April 14, 2021

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हमारी सेनाएं देश की सीमाओं की रक्षा पूरी मजबूती के साथ कर रहीं: CM योगी

लखनऊ। डीवीएनए
महाराणा प्रताप शिक्षा परिषद का संस्थापक सप्ताह समारोह आज जनपद गोरखपुर में भव्य शोभायात्रा के साथ प्रारम्भ हुआ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने समारोह की अध्यक्षता की। देश के चीफ ऑफ़ डिफेन्स स्टाफ जनरल बिपिन रावत मुख्य अतिथि तथा प्रदेश के उप मुख्यमंत्री डाॅ0 दिनेश शर्मा विशिष्ट अतिथि के रूप मे समारोह में शामिल हुए।
इस अवसर पर महाराणा प्रताप इण्टर काॅलेज, गोरखपुर में महाराणा प्रताप, ब्रह्मलीन महन्त दिग्विजयनाथ एव ब्रह्मलीन महन्त अवेद्यनाथ की आदमकद प्रतिमा का लोकार्पण भी किया गया।
मुख्यमंत्री ने अपने सम्बोधन में कहा कि महन्त दिग्विजय नाथ, महंत अवेद्यनाथ और महाराणा प्रताप की प्रतिमाएं भी इस मंच पर स्थापित हुई हैं, उनका लोकार्पण समारोह मुख्य अतिथि, विशिष्ट अतिथि अन्य गणमान्य अतिथियों की उपस्थिति में आज यहां पर सम्पन्न हुआ है। यह प्रतिमाएं मात्र प्रतिमाएं नहीं हैं, बल्कि इनसे हमें सामाजिक जीवन, राष्ट्रीय जीवन के साथ-साथ व्यक्तिगत जीवन में भी एक नई ऊर्जा, एक नई प्रेरणा प्राप्त होती है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जीवन मे सफलता पाने के लिये मेहनत करनी पड़ती है। नकारात्मकता किसी समस्या का समाधान नहीं हो सकता। नकारत्मकता से व्यक्ति कभी जीवन के उच्च शिखर पर नहीं पहुंच सकता। मेहनत के साथ एक टीम वर्क के रूप मे कार्य करने एवं सबको साथ लेकर चलने से जीवन में सफलता प्राप्त होती है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि देश ने अनेक उपलब्धियां हासिल कीं। हमारी सेनाएं देश की सीमाओं की रक्षा पूरी मजबूती के साथ कर रही है। पग-पग पर भारत की सशस्त्र सेनाएं, जिस मजबूती के साथ भारत के गौरव को आगे बढ़ाने का कार्य कर रही हैं, वो अभिनंदनीय है। देश को लम्बे समय के बाद एक नई शिक्षा नीति ‘राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020’ के रूप में मिली है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 ज्ञान के सैद्धान्तिक पक्ष के साथ-साथ व्यावहारिक जीवन में ज्ञान के महत्व को भी ध्यान में रखकर बनायी गई है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि हमने पूर्वी उत्तर प्रदेश में इंसेफलाइटिस जैसी महामारी से एक बड़ी लड़ाई लड़ी। इंसेफलाइटिस के खिलाफ उत्तर प्रदेश ने लड़ाई में सफलता प्राप्त की। पिछले 03 वर्षों के दौरान प्रदेश में स्वच्छ भारत मिशन, स्वच्छता के प्रति जागरूकता, शुद्ध पेयजल की आपूर्ति के साथ जन समुदाय को उसके साथ जोड़ने का परिणाम रहा कि इंसेफलाइटिस से मृत्यु पर काबू करने में प्रदेश सरकार को 95 फीसदी सफलता प्राप्त हुई।
इस अवसर पर चीफ ऑफ़ डिफेन्स स्टाफ जनरल बिपिन रावत ने शुभकामनाएं देते हुए कहा कि विद्यालय अपने उत्कर्ष को छूता रहे और उन परम आदर्शों को प्राप्त करता रहे, जिसको पूज्य दिग्विजय नाथ जी महाराज ने और पूज्य अवेद्यनाथ जी महाराज ने स्थापित किया है। मुख्यमंत्री जी भी उस परम्परा का निर्वहन कर रहे हैं। आगे भी यह परम्परा और अधिक मजबूती के साथ चल सके, मेरी शुभकामनाएं हैं। उन्होंने कहा कि देश निर्माण में भी ब्रह्मलीन महन्त दिग्विजयनाथ एव ब्रह्मलीन महन्त अवेद्यनाथ ने मुख्य सूत्रधार के रूप में काम किया तथा गोरखपुर विश्वविद्यालय की स्थापना में भी अहम योगदान दिया।
जनरल रावत ने कहा कि शिक्षा जीवन के जीने की राह प्रदान करती है। उन्होंने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि महाराणा प्रताप शिक्षा परिषद द्वारा विभिन्न प्रकार की संस्थाएं चलायी जा रही हैं। आज से तकरीबन 45 वर्ष पूर्व टेक्नोलाॅजी एवं संसाधन नहीं थे, हमारे पास कम्प्यूटर नहीं थे, इण्टरनेट नहीं था। मुझे इस कार्यक्रम में शामिल होकर यह बड़े गर्व के साथ कहने का अवसर मिला है कि भारतीय संस्कृति के अनुसार आपका शिक्षण हो रहा है।
जनरल बिपिन रावत ने कहा कि हमारा देश नवभारत के रूप में उभर कर सामने आने वाला है। हमारे जीवन में तकनीक का इस्तेमाल हो रहा है। आर्थिक गतिविधियों, शिक्षा प्रणाली, सामाजिक उन्नति को देखते हुए देश का भविष्य एक उज्ज्वल भविष्य के रूप में उभर कर आने वाला है। जो विद्यार्थी आज हमारे सामने बैठे हैं, वे हमारे देश का भविष्य हंै। उन्हांेने कहा आपको कड़ी मेहनत करनी पड़ेगी कड़ी मेहनत के बगैर कोई सफलता नहीं मिलेगी, लेकिन असफलता से हताश न हों, नया फैसला लेकर आगे बढ़ने की कोशिश करें। हम एकजुट होकर कार्य करेंगे, तो हम शक्तिशाली बन सकते हैं।
इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री डाॅ0 दिनेश शर्मा ने भी बच्चों को शिक्षा के महत्व के बारे में बताया। कार्यक्रम में शिक्षक, जनप्रतिनिधिगण एवं अन्य गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।