September 23, 2021

DVNA

Digital Varta News Agency

कृषि कानूनों को जनवादी अधिकारों का हनन बताकर नारेबाजी करते हुए निकाला जुलूस, सौंपा ज्ञापन

मुरादाबाद। डीवीएनए
ठाकुरद्वारा में अखिल भारतीय किसान संघर्ष समन्वय समिति द्वारा जूलूस निकाल कर प्रदर्शन करते हुए खेती से संबंधित तीनों बिल तथा बिजली बिल 2020 को जनवादी अधिकारों का हनन बताते हुए उक्त बिलों को तत्काल प्रभाव से वापस लेने की मांग राष्ट्रपति को ज्ञापन भेजकर की गई है।

शनिवार को अखिल भारतीय किसान संघर्ष समन्वय समिति के सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने नगर के तिकोनिया बस स्टैंड से मुख्य बाजार होते हुए उपजिलाधिकारी कार्यालय तक जुलूस निकालकर सरकार विरोधी नारे लगाते हुए प्रदर्शन किया। इस दौरान उपजिलाधिकारी की गैर मौजूदगी में प्रदर्शनकारियों ने राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन नायब तहसीलदार गौरव विश्नोई को सौंपा।

ज्ञापन में कहा गया है कि भारत के किसानो व अन्य पीड़ित वर्गों की मांगों को अनदेखा किया जाना लोकतंत्र का उलंघन है और जनता के जनवादी अधिकारों का हनन है।ज्ञापन में कहा गया है कि कृषि कानून व बिजली बिल 2020 को लेकर तथा एम एस पी पर फसलों की खरीद को लेकर कानून बनाने की मांग को लेकर किसान जून माह से आंदोलन रत हैं और इसी क्रम में दिल्ली बॉर्डर पर सरकार के दमन व अत्याचार को झेलते हुए 26 नवम्बर से किसान भारी ठंड में सड़कों पर हैं। अखिल भारतीय किसान संघर्ष समन्वय समिति के कार्यकर्ताओं द्वारा राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन में मांग की गई है कि अपने विशेष अधिकार का प्रयोग कर संसद का विशेष सत्र बुला कर इन तीनो कानूनों को वापस कराएं और एम एस पी को कानून के दायरे में लाया जाए तथा बिजली बिल 2020 को रद्द किया जाए अन्यथा किसानो को ये आंदोलन और तेज़ करने के लिए मजबूर होना पड़ेगा।

इस दौरान प्रदर्शन करने वालों में । कामरेड मा रामपाल सिंह, कामरेड करन सिंह, प्रीतम सिंह, कैलाश सिंह, नोबहार सिंह, डॉ मोहम्मद सईद सिद्दीकी, अकील अहमद, दुर्ग पाल सिंह,महिपाल गंगा राम हाजी कल्लू आदि अनेक लोग मौजूद रहे।
संवाद यामीन विकट