April 18, 2021

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Digital Varta News Agency

2020 में चर्चा में रहे ये टीचर

नई दिल्ली (डीवीएनए)। वर्ष 2020 में सोशल मीडिया पर चर्चा में रहे ये शिक्षक। इनका शैक्षणिक कार्यशैली बना कारण। किसी को मिला ग्लोबल टीचर अवार्ड तो किसी का नाम वर्ल्ड बुक ऑफ रिकॉर्ड मे दर्ज हुआ,वही किसी का पढाया हुआ वीडियो वायरल हुआ।

आपको बताते चले की रंजीत सिंह डिस्‍‍ले , खान सर और आरके श्रीवास्तव का पढाने के तरीका का दुनिया दीवाना है।

रंजीत सिंह डिस्‍‍ले

Global Teacher Prize 2020: लड़कियों की शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए भारत के एक प्राइमरी स्‍कूल टीचर रंजीत सिंह डिस्‍‍ले को 1 मिलियन US डॉलर यानि 7 करोड़ भारतीय रुपए के ईनाम के ग्लोबल टीचर प्राइज अवार्ड से सम्‍मानित किया गया है। महाराष्ट्र के सोलापुर जिले के परितेवाडी गांव के 32 वर्षीय रंजीत सिंह ने सम्‍मान पाने पर, जीती हुई राशि को अपने साथ फाइनल्‍स में पहुंचे बाकी 9 प्रतियोगियों के साथ बांटने की घोषणा की है।अंतरराष्ट्रीय मंच पर देश का गौरव बढ़ाने वाले रंजीत सिंह के संघर्ष की कहानी हर किसी के लिए प्रेरणादायक है।

रंजीत सिंह एक IT इंजीनियर बनना चाहते थे, लेकिन इंजीनियरिंग कॉलेज पहुंचने के बाद उन्‍हें एहसास हुआ कि शायद वे गलत रास्‍ते पर हैं। उनके पिता ने उन्‍हें टीचिंग ट्रेनिंग करने का सुझाव दिया। रंजीत संकोच के साथ, शिक्षक प्रशिक्षण महाविद्यालय गए और वहां पहुंचकर उनके जीवन को नई दिशा मिली।उन्होंने देखा कि शिक्षक दुनिया में वास्तविक बदलाव लाते हैं, और उन्‍होंने स्‍वयं एक टीचर बनने का फैसला कर लिया।

जिस स्कूल में उन्होंने शुरूआत में पढ़ाया, वह मवेशियों के शेड और एक गोदाम के बीच बनी जर्जर इमारत में था। वहां पढ़ने वाली अधिकांश लड़कियां आदिवासी समुदायों से थीं। समाज के उस हिस्‍से में लड़कियों की शिक्षा को प्राथमिकता नहीं दी जाती थी और बाल विवाह एक आम प्रथा थी। इसके अतिरिक्त, छात्रों की पढ़ाई की प्राथमिक भाषा कनड़ नहीं थी, जिसका अर्थ था कि कई छात्र पढ़ने में असहज थे।काफी प्रयास के बाद, रंजीत ने स्‍वयं कनड़ सीखी और छात्रों के लिए ग्रेड 1-4 तक की सभी किताबों को फिर से डिज़ाइन किया। इन किताबों को उन्‍होंने यूनीक QR कोड के साथ डिज़ाइन किया जिससे ऑडियो कविताओं, वीडियो लेक्चर, कहानियों और असाइनमेंट्स को एम्बेड किया जा सके।इन क्यूआर कोडित किताबों की मदद से कई लड़कियों ने ऐसे समय में पढ़ाई जारी रखी जब एक आतंकवादी हमले के कारण स्कूल दो महीने के लिए बंद कर दिए गए थे।

उनके प्रयासों के फलस्‍वरूप, 2016 में उनके स्कूल को जिले के सर्वश्रेष्ठ स्कूल से तौर पर सम्मानित किया गया जहां 98 प्रतिशत छात्रों ने स्कूल का सेशन पूरा करने से पहले ही अपनी लर्निंग पूरी कर ली थी। माइक्रोसॉफ्ट के CEO, सत्य नडेला ने रंजीत सिंह के काम को उनकी पुस्तक ‘हिट रिफ्रेश’ में भारत की तीन सर्वश्रेष्‍ठ कहानियों में से एक के रूप में चुना। केंद्र सरकार ने रंजीत सिंह को ‘2016 इनोवेटिव रिसर्चर ऑफ द ईयर’ का सम्‍मान दिया और उन्होंने 2018 में नेशनल इनोवेशन फाउंडेशन के ‘इनोवेटर ऑफ द ईयर’ का पुरस्कार भी जीता।

रंजीत सिंह ने शैक्षणिक विषयों पर 500 से अधिक अखबार लेख और ब्लॉग लिखकर, टेलीविजन चर्चाओं में भाग लेकर अपने तरीकों को साझा किया।उन्‍होंने यह घोषणा की कि ‘ग्लोबल टीचर प्राइज’ जीतने पर वह अपने अतिरिक्‍त अन्‍य 9 फाइनलिस्‍ट्स के साथ अपनी 50 फीसदी प्राइज मनी शेयर करना चाहेंगे।उनके इस कदम की तारीफ करते हुए UNESCO की असिस्‍टेंट डायरेक्‍टर जनरल फॉर एजुकेशन स्‍टेफनी जियानिनी ने कहा, “रंजीत सिंह जैसे शिक्षक ही अधिक शांतिपूर्ण और न्यायपूर्ण समाज का निर्माण करेंगे।रंजीत असमानताओं को खत्म करेंगे और आर्थिक विकास को आगे बढ़ाएंगे.” इसके अलावा पुरस्कार के संस्थापक सनी वार्की ने कहा, “पुरस्कार राशि साझा करके, आप दुनिया को देने का महत्व सिखा रहे हैं.”।

खान सर

आजकल सोशल मीडिया पर Khan Sir Patna वाले के वीडियोस काफी शेयर हो रहे हैं। ट्रेंडिंग व्यक्तियों में से वे काफी चर्चित व्यक्ति रहे हैं। आखिर कौन हे ये Khan Sir? क्यों हो रहे हैं इनके वीडियोस इतने लोकप्रिय? सोशल मीडिया में इन्होने अपनी जगह कैसे बनायीं? आइए जानें Khan Sir Patna वाले के बारे में और उनकी बढ़ती लोकप्रियता के बारे में,

खान सर, पटना के सबसे बड़े कोचिंग संस्थान “खान GS रिसर्च सेण्टर” के संस्थापक हैं। ये संस्थान गवर्नमेंट जॉब्स के एंट्रेंस परीक्षा की तैयारी कराता है। पटना में ये इंस्टिट्यूट UPSC, UPPCS, BPSC, BSSC, UPSSSC, SSC, Bank, Rly, Airforce कोचिंग के लिए सबसे अच्छा माना जाता हे. खान सर खुद सामान्य ज्ञान (general studies) की तैयारी कराते हैं।खान सर, पटना में और पूरे बिहार में काफी प्रसिद्ध है। अपने विद्यार्थियों के बीच वे काफी लोकप्रिय।

Khan Sir का कौन सा video सबसे पहले viral हुआ?
Khan Sir Patna में काफी समय से कोचिंग इंस्टिट्यूट चला रहे हैं। 2019 अप्रैल में उन्होंने यूट्यूब में अपना एक चैनल खोला – जिसका नाम “Khan GS Research Center“ रखा अब यही चैनल पूरे भारत में खान सर की लोकप्रियता का कारण बन गयी है
मात्र एक महीने में ही इनके यूट्यूब चैनल ने १० लाख सुब्स्क्रिबेर्स जोड़ लिए! १० लाख, १ महीने में!!! एजुकेशन चैनल के इतनी तेज़ी से बढ़ने वाला चैनल शायद ही कोई होगा।आप खुद ही अनुमान लगा सकते हैं खान सर की खासियत पर आज की तारीख में अब इनके ३२ लाख सब्सक्राइबर्स हैं।

खान सर वैसे तो काफी समय से यूट्यूब पे वीडियोस डाल रहे हैं, पर इनकी लोकप्रियता गलवान घाटी वाली भारत और चीन के बीच बनी टेंशन से बढ़ी।

ये वीडियो सोशल मीडिया पे वायरल हो गयी थी।इस वीडियो को करीब ३० लाख बार यूट्यूब पे देखा गया और २४००० लोगो ने इस पे यूट्यूब में कमेंट किया।यही से इनकी लोकप्रियता बढ़नी शुरू हो गयी
इस वीडियो में आप देख सकते हैं की कितने सरल भाषा में इन्होने इस पुरे घटना को बताया है। सिर्फ इतना ही नहीं काफी विस्तार में सचित्र रूप से इन्होने इस पूरी घटना को बताया है।पुरे दिल से, विपरीत परिणाम के बारे में न सोचते हुए, इन्होने ये वीडियो बनाया, इसी वजह से इसको इतना पसंद किया गया।

मुश्किल से मुश्किल चीज़ को भी ये पूरी सरलता से समझते हैं। आप चाहे कोई भी बैकग्राउंड के हों, आप इनके पढाई को बहुत जल्दी समझ सकते हैं। इनमे पढ़ाने का एक जूनून हे जो इनके वीडियोस में देखने को मिलता है। यही जूनून किसी भी वर्ग के लोगों को आकर्षित करती है। इनके वीडियोस में एक सरलता है। ये भाषा को महत्व न देके ज्ञान को महत्व देते हैं। उनका मानना यह हे की कोई भाषा आपको सफल या असफल नहीं बनाता, आपका ज्ञान बनाता हे. यही बात लोगो को सबसे अच्छी लगती हे. सरलता से हिंदी भाषा में पुरे विस्तार से किसी भी विषय को बताना इनकी शक्ति है।

आरके श्रीवास्तव

मैथमेटिक्स गुरु आरके श्रीवास्तव (RK Srivastava) भी गज़ब तरीके से बच्चों को पढ़ाते हैं। आरके चुटकले और कबाड़ों के जरिए से खेल-खेल में बच्चों को गणित की मुश्किल पढ़ाई करवाते हैं। कबाड़ को जुगाड़ से खिलौने बनाकर प्रैक्टिकल में यूज करते हैं। वो सामाजिक सरोकार से गणित को जोड़कर, सवाल हल करना बताते हैं। 52 अलग-अलग तरीकों से बिना रुके पाईथागोरस प्रमेय को सिध्द कर दिखाया है।

वो 450 से ज्यादा बार फ्री नाईट क्लासेज चलाकर भी सुर्खियां बटोर चुके हैं। उनकी क्लास में स्टूडेंट पूरी रात 12 घंटे गणित की पढ़ाई कर चुके हैं। जो खुद मैं हैरान करने वाली बात है। लोग बताते हैं कि वह भी सुपर 30 की तरह भी गरीब स्टूडेंट को इंजीनियर बनाते हैं। इसके बदले में मात्र एक रुपए गुरुदक्षिणा लेते हैं। कई लोग दावा करते हैं कि आरके, सुपर 30 के आनंद कुमार की परंपरा के टीचर हैं।

गरीब परिवार में जन्में बिक्रमगंज रोहतास के आरके श्रीवास्तव का जीवन काफी संघर्ष से भरा रहा। जिससे लड़ते हुए वह अपनी पढ़ाई पूरी की। लेकिन, टीबी की बीमारी के कारण आईआईटी की प्रवेश परक्षा नहीं दे पाए। बाद में ऑटो चलने से होने वाले इनकम से परिवार का भरण-पोषण होने लगे। उनके शैक्षणिक कार्यशैली की प्रशंसा रास्ट्रपति रामनाथ कोविंद भी कर चुके हैं । आरके श्रीवास्तव को उनके उज्वलल भविष्य के लिए आशीर्वाद भी दे चुके है। आज आरके श्रीवास्तव की माँ और भाभी उनके उपलब्धियों पर गर्व करती है।

रामानुजन और वशिष्ठ नारायण सिंह को आदर्श मानने वाले आरके श्रीवास्तव बाद में कोचिंग पढ़ाने लगे। गणित के लिए इनके द्वारा चलाया जा रहा निःशुल्क नाईट क्लासेज अभियान पूरे देश मे चर्चा का विषय बना हुआ है। इस क्लास को देखने और उनका शैक्षणिक कार्यशैली को समझने के लिए कई विद्वान उनके इंस्टीट्यूट आ चुके हैं।

एक रुपया में पढ़ाते हैं आरके श्रीवास्तव

बिहार के रोहतास जिले के रहने वाले आरके श्रीवास्तव देश में मैथेमैटिक्स गुरु के नाम से मशहूर हैं। खेल-खेल में जादुई तरीके से गणित पढ़ाने का उनका तरीका लाजवाब है। कबाड़ की जुगाड़ से प्रैक्टिकल कर गणित सिखाते हैं। सिर्फ 1 रुपया गुरु दक्षिणा लेकर स्टूडेंट्स को पढ़ाते हैं। आर्थिक रूप से सैकड़ों गरीब स्टूडेंट्स को आईआईटी, एनआईटी, बीसीईसीई सहित देश के प्रतिष्ठित संस्थानों में पहुँचाकर उनके सपने को पंख लगा चुके हैं। वर्ल्ड बुक ऑफ रिकॉर्डस और इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड में भी आरके श्रीवास्तव का नाम दर्ज है। आरके श्रीवास्तव के शैक्षणिक कार्यशैली की प्रशंसा राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद भी कर चुके हैं। इनके द्वारा चलाया जा रहा नाइट क्लासेज अभियान अद्भुत, अकल्पनीय है। स्टूडेंट्स को सेल्फ स्टडी के प्रति जागरूक करने लिये 450 क्लास से अधिक बार पूरी रात लगातार 12 घंटे गणित पढ़ा चुके हैं। इनकी शैक्षणिक कार्यशैली की खबरें देश के प्रतिष्ठित अखबारों में छप चुकी हैं, विश्व प्रसिद्ध गूगल ब्वाय कौटिल्य के गुरु के रूप में भी देश इन्हें जानता है।