May 17, 2021

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Digital Varta News Agency

आपको फिर से जीने का जज़्बा देगी नूर ज़लीला की कहानी…

नई दिल्ली।  डीवीएनए
आज अंतर्राष्‍ट्रीय दिव्‍यांग दिवस है, कई छोटे मोटे प्रॉब्लम होते हैं जिनका सहारा लेकर हम या तो हार मान लेते हैं या कामचोरी करने लगते हैं. यदि आपको लगता हैं कि सिर्फ आपकी जिंदगी ही मुश्किलों से भरी हैं तो जरा इस बहादुर और हुनरमंद लड़की की कहानी पढ़ लीजिये।

केरल के कोझ‍िकोड की रहने वाली नूर जलील एक दिव्यांग लड़की हैं. जन्म से ही उनके हाथ बांह के आगे और पैर घुटनों के नीचे विकसित नहीं हुए हैं. नूर खुद को ना तो मजबूर मानती हैं और ना ही बेचारी समझती हैं। 

नूर जीवन में हमेशा सकारात्मक रहती हैं. उसके लिए कोई भी काम नामुमकिन नहीं हैं। नूर के अंदर कई सारे हुनर हैं. जैसे वो पेंटिंग बना सकती हैं, वायलन बजा सकती। 

अंतर्राष्‍ट्रीय दिव्‍यांग दिवस पर प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी ने कहा, ‘‘कोरोना महामारी के पश्‍चात ‘‘विश्‍व को एक बार फिर बेहतर’’, दिव्‍यांग समावेशी, सुलभ बनाने की इस वर्ष की संयुक्‍त राष्‍ट्र की थीम के अनुरूप, आइए हम सामूहिक रूप से अपने दिव्यांग बहनों और भाइयों के लिए अवसर सुनिश्चित करने तथा सभी सुविधाओं तक उनकी पहुंच में सुधार लाने की दिशा में काम करते रहें।’’

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