April 18, 2021

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अखिलेश ने कार्यकर्ताओं को दिए किसान आंदोलन के समर्थन में धरना देने के निर्देश

लखनऊ (डीवीएनए)। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने 14 दिसम्बर 2020 को किसान आंदोलन के समर्थन में समाजवादी पार्टी के सभी कार्यकर्ताओं तथा पदाधिकारियों को शांतिपूर्ण धरना देने का निर्देश दिया है। समाजवादी पार्टी किसानों के साथ है और उनके समर्थन में 7 दिसम्बर 2020 से लगातार किसान यात्राएं निकाली जा रही है। 7 दिसम्बर 2020 को स्वयं राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने धरना और गिरफ्तारी से इसकी शुरूआत की थी। भाजपा द्वारा सत्ता के दुरूपयोग से दमन के बावजूद समाजवादी साथी बड़ी तादाद में अपने-अपने साधनों से पैदल, बैलगाड़ी, मोटर साइकिल या साइकिल से किसान यात्राएं निकाल रहे हैं।
आज अपने बयान में अखिलेश यादव ने कहा है कि सड़कों पर ठिठुरते किसान आंदोलनकारियों की जायज मांगों को लेकर भाजपा सरकार हृदयहीन रवैया अपनाए है। किसानों की घोर उपेक्षा की जा रही है। इस पर जो वैश्विक प्रतिक्रिया आ रही है, उससे दुनिया भर में भारत की लोकतांत्रिक छवि को गहरी ठेस पहुंची है।
भाजपा सरकार के कुशासन व किसान विरोधी नीतियों से प्रदेश का किसान बेहाल और परेशान है। मुरादाबाद में गन्ना मिलों ने किसानों से 180 करोड़ रूपये की खरीदारी की लेकिन गन्ना भुगतान जीरो रहा। फर्रूखाबाद में फसलों को आवारा पशु नष्ट कर रहे है। इटावा में नहरों और रजबाहों में पानी नहीं आने से फसलें सूख रही है।
श्री यादव ने कहा कि भजपा सरकार को घोषणा करने वालों का शोषण करने से बचना चाहिए। बाजार में गेहूं का दाम कम जबकि गेंहू के बीज का दाम ज्यादा है। मंहगे बीज से परेशान किसानों ने इससे किनारा कर लिया है। उन्नत खेती की बात करने वाली भाजपा सरकार का यह अजीब हाल है। पिछले साल के मुकाबले 300 रूपये प्रतिकुंतल अधिक गेंहू के बीज का दाम हो गया है।
धान क्रय केन्द्रों में घोर अव्यवस्था दिखाई पड़ रही है। इसमें भाजपा के नेता अपनी दबंगई दिखा रहे हैं। बेचारा किसान कई-कई दिन अपनी बारी का इंतजार करने को मजबूर है। कन्नौज में भाजपा जिला पंचायत सदस्य ने बिना नम्बर लगाए अपने धान की तौलाई मनमाने तरीके से करा ली। वे अपना भुगतान भी हाथों-हाथ ले गए। भाजपा नेता किसानों के हितैषी बनने का झूठा नाटक करते हैं।
अखिलेश यादव ने कहा सरकार को किसानों की बातें माननी चाहिए। उनकी आशंकाओं का निराकरण करने की जरूरत है। सरकार व्यर्थ हठधर्मी कर रही है। किसानों के सैैलाब के आगे कोई टिक नहीं पाएगा। 8 दिसम्बर 2020 के भारत बंद के बाद अब 14 दिसम्बर 2020 को समाजवादी पार्टी सभी जिला मुख्यालयों पर अहिंसात्मक किसान धरना कार्यक्रम में भागीदारी निभाएगी।