June 17, 2021

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आइजी की पहल क्या होगी कामयाब ? सरकारी मोबाइल पर वाट्सअप नहीं सीन करते कप्तान

बांदा-डीवीएनए। आईजी के सत्य नारायण साहब नेक दिल है। अपना सरकारी वाट्सअप खोलते है। मैसेज सीन करते है, पर मंडल में उनके कप्तान हों या सीओ फिर थाना प्रभारी सरकारी मोबाइल का वाट्सअप सीन करते नहीं। यह स्थिति 99 प्रतिशत है ऐसे में आईजी साहब का फरमान कैसे चढ़ेगा परवान? खबर में इतनी लंबी भूमिका हमने इस लिये लिखा है कयोकिआई जी ने कहा है कि पुलिस विभाग से संबंधित शिकायतों की जिले में सुनवाई न होने पर मंडल के फरियादियों को आइजी, एसपी कार्यालय तक आने की आवश्यकता नहीं है। उन्होने कोरोना संकट को देखते हुए नई व्यवस्था लागू की है। आमजन वाट्सएप अथवा ईमेल पर शिकायत भेज सकते हैं। इसकी प्रत्येक सोमवार को समीक्षा की जाएगी। इसके लिए परिक्षेत्रीय कार्यालय में कंट्रोल रूम भी बनाया गया है।
पुलिस उप महानिरीक्षक ने फरियादियों को कोरोना क‌र्फ्यू काल में आइजी व एसपी कार्यालय तक बेवजह न आने की बात कही है। कहा कि जिले के थाना, कोतवाली, पुलिस अधीक्षक कार्यालय में सुनवाई न होने पर वह परेशान न हों। अपना शिकायती पत्र लिखकर वाट्सएप या ईमेल पर भेजने को कहा है। इसके लिए मोबाइल नंबर 9454400206, 7839866508, 9454402582 जारी किए हैं।इस पर भी लोग शिकायती पत्र भेज सकते हैं। आइजी ने कहा कि शिकायती प्रार्थना पत्र को कंप्यूटर पर अपलोड किया जाएगा। यहां से गुणवत्तापूर्ण निस्तारण के लिए संबंधित थाना को भेजा जाएगा।
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जारी किए चारों जिलों के अधिकारियों के मोबाइल नंबर

उन्होंने कहा कि पुलिस अधीक्षक बांदा के सीयूजी मोबाइल नंबर 9454400257, अपर पुलिस अधीक्षक-9454401029, प्रभारी मीडिया सेल-7839862480, पर संबंधित जिले के लोग शिकायत दर्ज करा सकते हैं। इसी तरह हमीरपुर पुलिस अधीक्षक के सीयूजी नंबर 9454400277, अपर पुलिस अधीक्षक 944401063, मीडिया सेल 9454402446, ईमेल आइडी है। जनपद महोबा के पुलिस अधीक्षक का सीयूजी नंबर 9454400 293, अपर पुलिस अधीक्षक-9454401092, प्रभारी मीडिया सेल महोबा 7839857330 है। जनपद चित्रकूट के पुलिस अधीक्षक का मोबाइल नंबर 9454400263, अपर पुलिस अधीक्षक-9454401039, प्रभारी मीडिया सेल चित्रकूट-7839855303 है।
अपर पुलिस महानिरीक्षक ने कहा कि आवेदक के प्रार्थना पत्रों को संबंधित पुलिस अधीक्षक को भेजा जाएगा। साथ ही कंप्यूटर में अंकित किया जाएगा। संबंधित अधिकारी स्वयं इन प्रार्थना पत्रों को कार्रवाई के लिए निर्देशित करेंगे। जांच अधिकारी, क्षेत्राधिकारी प्राप्त शिकायतों को अपने कंप्यूटर में इंद्राज करेंगे। जन शिकायत रजिस्टर में भी एंट्री करेंगे। प्रत्येक सोमवार को इन प्रार्थना पत्रों के निस्तारण के संबंध में समीक्षा की जाएगी।