April 20, 2021

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Digital Varta News Agency

झुग्गी बस्तियों के बच्चों के लिए मसीहा बनीं शबीना खान

नई दिल्ली। मोदी सरकार यूं तो डिजिटल इंडिया का सपना देख रही है, लेकिन देश में शिक्षा व्यवस्था के हालात पीएम मोदी के इस सपने को आईना दिखा रहे हैं। सरकारी स्कूलों के हालात जगजाहिर हैं, लेकिन आज हम जिस समस्या की बात कर रहे हैं, वह इससे भी बड़ी है।

अपने देश में बड़ी तादाद में ऐसे बच्चे हैं जिन्हें प्राईमरी एजुकेशन भी मयस्सर नहीं होती। ये बच्चे झुग्गी बस्तियों में रहने वाले हैं, जिनके लिए शिक्षा एक ऐसा सपना है, जो शायद पूरा होना उनके लिए मुमकिन नहीं। इन बच्चों के इन सपनों को ही ओखला की सोशल एक्टिविस्ट ‘‘शबीना खान’’ सच कर रही हैं।

हमारी आवाज़ फाउडेंशन की फाउंडर शबीना खान ने DVNA से बातचीत के दौरान बताया कि उन्होंने अपना बचपन इन हालात में बिताया है कि तालीम को बहुत ज्यादा सुविधाएं नहीं थीं और बहुत ज्यादा संघर्ष कर प्रारम्भिक शिक्षा हासिल की। इसलिए वह चाहती हैं कि कोई और ‘शबीना’ न बने। किसी गरीब बच्चे को इस तरह संघर्ष न करना पड़े, इसलिए वह ये काम कर रही हैं।

हमारी आवाज़ फाउडेंशन फिलहाल 300 बच्चों को तालीम दिला रही है। जिन्हें तमाम गैर-मुस्लिम बच्चे भी शामिल हैं। सिर्फ शिक्षा ही नहीं ‘शबीना’ हर मौके पर गरीब बच्चों के साथ खुशियां बांटने पहुंच जाती हैं।
डिजिटल वार्ता ब्यूरो/मुहम्मद फैज़ान