May 17, 2021

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दिल के अरमां आसुओं में बह रहे, गरीब कैसे बनें मुकद्दर का सिकंदर!

बांदा (डीवीएनए)। दिल के अरमां आसुओं में बह रहे है। सरकारी आवास की चाह मुकद्दर का सिकंदर नहीं बन पा रही। अपना स्वयं का पक्का मकान बनाना सबका सपना हो गया है। सरकार ने उम्मीद के साथ प्रधानमंत्री आवास योजना शुरु की थी कि 2022 तक हर गरीब पात्र ब्यक्ति के लिए पक्का आशियाना हो। वहीं गरीब भी यही उम्मीद लगाये बैठे हैं कि उन्हें सिर पर पक्की क्षत मिलेगी। वहीं दूसरी ओर सरकार की लाख कोशिशों के बाद भी कुछ ग्राम प्रधान व पंचायत सचिवों की मनमानी के चलते गांवों देहातों में आज भी कई ऐसे लोग हैं जिनका सपना अधूरा है। प्रधान मंत्री आवास योजना आज भी गरीबों के लिए सपना है।
ऐसा ही एक मामला सामने आया है बांदा जिले के बबेरु तहसील क्षेत्र ब्लाक कमासिन के परसौली गांव का। यहां एक गरीब बुजुर्ग राम आसरे पुत्र लक्ष्मी एक साल से प्रधानमंत्री आवास के लिए प्रधान व सचिव के चक्कर काट रहा है। लेकिन प्रधान उस गरीब को टालमटोल कर सिर्फ कोरा आश्वासन से टरका रहे है। गरीब बुजुर्ग की बदकिस्मती यह की कई बार कहने के बाद भी उसको घर नसीब नही हुआ । गरीब की माने तो सामाजिक जनगणना 2011 की पात्रता सूची में नाम भी दर्ज है और उसका आवास आवंटन भी हो चुका, लेकिन खाते में किश्त नहीं जारी की गई। गरीब का आरोप है कि पंचायत सचिव ने आवास बनवाने के लिए कह कर कच्चे बने मकान को भी गिरवा दिया और जब खाते में किश्त जारी करने की बात आई तो प्रधान व सचिव ने 20 हजार रुपये की मांग की। जब रुपये देने में असमर्थता जाहिर की तो किश्त रोक दी गई। पात्रता सूची में नाम शामिल होने के बाद भी आवास नहीं दिया गया।जिससे अब मैं पन्नी डालकर झोपडी बनाकर रह रहा हूँ। शिकायत क्षेत्रीय विधायक सहित अधिकारीयों से भी की है लेकिन अभी तक कोई कार्यवाही नहीं हुई। बात यहीं समाप्त नहीं होती दोनों पैरों से विकलांग रविकरन ने बताया कि हमारे गांव में बृद्ध, विधवा, विकलांग कई ऐसे गरीब पात्र लोग हैं जिनको आज तक प्रधानमंत्री आवास, शौचालय जैसी किसी सरकारी योजना का लाभ नहीं मिला। क्योंकि उनके पास रिश्वत देने के लिए पैसे नहीं होते हो सकता है इसीलिये उनको सरकारी योजनाओं का लाभ न दिया जा रहा हो।
मामले में बीडीओ कमासिन अमरनाथ पांडे का कहना है कि बुजुर्ग अपने परिवार के साथ रह रहा है। और यदि पात्र ब्यक्ति छूटे है तो जांच कर उनको शामिल कराया जायेगा।
संवाद विनोद मिश्रा