June 17, 2021

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एक-एक व्यक्ति का जीवन अमूल्य, उसे हर हाल में बचाना है: सीएम योगी

गोरखपुर-डीवीएनए।प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जनपद में चरगावा की सीएचसी पर 18 वर्ष से अधिक आयु वर्ग के लोगों के कोविड टीकाकरण के कार्य का निरीक्षण कर टीकाकरण की स्थिति की जानकारी ली। इसके उपरान्त मुख्यमंत्री ने बी.आर.डी. मेडिकल कालेज में 45 वर्ष से अधिक आयु वर्ग के लोगो का कोविड टीकाकरण के कार्य का निरीक्षण किया।
इसके पश्चात मुख्यमंत्री ने बी.आर.डी. मेडिकल कालेज में कोविड-19 प्रबंधन से संबंधित गोरखपुरध्बस्ती मण्डल की समीक्षा बैठक करते हुए निर्देश दिये कि कोरोना संक्रमण को प्रत्येक दशा में नियंत्रित करने के लिए निगरानी समितियांध्आर.आर.टी. की संख्या बढ़ाई जाये। उन्होंने कहा कि आक्सीजन की आडिट हर हाल में करायी जाये तथा यह सुनिश्चित हो कि इसका वेस्टेज न होने पाये। हास्पिटलों में आक्सीजन आडिट कराया जाना नितान्त आवश्यक है, कही भी आक्सीजन की काला बाजारी नही होनी चाहिए इसकी जांच की जाये और पकड़े जाने पर दोषी के विरूद्ध कड़ी कार्यवाही सुनिश्चित की जाये।
मुख्यमंत्री ने गोरखपुर के अलावा दोनों मण्डलों के अन्य जनपदों के जिलाधिकारियों से वर्चुअल बैठक कर जनपदवार कोविड-19 प्रबंधन की विस्तृत जानकारी प्राप्त करते हुए निर्देश दिये कि निगरानी समितियों की संख्या 3 से 4 गुना तक बढ़ाई जाये। उन्होंने कहा कि सरकार संसाधन उपलब्ध करा रही है। मेडिकल किट निगरानी समितियों के माध्यम से विस्तरित कराया जाये तथा उसका सत्यापन भी कराया जाये। मेडिकल किट की पर्याप्त दवा हर जनपद में उपलब्ध करायी गयी है। उन्होंने कहा कि एम्बुलेंस 108 का 75 प्रतिशत प्रयोग कोविड-19 में किया जाये और आर.आर.टी. को वाहन उपलब्ध कराये जाये। कोविड प्रबंधन कार्य में लापरवाही क्षम्य नही होगी, शत प्रतिशत कन्टेक्ट टेऊसिंग करायी जाये। उन्होंने कहा कि यदि समय पर मरीज को सुविधा दी जाये तो निश्चित वह आरोग्यता को प्राप्त करेगा। उन्होंने कहा कि रोग को छिपाया न जाये, अगर बीमारी है तो उसका उपचार आवश्यक है।
मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि एक-एक व्यक्ति का जीवन अमूल्य है और उसे हर हाल में बचाना है, लक्षणयुक्तध्संदिग्ध को तत्काल टेस्टिंग करते हुए रिपोर्ट पाजीटिव आने पर शीघ्र मेडिकल किट उसे उपलब्ध करा दिया जाये। उन्होंने कहा कि यदि कार्य प्रबंधन टीम भावना से किया जाये तो निश्चित रूप से शत प्रतिशत सफलता मिलेगी। उन्होंने कोरोना कफर््यु का कड़ाई से पालन कराया जाये और प्राइवेट अस्पतालोंध्एम्बुलेन्स का रेट निर्धारित किया जाये यदि कही इनके द्वारा मनमानी रेट लिया जाता है तो उनके विरूद्ध कड़ी कार्यवाही सुनिश्चित की जाये।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कोविड अस्पतालों में सीसीटीवी कैमरे लगाये जाये, हर जनपद में प्रतिदिन 24 घंटे के अन्दर पाजीटिव, रिकवरी, एक्टिव केस आदि की समीक्षा की जाये और होम आइसुलेशन के कोविड मरीजों के साथ संवाद स्थापित किये जाये और विधानसभावार होम आइसुलेट मरीजों की सूचीध्मोबाइल नम्बर सांसद, विधायक को भी उपलब्ध कराये जाये ताकि वे उनसे संवाद स्थापित कर सकें। उन्होंने कहा कि हर कोविड हास्पिटल में मरीजों के संबंध में जानकारी उनके परिजनों की जरूर दी जाये। मुख्यमंत्री ने कहा कि खाद्यान्न वितरण कार्य की निगरानी हेतु एक नोडल अधिकारी नामित करें, गेहूं क्रय केन्द्रों को सोशल डिस्टेंसिंगध्कोविड प्रोटोकाल के तहत के साथ संचालित किया जाये तथा गोआश्रय स्थल पर चारे आदि की व्यवस्था हो।
मुख्यमंत्री ने स्वच्छता, सेनेटाइजेशन एवं फागिंग कार्य को एक अभियान के रूप में संचालित करने तथा इस कार्य हेतु नोडल अधिकारी नामित करने के निर्देश देते हुए कहा कि यह अभियान कोविड के साथ ही बरसात में इसेंफलाइटिस से बचाव में सहायक सिद्ध होगा। उन्होंने कहा कि कन्टेनमेन्ट जोन मे सख्ती की जाये केवल मेडिकल, स्वच्छता, सेनेटाइजेशन, फागिंग, डोर स्टेप डिलेवरी की अनुमति होगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि सावधानीध्सतर्कता कोविड से बचाव का सर्वोत्तम उपाय है। उन्होंने बेड की संख्या बढ़ाने तथा शासन के नियमों का शत प्रतिशत अनुपालन करने और पीकू को क्रियाशील रखने के निर्देश दिये।मुख्यमंत्री ने कहा कि शासन स्तर पर आक्सीजन की उपलब्धता, रेडमिसिविर इंजेक्शन, होम आइसुलेशन, स्वच्छता, सेनेटाइजेशन, फागिंग आदि कार्यों की व्यवस्थाध्निगरानी संबंधी समितियां गठित की गयी है। इसी प्रकार जनपद स्तर पर भी समिति गठित कर उनके कार्यध्दायित्व निर्धारित किय जाये। मुख्यमंत्री ने बताया कि 30 अप्रैल तक प्रदेश में 3 लाख 10 हजार एक्टिव केस थे और आज 10 मई को 2 लाख 25 हजार एक्टिव केस है अर्थात 85 हजार एक्टिव केस कम हुआ है। इस अवसर पर मण्डलायुक्त जयन्त नार्लिकर ने गोरखपुर मण्डल में कोविड प्रबंधन के संबंध में विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि टेस्टिंग, कान्टेक्ट टेऊसिंग, सेनेटाइजेशन, स्वच्छता, वैक्सीनेशन आदि कार्यों को तेजी से कराया जा रहा है। उन्होंने बताया कि मण्डल में कुल 63042 एन्टीजेन टेस्ट, 54633 आर.टी.पी.सी.आर सैम्पुलिंग करायी गयी है। इसके अतिरिक्त मण्डल में कुल 4856 क्रियाशील निगरानी समितियां है जिसमें ग्रामीण क्षेत्र 4368 तथा शहरी क्षेत्र में 488 है। कोविड प्रबंधन हेतु मण्डल में कुल 126 एम्बुलेन्स का प्रयोग किया जा रहा है। कोविड टीकाकरण के संबंध में जानकारी देते हुए आयुक्त ने बताया कि मण्डल में कुल 719118 प्रथम डोज तथा 175442 द्वितीय डोज कवरेज किया गया है। मण्डलायुक्त ने बताया मण्डल में लिक्विड मेडिकल आक्सीजन की आपूर्तिध्आवश्यकता, उपयुक्त मानव संपदा की कमी, मण्डल में एल-2ध्एल-3 लेवल के निजी चिकित्सालयों की कमी तथा एल-2 फैसलिटी के चिकित्सकों एवं अन्य कार्मिकों का आ.सी.यू. प्रबंधन में सतत टेऊनिंग की आवश्यकता है। इसी प्रकार मण्डलायुक्त बस्ती ने भी अपने मण्डल से संबंधित कोविड-19 प्रबंधन के संबंध में जनपदवार विस्तृत जानकारी दी।
इस अवसर पर जिलाधिकारी के0 विजयेन्द्र पाण्डियन ने जनपद में पाजीटिव रेट, आर.आर.टी., निगरानी समितियां, होम आइसुलेशन, आईसीसीसी में टेलीफोन संख्या, एम्बुलेंस आदि की विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि जनपद में कुल 58957 सेम्पलिंग, कोविड प्रबंधन हेतु कुल 64 एम्बुलेंस का प्रयोग किया जा रहा है। जनपद में कोविड टीकाकरण प्रथम डोज 273632 तथा द्वितीय डोज 65420 दिया जा चुका है।
इसके पश्चात मुख्यमंत्री ने एम्स का निरीक्षण कर वहां पर बोइंग कंपनी के सहयोग से 200 बेड के कोविड वार्ड के निर्माण के बारे में जानकारी प्राप्त की। उन्होंने एम्स के अधिकारियों को निर्देश दिये कि जिला प्रशासन के सहयोग से तत्काल 200 बेड का वार्ड आरम्भ किया जाये साथ ही एम्स के तृतीय तल के कार्य को भी तेजी से पूर्ण किया जाये जिससे बेडों की सुंख्या में और वृद्धि की जा सके। उन्होंने कहा कि एम्स सेवाभाव के साथ कार्य करें। अस्पताल के संचालन में किसी प्रकार की कमी नही आने दी जायेगी।
इस अवसर पर सदर सांसद रविकिशन, सांसद बासगांव कमलेश पासवान, राज्यसभा सांसद जयप्रकाश निषाद, विधायक विपिन सिंह, संगीता यादव, महेन्द्रपाल सिंह, संत प्रसाद, शीतल पाण्डेय, क्षेत्रीय अध्यक्ष धर्मेन्द्र सिंह सहित मण्डलायुक्त जयंन्त नार्लिकर, जिलाधिकारी के0 विजयेन्द्र पाण्डियन एवं अन्य अधिकारी गण उपस्थित रहे।