July 29, 2021

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Digital Varta News Agency

ड्राई टेक होम राशनिंग सिस्टम को लागू करने में कामयाब हुआ आईसीडीएस विभाग

पहले चरण में आंगनबाड़ी केंद्रों के लाभार्थियों को पारदर्शी व्यवस्था के तहत मिला गेहूं/चावल

एटा। डीवीएनए

जिले में पहली बार लागू हुआ ड्राई टेक होम राशनिंग सिस्टम अपने पहले चरण में सफलता पूर्वक शासनिक निर्देशो के अनुसार आसीडीएस विभाग के संचालन में कामयाब दिख रहा है। यद्यपि भारत सरकार के फ़ूड सिक्योरिटी एक्ट के दिशा निर्देशन एवं सर्वोच्च न्यायालय के आदेशों के क्रम में जरूरतमंद लाभार्थियों को राशन उपलब्ध कराने के लिए विकेंद्रीकृत व्यवस्था लागू की गई है। इस व्यवस्था के तहत बाल विकास विभाग के आंगनबाड़ी केंद्रों पर पोषाहार नीति बदल कर नई व्यवस्था लागू की गई जो इसी माह से अमल में लाई गई है।

यद्यपि जिले भर के लाभार्थियों (आंगनबाड़ी केंद्रों) को टेक होम राशन उपलब्ध कराने में आपूर्ति विभाग के कोटेदार/स्वयं सहायता समूह/ आंगनबाड़ी केंद्रों की भूमिका है। जिला कार्यक्रम अधिकारी संजय सिंह ने बताया ग्राम्य क्षेत्रो में स्थापित समूह टेक होम राशन की तयशुदा मात्रा एक मुश्त कोटेदारों से प्राप्त कर आंगनबाड़ी केंद्रों तक लाल, हरे नीले एव पीले पैकेज में करके पहुंचायेगे। जहां विशेषतः समूह नही हैं वहाँ खुद आंगनबाड़ी गाइड लाइन के मुताबिक राशन उपलब्ध कराएगी उन्होंने कहा चालू माह में पिछले 4 दिनों के भीतर 80 फीसदी काम पूरा हुआ है जोरशोर से इन दिनों चल रहे टेक होम राशन वितरण में स्थानीय जनप्रतिनिधि/ग्राम प्रधान/बाल विकास अधिकारी मौके पर शामिल होकर पूर्ण पारदर्शिता से काम कर रहे हैं। डीपीओ संजय सिंह ने बताया घी, दूध मिल्क पाउडर का वितरण तिमाही रूप में किया जाना जो अभी अप्राप्त है।

उन्होंने बताया पोषक दाल की खरीददारी स्थानीय स्तर पर स्वयं सहायता समूह एव विभाग के सहयोग से की जानी जो शासन द्वारा अनुमन्य दरों पर ही क्रय की जानी है। जिसका कार्य अभी शेष है। स्मरण रहे नई पोषाहार नीति के तहत 6 माह से 3 वर्ष के बच्चों को 3 वर्ष से 6 वर्ष के बच्चों को एवं 11 से 14 वर्ष की किशोरियों को अलग अलग निर्धारित मानक के अनुरूप समुचित कैलोरी का पोषक आहार दिया जाता है। जो नई नीति के तहत स्थानीय सहायता समूह एवं सरकारी एजेंसीज के सहयोग से आंगनबाड़ी केंद्रों पर उपलब्ध रहेगा। पहले चरण टेक होम राशन वितरण की ऑनलाइन सिस्टम एवं पूरे जिले भर में एक साथ लागू हुई वितरण व्यवस्था को देख कर लगता है आईडीएस विभाग नए सिस्टम को स्वीकार करने में कामयाब रहा है ।

डीपीओ संजय सिंह मानते हैं पहली बार लागू हुए इस सिस्टम में यद्यपि कुछ खामिया सामने आ रही हैं परंतु उन्हें उचित समन्वय और सहयोग से और अधिक दुरस्त कर लिया जाएगा। फिलहाल नये टेक होम राशनिग सिस्टम को उत्सवी माहौल देने में जुटा विभाग एवं प्रशासन खूब सहभागिता और गतिशीलता बनाये हुए है।

संवाद वैभव पचौरी