September 29, 2021

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किसानों ने घेरा महिला विधायक व राज्यमंत्री का आवास, दोनों गायब

रामपुर। डीवीएनए

कृषि विधेयक कानून को लेकर आज किसानों का सभी मुख्यालय पर मंत्री ,सांसद, विधायक और सांसद के आवास का घेराव का कार्यक्रम था। इस कार्यक्रम के तहत आज भारतीय किसान यूनियन के सभी संगठनों के पदाधिकारियों और किसानों ने सबसे पहले राज्य मंत्री बलदेव सिंह औलख के आवास का घेराव किया।

उसके बाद भाजपा की विधायक राजबाला का घेराव किया और उसके बाद डीएम आवास का घेराव किया। इस दौरान चप्पे-चप्पे पर पुलिस थी और उसके बाद राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन सिटी मजिस्ट्रेट को दिया।

देश में इन दिनों किसानों का आंदोलन बहुत तेजी से और बढ़ता जा रहा है यह कृषि विधेयक कानून को लेकर देश का किसान आक्रोश में है। और पिछले 18 दिन हो गए खुले आसमान के नीचे सड़क पर दिल्ली में विरोध प्रदर्शन करने को मजबूर है।

और इस कृषि विधेयक कानून को वापस करने की मांग कर रहा है। इसी कानून को लेकर आज पूरे देश में सरकार के मंत्रियों विधायकों और सांसदों का किसानों द्वारा घेराव का कार्यक्रम था। जिसमें आज तहसील बिलासपुर में जल संचय राज्य मंत्री बलदेव सिंह औलख का आवास का किसानों का घेराव किया वह घर पर नहीं थे। उसके बाद भाजपा की मिलक की विधायक राजबाला के आवास का घेराव किया वह भी घर पर नहीं मिली।

उसके बाद डीएम आवास का घेराव किया डीएम साहब भी किसानों से नहीं मिले। उसके बाद राष्ट्रपति को सम्बोधित ज्ञापन सिटी मजिस्ट्रेट को दिया।

भारतीय किसान यूनियन के वरिष्ठ राष्ट्रीय उपाध्यक्ष मोहम्मद हनीफ वारसी से हमने बात की तो उन्होंने कहा  हम ने राज्य मंत्री बलदेव सिंह औलख के आवास का घेराव किया वे नही मिले।

हनीफ़ वारसी ने कहा राज्यमंत्री हमारी विधानसभा से विधायक है  और यहीं से मंत्री बने हैं और 99% वोट हम लोगों ने इनको दिया है।हनीफ़ वारसी ने कहा हमने तो राज्यमंत्री से ये कहना है वे इस किसान विरोधी सरकार से इस्तीफा देकर किसान के साथ आ जाये हम दोबारा आप को जिता देंगे।

हनीफ वारसी ने कहा आज हमारा राष्टीय आहवान धरना आंदोलन था।

बीजेपी के सांसद विधायक और मंत्रियों के आवास का घेराव का। सबसे पहले हमने राज्य मंत्री बलदेव सिंह औलख का बिलासपुर में आवास का घेराव किया वे नहीं मिले उसके बाद भाजपा की मिलक विधायक राजबाला की आवास का घेराव किया वह नहीं मिली, मिली तो वहां पुलिस मिली।

उसके बाद हम किसान कलेक्ट्रेट जा रहे थे तो हमें रोक दिया तभी अंबेडकर पार्क पर सड़क पर बैठ गए। हनीफ वारसी ने कहा यह धरना प्रदर्शन ज्ञापन एक नमूना है। हनीफ़ वारसी ने कहा कल से हम दिल्ली के लिए कूच कर रहे हैं।

अगर सरकार ने यह तीनों काले कानून वापस नहीं लिए तो उसके बाद हम अपने पशुओं को भी वहां पर लेकर जाएंगे क्योंकि पशुओं को यहां कौन देखेगा। पशुओं को सड़क किनारे बंधेंगे वही दूध निकालेंगे और पिएंगे और वही धरने पर रहेंगे।

संवाद राकेश पाण्डेय