म चीजों के प्लास्टिक के कप या प्लेट में पीने-खाने से टॉक्सिक आइटम्स के बॉडी में पहुंचने की संभावना बढ़ जाती है। उन्होंने बताया कि बिस्फिनॉल-ए डाउन सिंड्रोम और मानसिक विकलांगता को जन्म देता है। एक हफ्ते प्लास्टिक की बोतल का उपयोग करने से उससे टॉक्सिक एलिमेंट आने लगते हैं।
डिजिटल वार्ता ब्यूरो