May 12, 2021

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भाकियू (टिकैत) के पदाधिकारियों ने राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन डीएम को सौंपा

औरैया (डीवीएनए)। भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) के पदाधिकारियों ने आज सोमवार को ककोर मुख्यालय पहुंचकर जिला अधिकारी को महामहिम राष्ट्रपति नई दिल्ली को संबोधित ज्ञापन सौंपा है। जिसमें उन्होंने किसान के हितों में मांगों को मानी जाने के लिए मांग की है।
भारतीय किसान यूनियन के पदाधिकारियों ने आज सोमवार को ककोर मुख्यालय पहुंचकर जिला अधिकारी अभिषेक सिंह को महामहिम राष्ट्रपति नई दिल्ली को संबोधित एक ज्ञापन सौंपा है। जिसमें उन्होंने कहा है कि केंद्र सरकार द्वारा 5 जून को लागू किये गये अध्यादेशों का देश के किसान विरोध कर रहे हैं। वहीं केंद्र सरकार द्वारा इन अध्यादेशों को एक देश , एक बाजार के रूप में कृषि सुधार की दिशा में एक बड़ा कदम बता रही है ,वहीं भारतीय किसान यूनियन इन अध्यादेशों को कृषि क्षेत्र में कंपनी राज के रूप में देख रही है। कुछ राज्य सरकारों द्वारा भी इसको संघीय ढांचे का उल्लंघन मानते हुए इन्हें वापस लेने लिए मांग की जा रही है। देश के अनेक हिस्सों में इसके विरोध में किसान आवाज उठा रहे हैं। भारतीय किसान यूनियन केंद्र सरकार से किसान बिल वापस लेने की मांग करती है। भारतीय किसान यूनियन 14 दिसंबर सोमवार को उत्तर प्रदेश के जिला मुख्यालय पर विरोध प्रदर्शन के माध्यम से मांग करती है कि कृषक (सशक्तिकरण और संरक्षण) कीमत आश्वासन एवं कृषि सेवा का करार अध्यादेश 2020 , कृषक उपज व्यापार और वाणिज्य (संवर्धन और सरलीकरण) अध्यादेश 2020 , आवश्यक वस्तु अधिनियम संशोधन अध्यादेश 2020, कृषि और किसान विरोधी तीनों अध्यादेश को तुरंत वापस लिये जाये। न्यूनतम समर्थन मूल्य को सभी फसलों पर फसल और सब्जी पर लागू करते हुए कानून बनाया जाये। समर्थन मूल्य को सभी फसलों , फल व सब्जियों पर लागू करते हुए कानून बनाया जाए समर्थन मूल्य से कम पर फसल खरीदी जाने पर अपराध की श्रेणी में शामिल किया जाये।
ज्ञापन देने वालों में प्रमुख रूप से यूनियन के जिला अध्यक्ष अमा शंकर राजपूत के अलावा सोवरन सिंह जिला महासचिव , चिरंजीलाल , रामनरेश , गिरीश सिकरवार , राम रतन राजपूत व दिनेश चंद्र कुशवाहा आदि लोग शामिल रहे।