April 19, 2021

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अब्दुल्ला आजम से 65 लाख रुपए वसूलेगी योगी सरकार

लखनऊ। डीवीएनए

समाजवादी पार्टी के सांसद आजम खान और उनके परिवार वालों की मुश्किलों का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। हाईकोर्ट से विधायक के रद्द होने के बाद सरकार ने एक्शन लेते हुए विधायक के रुप में अब्दुल्लाह आजम को दिए गए भत्तों के रूप में 65 लाख रुपए वसूले जाने की कार्रवाई की है। यह कार्यवाही स्थानीय भाजपा नेता आकाश सक्सेना की शिकायत पर की गई है।

उत्तर प्रदेश में सत्ता परिवर्तन के बाद समाजवादी पार्टी के कद्दावर नेता एवं रामपुर के सांसद आजम खान की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं। उनके परिवार में जहां उनकी पत्नी रामपुर शहर विधानसभा क्षेत्र से विधायक हैं। वही उनके बेटे अब्दुल्लाह आजम स्वार टांडा विधानसभा क्षेत्र के निवर्तमान विधायक थे।

अब्दुल्लाह आजम के विधानसभा चुनाव का नामांकन कराने के दौरान उनके जन्म प्रमाण पत्र को लेकर काफी बखेड़ा खड़ा हुआ था हालांकि आजम खान के रसूख के चलते अखिलेश सरकार में शिकायत कर्ताओं की एक ना चली और फिर अब्दुल्लाह आजम भारी वोटों से स्वार टांडा विधानसभा क्षेत्र से विधायक चुने गए।

उत्तर प्रदेश मैं सत्ता परिवर्तन हुआ और मुख्यमंत्री के रूप में भाजपा के योगी आदित्यनाथ ने सत्ता की कमान संभाली और कुछ समय के बाद ही और जगहों की तरह रामपुर में भी सियासी भूचाल आ गया आजम खान और उनके परिवार पर दर्जनों मुकदमे दर्ज हुए जिसके बाद आजम खान ने अपनी विधायक पत्नी डॉक्टर तंजीम फातिमा और विधायक बेटे अब्दुल्लाह आजम के साथ स्थानीय कोर्ट में सरेंडर करना पड़ा कोर्ट ने उन पर कार्यवाही करते हुए उन्हें पत्नी और बेटे के साथ न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया आजम खान इन दिनों अपनी पत्नी और बेटे के साथ सीतापुर जेल में बंद है।

सांसद आजम खान के परिवार सहित जेल जाने के बाद रामपुर में उनके विरोधियों की फेहरिस्त काफी लंबी हो गई इन्हीं में से एक भाजपा नेता आकाश सक्सेना ने आजम खान के बेटे अब्दुल्लाह आजम फर्जी जन्म प्रमाण पत्र और दो पैन कार्ड का मुद्दा जोर-शोर से उठाया अब उनकी शिकायत के आधार पर योगी सरकार के विधान सभा के प्रमुख सचिव ने अनु सचिव के माध्यम से 3 माह के भीतर उनके बेटे से पूर्व में दिए गए भत्ते आदि के रूप में 65 लाख रुपए वसूले जाने का फरमान सुनाया है।

भाजपा नेता एवं शिकायतकर्ता आकाश सक्सेना के मुताबिक आजम खान ने जो अपने बेटे को विधायक बनाने के लिए फर्जी जन्म प्रमाण पत्र के आधार पर जो नामांकन करवाया था और फिर वह चुनाव जीते थे उसी के विरुद्ध हम हाई कोर्ट गए थे जिसमें उनकी विधायक जी को रद्द किया गया था हमने प्रमुख सचिव विधानसभा से यह मांग की थी के इनकी विधायकी को रद्द करने के साथ-साथ इनसे 6 साल के लिए इनको चुनाव लड़ने में रोक लगाई जाए।

इसके अलावा जो वेतन भत्तों के रूप में जो पैसा सरकार के द्वारा दिया गया था उसको वापस लिया जाए तो सरकार ने हमारी इस बात को सही माना और प्रमुख सचिव विधानसभा के माध्यम से सरकार के ही अनु सचिव लेखाधिकारी के माध्यम से यह पत्र आया है और उसमें लगभग 65 लाख रूपए इनसे वसूलने के आदेश दिए गए हैं 3 महीने के अंदर यह पैसा जमा होना है और मुझे अब ऐसा लगता है कि अब्दुल्लाह आजम पर आजीवन चुनाव लड़ने पर उनके रोक लगनी चाहिए।
संवाद राकेश पाण्डेय