October 17, 2021

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Digital Varta News Agency

यदि सप्तम भाव का स्वामी पाप प्रभाव में हो तो विवाह में अवश्य आती है बाधा

यदि सप्तम भाव पर शनि की दृष्टि हो तथा शनि सप्तमेश न हो तो विवाह २८ वर्ष की आयु के बाद होता है। यदि शनि सप्तम भाव में हो परंतु सप्तमेश न हो तो ३४ वर्ष की आयु में विवाह होता है। गुरु अथवा सप्तमेश को कोई पाप ग्रह पीड़ित करता है तो विवाह देरी से होता है।

यदि सप्तमेश या गुरु किसी त्रिक भाव में बैठा हो तो विवाह में बाधा आती है।

यदि सप्तम भाव पर कोई शुभ ग्रह का प्रभाव न हो तथा कोई पापी ग्रह बैठा हो तो विवाह में देरी होती है। यदि सप्तमेश या गुरु किसी कोई दो पाप ग्रहों के बीच में हो तो विवाह में देरी होती है।

यदि चन्द्र से सातवें भाव में शुक्र हो व सप्तम का स्वामी ११ वे भाव में हो तो २७ वर्ष के बाद विवाह होता है।

यदि कुंडली में सप्तम भाव , सप्तमेश , गुरु , व शुक्र , अधिक पाप प्रभाव में हो तथा दूसरे भाव का स्वामी किसी त्रिक भाव में गया हो तो विवाह लगभग असम्भव होता है।

सूर्य , चन्द्र , शुक्र , एक ही नवांश में होकर त्रिक भाव में हो तो भी विवाह देर से होता है।

लग्न , दूसरे , व सातवें भाव में यदि पाप ग्रह हो और सूर्य कोई शुभ ग्रह की दृष्टि न हो तो विवाह हो तो जाता है परन्तु आफत ही कटती है। .

यदि सप्तमेश व शुक्र अस्त हो अथवा पाप प्रभाव में हो तथा सप्ततम भाव में राहु अथवा शनि हो तो भी विवाह नही होता परन्तु व्यक्ति के सम्बन्ध जरूर किसी महिला से होते है।

यदि कुंडली में गुरु व शुक्र निर्बल हो तथा सप्तमेश भी पाप प्रभाव में हो एवम २,५,७,९,११, भाव भी निर्बल हो तो विवाह मुश्किल होता है।

यदि सप्तम भाव में शुक्र व बुध अस्त होकर बैठे हो तो जातक अविवाहित रहता है।

यदि शुक्र , गुरु , के साथ सूर्य चन्द्र भी निर्बल हो तथा सप्तमेश नीचस्थ राशि के साथ पूर्ण बली शनि की शत्रु दृष्टि सप्तम भाव पर हो तो विवाह नही होता है।

उपायों से पूरी होगी आपके विवाह की तमन्ना
– यदि किसी लड़के अथवा लड़की की कुंडली में सूर्य की वजह से विवाह में बाधा आ रही हो तो उन्हे प्रतिदिन ब्रह्रामुहूर्त में सूर्य को जल चढ़ाते हुए “ऊॅ सूर्यायः नमः” मंत्र का जाप करना चाहिए।

– हर शनिवार को शिव लिंग पर काले तिल चढ़ाएं, इससे शनि की बाधा समाप्त होती और शीघ्र ही विवाह हो जाता है।

– यदि किसी की कुंडली में मंगल के कारण विवाह में देरी हो रही हो तो उसे चांदी का एक चौकोर टुकड़ा सदैव अपने पास रखना चाहिए। इससे मंगल के कारण आ रही बाधाएं समाप्त हो जाती है।

– सूर्य के कारण विवाह में आ रही बाधा को दूर करने के लिए तांबे का एक चौकोर टुकड़ा जमीन में दबा दें, इससे सूर्य की बाधा समाप्त हो जाएगी और शीघ्र ही विवाह पक्का हो जाएगा।

– विवाह तय होने में राहु के कारण आ रही बाधा को दूर करने के लिए शनिवार को बहते पानी में नारियल बहाएं इससे राहु की बाधा दूर हो जाएगी।

– रोजाना दुर्गासप्तषती से अर्गलास्तोत्रम् तक का पाठ करें।

– जब कभी लड़का या लड़की देखने जाएं तो घर से गुड खाकर निकलें।

– गणेश जी को पीले रंग की मिठाई का भोग लगाने से भी विवाह में हो रही देरी खत्म होती है।

– प्रत्येक गुरूवार पानी में एक चुटकी हल्दी डालकर स्नान करें

– पीपल की जड़ में लगातार 13 दिनों तक जल चढ़ाने से शादी में आ रही रूकावटें दूर हो जाती है।

किसी भी प्रकार की समस्या समाधान के लिए आचार्य पं. श्रीकान्त पटैरिया (ज्योतिष विशेषज्ञ) जी से सीधे संपर्क करें = 9131366453