July 30, 2021

DVNA

Digital Varta News Agency

श्रीलंका के ऊपर चक्रवाती तूफान ‘बुरेवी’, दक्षिणी तमिलनाडु और दक्षिण केरल तटों के लिए यलो अलर्ट

नई दिल्ली। डीवीएनए
03 दिसंबर की दोपहर को चक्रवाती तूफान 70-80 की रफ्तार से लेकर 90 किमी प्रति घंटे की रफ्तार के साथ पंबन के करीब केंद्रित होगा दक्षिण तमिलनाडु तटीय जिलों पर इसका प्रभाव 3 दिसंबर से शुरू होने की संभावना है, जो कि रामनाथपुरम जिले से शुरू होकर और धीरे-धीरे कन्याकुमारी जिले की तरफ बढ़ेगा दक्षिण तमिलनाडु (रामनाथपुरम, थूथुकुडी, तिरुनेलवेली, कन्याकुमारी, तेनकासी और शिवगंगई जिलों) और दक्षिण केरल (तिरुवनंतपुरम, कोल्लम, पठानमथिट्टा और आलप्पुझा) में अत्यधिक भारी बारिश होने संभावना है 3 और 04 दिसंबर को दक्षिण तटीय आंध्र प्रदेश और लक्षद्वीप में अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश होने की संभावना है समुद्र में तेज और ऊंची लहरें उठ रही हैं और मछुआरों को सलाह दी गई है कि वो 3 से 5 दिसंबर के बीच समुद्र में ना जाएं दक्षिण तमिलनाडु में नुकसान की आशंका – बिजली और संचार लाइनों, धान की फ़सलों, केला, पपीते के पेड़ों और बागों को नुकसान होने की संभावना है और निचले इलाकों में पानी भरने की भी संभावना है।

भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के चक्रवात चेतावनी विभाग के अनुसार:

श्रीलंका के ऊपर चक्रवाती तूफान ‘बुरेवी’ पिछले 6 घंटों में 11 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से पश्चिम-उत्‍तर-पश्चिम की ओर बढ़ गया है और आज सुबह, यानि 1 दिसंबर को भारतीय समयानुसार साढ़े पांच बजे यह मन्नार से लगभग 40 किमी पूर्व में, पम्बन (भारत) से 120 किमी पूर्व-दक्षिण में और कन्याकुमारी (भारत) से 320 किमी पूर्व-उत्तर-पूर्व में स्थित है। यह पश्चिम-उत्तर-पश्चिम की ओर बढ़ सकता है और अगले 3 घंटों के इसके मन्नार तट के पास मन्नार की खाड़ी की तरफ बढ़ने की संभावना है।

चक्रवाती तूफान 70-80 की रफ्तार से 90 किमी प्रति घंटे की रफ्तार के साथ 3 दिसंबर की दोपहर के करीब पंबन के करीब केंद्रित होगा। फिर यह दोपहर तक पंबन क्षेत्र में लगभग पश्चिम-दक्षिण-पश्चिम की ओर बढ़ेगा और 3 दिसंबर की रात और 4 दिसंबर की सुबह तड़के पंबन और कन्याकुमारी के बीच दक्षिण तमिलनाडु तट को पार कर 70-80 किलोमीटर प्रति घंटे से लेकर 80 किमी प्रतिघंटे की रफ्तार से हवा के साथ चक्रवाती तूफान की तरह रहेगा। इस प्रकार दक्षिण तमिलनाडु के तटीय जिलों पर प्रभाव 3 दिसंबर से शुरू होने की संभावना है, जो कि रामनतपुरमपुरम क्षेत्र में शुरू में और धीरे-धीरे कन्याकुमारी जिले की ओर बढ़ेगा।