April 18, 2021

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15 मार्च से पहले यूपी में नहीं होंगे पंचायत चुनाव, संभावना पर ग्रहण

लखनऊ। डीवीएनए

फरवरी में पंचायत चुनाव कराने की राज्य सरकार की योजना परवान चढ़ती नहीं दिख रही है।बुधवार को पंचायतीराज मंत्री भूपेन्द्र सिंह चौधरी ने अधिकारियों से पंचायत चुनाव की तैयारियों का जायजा लिया। अफसरों ने चुनाव प्रक्रिया से जुड़ी गतिविधियों का हवाला देते हुए संकेत दिया कि 15 मार्च से पहले चुनाव कराना संभव नहीं हो पाएगा।

बुधवार को ही अपर मुख्य सचिव पंचायतीराज ने 49 जिलों में ग्राम पंचायत, क्षेत्र पंचायत व जिला पंचायत के प्रादेेशिक निर्वाचन क्षेत्रों (वार्डों) के आंशिक परिसीमन का कार्यक्रम जारी कर दिया गया है।

यह प्रक्रिया 4 दिसंबर से प्रारंभ होकर 6 जनवरी तक चलेगी।प्रदेश में ग्राम पंचायतों का कार्यकाल इसी माह के आखिर में समाप्त हो जाएगा। 6 माह के लिए पंचायतें भंग कर उनमें प्रशासक नियुक्त किए जाने की तैयारी है। भाजपा संगठन और राज्य सरकार की मंशा बोर्ड परीक्षा से पहले फरवरी 2021 में त्रिस्तरीय पंचायत कराने हैं लेकिन इसकी संभावना क्षीण लगती है।

चार जिलों में पंचायतों का पूर्ण परिसीमन और 49 जिलों में आंशिक परिसीमन होना है।

इसके बाद ग्राम पंचायत, क्षेत्र पंचायत व जिला पंचायतों के वार्डों का निर्धारण होना है। इस प्रक्रिया भी काफी जटिल माना जाता है। इसके बाद त्रिस्तरीय पंचायतों में वार्डों का आरक्षण तय होना है। इसी बीच वोटर लिस्ट का अंतिम प्रकाशन होना है। चुनावी तैयारी के बीच मतपत्रों की छपाई का काम भी काफी बड़ा होता है। कोविड काल और सुस्ती के चलते चुनावी तैयारियां पूरी रफ्तार नहीं पकड़ पाई हैं। ऐसे में फरवरी में चुनाव की संभावना लगभग खत्म मानी जा रही है। 15 मार्च से पहले चुनाव प्रक्रिया प्रारंभ नहीं हुई तो यूपी बोर्ड परीक्षा से पहले चुनाव कराना शायद ही संभव हो पाए।

पंचायतीराज मंत्री भूपेन्द्र सिंह चौधरी ने कहा कि पंचायत चुनाव की तैयारियां चल रही है। फरवरी तक चुनाव करा पाना शायद संभव न हो पाए। 49 जिलों में नगरीय निकायों में शामिल हुए गांव: एक जनवरी 2016 के बाद से प्रदेश के 49 जिलों में नगर पंचायत, पालिका परिषद या नगर निगम का सीमा विस्तार हुआ है। इनमें अनेक गांव शामिल हो गए हैं। इन जिलों में पंचायतों के वार्डों के आंशिक परिसीमन का आदेश बुधवार को अपर मुख्य सचिव पंचायतीराज मनोज कुमार ने जारी कर दिया है।

पहले यह कार्य 1 दिसंबर से प्रस्तावित था लेकिन विधान परिषद चुनाव व मतगणना के कारण इसे आगे बढ़ा दिया गया है। चार जिलों गोंडा, संभल, मुरादाबाद व गौतमबुद्ध नगर में 9 नवंबर से पूर्ण परिसीमन की प्रक्रिया चल रही है। यह कार्य 7 से 13 दिसंबर के बीच पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। इन जिलों में वर्ष 2015 में पंचायत चुनाव से पहले परिसीमन नहीं हो पाया था।

संवाद राकेश पाण्डेय