September 29, 2021

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Digital Varta News Agency

किसान विरोधी कानूनों के विरोध में दिन भर हुए प्रदर्शन, सौंपे गए ज्ञापन

मुरादाबाद-ठाकुरद्वारा डीवीएनए । भारतीय किसान यूनियन के कार्यकर्ताओं ने कृषि बिल वापस लिए जाने सहित तीन मुद्दों पर प्रदर्शन करते हुए प्रधानमंत्री को संबोधित ज्ञापन उपजिलाधिकारी को सौंपा है। उधर उत्तर प्रदेश किसान सभा ने भी प्रदर्शन करते हुए राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन उपजिलाधिकारी को सौंप कर कृषि बिल वापस लेने की मांग की है।
सोमवार को भारतीय किसान यूनियन के दर्जनों कार्यकर्ताओं ने निकटवर्ती ग्राम रामुवाला गनेश स्थित कैम्प कार्यालय पर केंद्र सरकार के विरुद्ध जमकर नारेबाजी करते हुए कृषि बिल को काला कानून बताते हुए भाजपा सरकार पर जमकर निशाना साधा। इस दौरान भाकियू कार्यकर्ताओं ने प्रधानमंत्री को संबोधित ज्ञापन उपजिलाधिकारी अवनीश कुमार को सौंपा । ज्ञापन में कहा गया है कि तीनों कृषि कानूनों को तुरंत वापस किया जाए। स्वामीनाथन आयोग की शिफारिशों को तत्काल प्रभाव से लागू किया जाए और गन्ने का मूल्य तुरंत बढ़ाये जाने की मांग की गई है।
इस दौरान पुलिस क्षेत्राधिकारी, अनूप यादव, कोतवाली प्रभारी सतेंद्र सिंह,तथा भाकियू नेता चैधरी राजेन्द्र सिंह,हरिराज सिंह, टिकराज सिंह,हरिसिंह, चैधरी अय्यूब रोशन जंहा बिजेंद्र सिंह, संतोष आदि भाकियू कार्यकर्ता मौजूद रहे।उधर किसानो की मांगों के समर्थन में उतरे उत्तर प्रदेश किसान सभा के अनेकों कार्यकर्ताओं ने नगर में जुलूस निकालकर उपजिलाधिकारी कार्यालय पर जमकर नारेबाजी करते हुए प्रदर्शन किया।
इस दौरान उत्तर प्रदेश किसान सभा द्वारा राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन उपजिलाधिकारी को सौंपा गया जिसमें कहा गया है कि देशभर से करोड़ो किसान काले कानून के विरोध में सड़कों पर उतरे हुए हैं और सरकार ने इन्हें वापस नहीं लिया तो किसान बर्बाद हो जाएंगे। ज्ञापन में मांग की गई है कि तीनों कृषि कानूनों को वापस लिया जाए,कारपोरेट खेती और ठेका खेती से किसानों के गले में फंदा डालना बन्द किया जाए,किसानों का सभी कर्ज माफ किया जाए,किसानो को 10 हजार रुपये मासिक बृद्धा वस्था पेंशन दिलाई जाए,और 2020 का बिजली बिल माफ किया जाये।
इस मौके पर प्रदर्शन कर ज्ञापन देने वालों में प्रीतम सिंह, कामरेड मास्टर रामपाल सिंह, कामरेड करन सिंह, गुलशेर अली, डॉ सईद सिद्दीकी, हाजी कल्लू, बलवीर सिंह, नरेश सिंह, रमेश, मीना चैहान, रेखा रानी, राधा रानी, वीरसिंह आदि अनेक कार्यकर्ता मौजूद रहे।
यामीन विकट