July 29, 2021

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Digital Varta News Agency

अपने मासूम बच्चे को बेचने वाली बेबस मां के लिए डीएम से मदद की मांग

आगरा (डीवीएनए)। एसएन हॉस्पिटल में मंगलवार को आर्थिक तंगी से जूझ रही बेबस मां द्वारा अपने डेढ़ साल बच्चे को इलाज न कर पाने के अभाव में बच्चे को बेचने रही हैं। सूचना पाकर एसएन हॉस्पिटल पहुंचे आरटीआई एक्टविस्ट नरेश पारस ने बीमार बच्चे को इलाज के लिए एसएन में भर्ती करवाया। जहां उसका इलाज चल रहा हैं।

बताते चलें कि सदर गोपालपुरा नंदपुरा निवासी पिंकी पत्नी लोकेश को डेढ़ वर्षीय बेटा उल्टी दस्त से पीड़ित था। जिसे उसने एसएन इमरजेंसी में भर्ती कराया था। उसके परिवार का कोई व्यक्ति उसका साथ नहीं दे रहा था। वह गरीब और मजबूर थी। उसकी आर्थिक स्थिति ठीक नहीं है। उसके तीन साल के बेटे को भी जेठानी पाल रही है। वह अपने बच्चे का पालन पोषण नहीं कर पा रही थी इसलिए उसने बच्चे को बेचने का निर्णय किया। एसएन इमरजेंसी के बाहर बोली लगाकर बच्चे को बेच रही थी। कुछ खरीदार भी तैयार हो गए थे।

जिसकी जानकारी होने पर चाइल्ड राइट एक्टिविस्ट एवं महफूज संस्था के समन्वयक नरेश पारस ने मौके पर पहुंचकर पुलिस को सूचित किया। जिसके बाद बच्चे को दुबारा एसएन में भर्ती कराया गया। महिला गरीब एवं लाचार है। उसका बच्चा अतिकुपोषित है। बच्चे को सेहतमंद बनाने एवं सरकारी योजनाओं से जोड़ने के लिए डीएम को पत्र भेजा।

कलक्ट्रेट में डीएम से मुलाकात न हो सकी तो पत्र ईमेल द्वारा भेजा गया। पत्र में नरेश पारस ने मांग की कि पिंकी के अतिकुपोषित बच्चे को जिला अस्पताल स्थित पोषण पुनर्वास केन्द्र (एनआरसी) में भर्ती करवाएं जहां उसका ईलाज हो सके। इस दौरान देखभाल करने के लिए महिला को भी सौ रूपये प्रतिदिन के हिसाब से सरकार द्वारा मिलेंगे। साथ इस महिला के बच्चे को इंटीग्रेटेड चाइल्ड प्रोटेक्शन स्कीम (आईसीपीएस) की स्पान्सरशिप योजना से जोड़ा जाए। जिससे सरकार द्वारा इस बच्चे के पालन पोषण के लिए दो हजार रूपये प्रतिमाह मिल सकें। इसके साथ ही ऐसे अन्य बच्चों को चिन्हित करके उपरोक्त सरकारी योजनाओं से जोड़ जाए जिससे ऐसे बच्चों को सरकारी योजनाओं का लाभ मिल सके।
संवाद दानिश उमरी