August 5, 2021

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Digital Varta News Agency

रानी लक्ष्मीबाई के बलिदान दिवस के अवसर पर किया गया कार्यक्रम का आयोजन

लखनऊ। चौरी-चौरा शताब्दी समारोह एवं आजा़दी का अमृत महोत्सव कार्यक्रम की श्रृंखला के अन्तर्गत संस्कृति विभाग उत्तर प्रदेश द्वारा कोविड-19 के दृष्टिगत ऑनलाइन सांस्कृतिक कार्यक्रम ‘‘खूब लड़ी मर्दानी’’ का आयोजन झांसी की रानी लक्ष्मीबाई के बलिदान दिवस दिनांक 18 जून, 2021 को अपरान्ह 3ः00 बजे से किया गया। जिसका शुभारम्भ श्री मुकेश कुमार मेश्राम, प्रमुख सचिव संस्कृति एवं पर्यटन विभाग उत्तर प्रदेश द्वारा ऑनलाइन किया गया।

सर्वप्रथम ओंकार शंखधर द्वारा ‘भजमन रामचरन सुखदायी, कृष्ण-कृष्ण बोल हरि-हरि बोल तथा हे पवन पुत्र हुनमान राम के भक्त निराले’ भजन गायन की प्रस्तुति की गयी, जिसे विभिन्न वर्चुअल माध्यमों से जुड़े दर्शकों द्वारा सराहा गया। द्वितीय प्रस्तुति महोबा के श्री शरद अनुरागी द्वारा ‘‘रानी लक्ष्मीबाई की गौरव गाथा महोबा की लड़ाई’’ का ओजपूर्ण गायन बुन्देली आल्हा शैली में किया गया।

इसके पश्चात् जौनपुर के आल्हा गायक श्री फौजदार सिंह द्वारा ‘‘बड़ी लाडली बाजीराव की’’ आल्हा गायन की प्रस्तुति ने दर्शको को मंत्रमुग्ध किया। रामरथ पाण्डेय रायबरेलीद्वारा भी अवधी शैली में ‘गाॅव महोली में काशी में जहां पर विश्वनाथ दरबार तहां पर जन्मी लक्ष्मीबाई है यू0पी0 के बीच मझार’ के द्वारा आजा़दी के समर में रानी लक्ष्मीबाई के योगदान को अपने आल्हा गायन के माध्यमका से श्रृद्धाजलि अर्पित की गयी।

कार्यक्रम के अंत में ओंकार शंखधर लखनऊ द्वारा सुमित्रा रानी चौहान लिखित वीर रस की कविता ‘बुन्देले हर बोलो के मुह हमने सुनी कहानी थी, खूब लड़ी मर्दानी वह तो झांसी वाली रानी थी’ के गायन से अंग्रेजो से वीरतपूर्वक लड़ रही रानी का दृश्य जीवन्त हो उठा। शिशिर निदेशक संस्कृति व सूचना एवं जनसंपर्क विभाग द्वारा समस्त कलाकारों एवं वर्चुअल माध्यम से जुड़े दर्शको को धन्यवाद ज्ञापित करते हुए कार्यक्रम का समापन किया गया।