May 12, 2021

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Digital Varta News Agency

दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का हुआ आयोजन

कानपुर,(डीवीएनए)।उत्तर प्रदेश के कानपुर में चंद्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के प्रसार निदेशालय के द्वारा एचआरडी प्रशिक्षण कार्यक्रम के अंतर्गत विश्वविद्यालय कार्य क्षेत्र में स्थित कृषि विज्ञान केंद्रों के वैज्ञानिकों की दक्षता वृद्धि के लिए “जैव संवर्धित फसलें एवं प्रजातियों की सतत उत्पादन तकनीक” विषय पर दो दिवसीय प्रशिक्षण का आयोजन किया गया।दो दिवसीय प्रशिक्षण का आयोजन कार्यक्रम में मुख्य अतिथि निदेशक प्रशासन एवं मानिटरिंग डॉ.करम हुसैन ने कार्यक्रम का शुभारंभ किया।

इस दौरान भारतीय दलहन अनुसंधान संस्थान के प्रधान वैज्ञानिक डॉ.जितेंद्र कुमार ने कार्यक्रम को संबोधित करतेेेे हुए कहा कि भारतीय कृषि में दलहनी फसलों का खास स्थान है।शाकाहारी भोजन में प्रोटीन का मुख्य स्रोत होने के कारण दलहनी फसलों का महत्व अधिक बढ़ गया है।चना, मूंग, अरहर,उड़द सहित अन्य दलहनी फसलों में प्रोटीन काफी अधिक मात्रा में पाई जाती है जो मानव शरीर को स्वस्थ रखने में योगदान करती है।तो वही अधिष्ठाता लखीमपुर खीरी डॉक्टर आर.के यादव ने संवर्धित फसलों द्वारा खाद्य सुरक्षा एवं भावी रणनीति विषय पर जानकारी दी।उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में कुपोषण की समस्या को जैव संवर्धित फसलों द्वारा दूर की जा सकती है इसके लिए बाजरा, मक्का, शकरकंद, गेहूं जिनमें लोहा, जिंक एवं विटामिंस की अधिक मात्रा उपलब्ध होती है।इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में डॉ ए. पी. दुबे, डॉक्टर डी.डी तिवारी, डॉक्टर लालमणि ने भी व्याख्यान दिए।कार्यक्रम में सभी अतिथियों का स्वागत सह निदेशक प्रसार डॉक्टर सुभाष चंद्रा ने किया।जबकि धन्यवाद सह निदेशक प्रसार डॉक्टर पी.के राठी ने किया।कार्यक्रम का संचालन डॉक्टर एस.बी.पाल ने किया।इस अवसर पर डॉ जितेंद्र यादव, डॉक्टर आशा यादव सहित अन्य संकाय सदस्य भी उपस्थित रहे।