May 11, 2021

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सुपर 30 के बाद अब इन गुरुओ पर है BOLLYWOOD की नजर

पटना। डीवीएनए

आनंद कुमार पर बनी फिल्म सुपर-30 के बाद अब बिहार के इन गुरुओ की कहानी पर है बॉलीवुड की नजर भविष्य में फिल्मी पर्दे पर इनकी स्टोरी भी लोगो को देखने को आएगी। बिहार के गुरु रहमान , आरके श्रीवास्तव और खान सर की शैक्षणिक कार्यशैली देश में चर्चा का विषय बना हुआ है।
गुरु रहमान
गुरु रहमान समाज के लिए एक मिसाल हैं। अब तक सौ से अधिक लड़कियों का कन्यादान करा चुके हैं। उन्होंने खुद भी सामाजिक बंधनों को तोड़ते हिंदू महिला से शादी की है। शादी के बाद इनकी पत्नी आज भी हिंदू धर्म का पालन कर रही हैं। गुरु रहमान अपने विचार और कर्म पर विश्वास रखते हैं। वे वेद के भी अच्छे जानकार हैं। इनका जन्म सारण जिले के बसंतपुर में 10 जनवरी 1974 को हुआ। प्रारंभिक शिक्षा डेहरी ऑन सोन से प्राप्त की। उसके बाद स्नातक करने के लिए बनारस हिंदू विश्वविद्यालय चले गए। यहां से उन्होंने प्राचीन भारत एवं पुरातत्व में स्नातक और मास्टर्स भी किया। इसके बाद कोचिंग में पढ़ाना शुरू कर दिया। बाद में वह पटना विश्वविद्यालय में पढ़ाने लगे, जहां यूजीसी ने उन्हें बेस्ट टीचर का अवार्ड दिया गया। साल 1997 में इन्होंने ऋगवेद कालीन आर्थिक एवं सामाजिक विश्लेषण विषय पर पीएचडी पूरी की।
समाज के लिए मिसाल हैं रहमान और अमिता
डॉ. रहमान ने 1997 प्रेम विवाह किया। इनकी पत्नी का नाम अमिता है, लेकिन अंतरधार्मिक विवाह करने के कारण समाज और उनके घर वालों को यह रिश्ता मंजूर नहीं हुआ। रहमान बताते हैं कि घर वाले अमिता को इस शर्त पर अपनाने को राजी थे कि वह इस्लाम कबूल कर ले, लेकिन धार्मिक स्वतंत्रता में विश्वास रखने वाले डॉ. रहमान को यह मंजूर नहीं था। इन्होंने पत्नी पर कभी कोई दबाव नहीं बनाया। इस कारण घर वालों ने उनसे नाता तोड़ लिया। शादी के लगभग सात वर्षों तक दोनों पति-पत्नी अलग रहे। रहमान लॉज में और अमिता गर्ल्स हॉस्टल में रहीं। भाड़ा चुकाने के लिए उन्हें काफी मशक्कत करनी पड़ी।
आर्थिक सहयोग नहीं मिलने के कारण यह दौर काफी कठिन था। किसी तरह कुछ दिन गुजरे। बाद में प्रो. विनय कंठ की कोचिंग में पढ़ाने का मौका का मिला। इससे महीना में तीन-चार हजार रुपए आने लगे। साल 2004 में इनकी एक किडनी खराब हो गई। इलाज कराने के दौरान इनका सारा पैसा खर्च हो गया। इस वजह से इनकी पत्नी को गहना तक बेचना पड़ा। काफी इलाज के बाद भी जब रोग ठीक नहीं हुआ तो इन्होंने प्राकृतिक चिकित्सा का सहारा लिया। इससे इन्हें काफी आराम मिला। इसी के बल पर यह आज तक स्वस्थ हैं और घंटों तक छात्र-छात्राओं को पढ़ाते हैं।
मात्र 11 रुपए में सपनों को मूर्त रूप दिया
गरीब बच्चों को शिक्षा देने के लिए इन्होंने अपनी बेटी अदम्या अदिति के नाम पर 2010 में संदलपुर इलाके में अदम्या अदिति गुरुकुल की नींव रखी। ये प्रयासरत थे कि यहां एक अनाथालय का निर्माण कराया जाए, जिसमें सैकड़ों गरीब बच्चों को मुफ्त में खाने-पीने, रहने और शिक्षा की व्यवस्था हो। मात्र 11 रुपए में गरीब बच्चों के सपनों को मूर्त रूप देने के सपने को साकार करने में लग गए। इस फिल्म में गुरु रहमान के जिंदगी के अनछुए पहलुओं को दर्शक देख पाएंगे। बुधवार को गुरू रहमान के 12 किताबों का एक साथ विमोचन भी किया गया।
सिर्फ 1रूपया गुरु दक्षिणा वाले आरके श्रीवास्तव
पापड़ बेचने वाले सुपर 30 के आनंद कुमार के बाद आटो रिक्शा वाले ने किया ये कारनामा, BOLLYWOOD की है इनपर नजर, भविष्य मे इनपर भी बन सकती है फिल्म,
इंजीनियरिंग एंट्रेंस टेस्ट की तैयारी करवाने वाले ” 1 रुपया गुरु दक्षिणा वाले मैथेमैटिक्स गुरु” आरके श्रीवास्तव का नाम वर्ल्ड बुक ऑफ रिकॉर्डस लंदन, इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्डस, गोल्डेन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स मे भी दर्ज हो चुका है । राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद भी आरके श्रीवास्तव के शैक्षणिक कार्यशैली की भी प्रशंसा कर चुके है । अभी तक 540 गरीब स्टूडेंट्स को बना चुके हैं इंजीनियर
आटो रिक्शा चलाकर कभी परिवार का होता था भरण- पोषण
आईआईटी, एनआईटी सहित अन्य इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षा के एंट्रेंस टेस्ट की तैयारी करवाने वाले आरके श्रीवास्तव ने सैकङो आर्थिक रूप से गरीब स्टूडेंट्स के सपने को पंख लगाया।आरके श्रीवास्तव पिछले कई सालों से गरीब बच्चों को 1 रुपया गुरु दक्षिणा में शिक्षा देकर उन्हें आईआईटी, एनआईटी,बीसीईसीई सहित देश के अन्य प्रतिस्ठित प्रवेश परीक्षाओ में सफलता दिलाते रहे हैं।
आरके श्रीवास्तव को उनके शैक्षणिक कार्यशैली के लिये वर्ल्ड बुक ऑफ रिकॉर्डस के अलावा दर्जनो अन्य पुरस्कारों से भी सम्मानित किया जा चुका है।हालांकि उनकी इस सफलता के पीछे संघर्ष भी लंबा है,यह साधारण आदमी कई गरीब बच्चों का जीवन सवार चुके है और आगे यह काम जारी भी है ।
आरके श्रीवास्तव का जन्म बिहार राज्य के रोहतास जिले के बिक्रमगंज में हुआ था, स्कूल के दिनों से ही उन्हें मैथ से काफी लगाव रहा है। पिताजी के बचपन मे साथ छोड इस दुनिया से चले जाने के बाद आर्थिक तंगी की वजह से सरकारी शैक्षणिक संस्थाओ से पढ़ाई करना पड़ा। पैसों की तंगी के चलते आरके श्रीवास्तव के बड़े भाई ( जो अब इस दुनिया मे नही है) ने दिनभर के आटो रिक्शा से प्राप्त भाड़े से परिवार का भरण पोषण करना प्रारंभ किया।
क्या है 1 रुपया गुरु दक्षिणा वाले गुरु की शैक्षणिक कार्यशैली?
आरके श्रीवास्तव अपने शिक्षा के दौरान टीबी की बिमारी के चलते नही दे पाये थे आईआईटी प्रवेश परीक्षा, टीबी की बिमारी के चलते आईआईटीयन न बनने की टीस ने दिलाया सैंकड़ों गरीब स्टूडेंट्स के सपने को पंख।
टीबी की बिमारी के ईलाज के दौरान आरके श्रीवास्तव ने अपने गाँव बिक्रमगंज मे मैथमैटिक्स पढाना शुरू किया था। जहां वह साधारण फीस पर बच्चों को एंट्रेंस एग्जाम के लिए तैयार करते थे। कम फीस होने के बावजूद कुछ बच्चे यहां एडमिशन नहीं ले पाते थे। जिसके बाद आरके श्रीवास्तव ने ” 1 रुपया गुरु दक्षिणा” प्रारुप वाले शैक्षणिक कार्यशैली की शुरुआत किया।
“1 रुपया गुरु दक्षिणा” एक एजुकेशनल प्रोग्राम है, जहां गरीब और होनहार बच्चों को 1 रुपया फ़ी लेकर आईआईटी, एनआईटी के लिए कोचिंग दी जाती है। जो स्टूडेंट्स 1 रुपया फ़ी भी देने योग्य नही होते है उन्हे निःशुल्क शिक्षा दिया जाता है जब वे सफल होकर नौकरी करने लगते है उसके बाद वे आकर अपने गुरु को उनका गुरु दक्षिणा 1 रुपया जरुर देते है । स्टूडेंट्स को सेल्फ स्टडी के प्रति जागरूक करने के लिये आरके श्रीवास्तव का स्पैशल गणित का लगातार 12 घंटे का नाइट क्लासेज अभियान देश मे काफी लोकप्रिय है । जिस दिन आरके श्रीवास्तव पूरी रात लगतार 12 घंटे स्टूडेंट्स को गणित का गुर सिखाने के लिये बुलाते है उस दिन उनके खाने की व्यवस्था भी होती है। बच्चों के लिए आरके श्रीवास्तव की मां आरती देवी खाना बनाती हैं।
खान सर
आजकल सोशल मीडिया पे Khan Sir Patna वाले के वीडियोस काफी शेयर हो रहे हैं। ट्रेंडिंग व्यक्तियों में से वे काफी चर्चित व्यक्ति रहे हैं। आखिर कौन हे ये Khan Sir? क्यों हो रहे हैं इनके वीडियोस इतने लोकप्रिय? सोशल मीडिया में इन्होने अपनी जगह कैसे बनायीं? आइए जानें Khan Sir Patna वाले के बारे में और उनकी बढ़ती लोकप्रियता के बारे में,
खान सर, पटना के सबसे बड़े कोचिंग संस्थान ‘खान GS रिसर्च सेण्टर’ के संस्थापक हैं। ये संस्थान गवर्नमेंट जॉब्स के एंट्रेंस परीक्षा की तैयारी कराता है। पटना में ये इंस्टिट्यूट UPSC, UPPCS, BPSC, BSSC, UPSSSC, SSC, Bank, Rly, Airforce कोचिंग के लिए सबसे अच्छा माना जाता हे. खान सर खुद सामान्य ज्ञान (general studies) की तैयारी कराते हैं।खान सर, पटना में और पूरे बिहार में काफी प्रसिद्ध है। अपने विद्यार्थियों के बीच वे काफी लोकप्रिय।
Khan Sir का कौन सा video सबसे पहले viral हुआ?
Khan Sir Patna में काफी समय से कोचिंग इंस्टिट्यूट चला रहे हैं। 2019 अप्रैल में उन्होंने यूट्यूब में अपना एक चैनल खोला – जिसका नाम ‘Khan GS Research Center’ रखा अब यही चैनल पूरे भारत में खान सर की लोकप्रियता का कारण बन गयी है
मात्र एक महीने में ही इनके यूट्यूब चैनल ने १० लाख सुब्स्क्रिबेर्स जोड़ लिए! १० लाख, १ महीने में!!! एजुकेशन चैनल के इतनी तेज़ी से बढ़ने वाला चैनल शायद ही कोई होगा।आप खुद ही अनुमान लगा सकते हैं खान सर की खासियत पर आज की तारीख में अब इनके ३२ लाख सब्सक्राइबर्स हैं।
खान सर वैसे तो काफी समय से यूट्यूब पे वीडियोस डाल रहे हैं, पर इनकी लोकप्रियता गलवान घाटी वाली भारत और चीन के बीच बनी टेंशन से बढ़ी।
ये वीडियो सोशल मीडिया पे वायरल हो गयी थी।इस वीडियो को करीब ३० लाख बार यूट्यूब पे देखा गया और २४००० लोगो ने इस पे यूट्यूब में कमेंट किया।यही से इनकी लोकप्रियता बढ़नी शुरू हो गयी
इस वीडियो में आप देख सकते हैं की कितने सरल भाषा में इन्होने इस पुरे घटना को बताया है। सिर्फ इतना ही नहीं काफी विस्तार में सचित्र रूप से इन्होने इस पूरी घटना को बताया है।पुरे दिल से, विपरीत परिणाम के बारे में न सोचते हुए, इन्होने ये वीडियो बनाया, इसी वजह से इसको इतना पसंद किया गया।
मुश्किल से मुश्किल चीज़ को भी ये पूरी सरलता से समझते हैं। आप चाहे कोई भी बैकग्राउंड के हों, आप इनके पढाई को बहुत जल्दी समझ सकते हैं। इनमे पढ़ाने का एक जूनून हे जो इनके वीडियोस में देखने को मिलता है। यही जूनून किसी भी वर्ग के लोगों को आकर्षित करती है। इनके वीडियोस में एक सरलता है। ये भाषा को महत्व न देके ज्ञान को महत्व देते हैं। उनका मानना यह हे की कोई भाषा आपको सफल या असफल नहीं बनाता, आपका ज्ञान बनाता हे. यही बात लोगो को सबसे अच्छी लगती हे. सरलता से हिंदी भाषा में पुरे विस्तार से किसी भी विषय को बताना इनकी शक्ति है।
चाहे आप किसी भी श्रेणी के व्यक्ति हों – युवा, बचें या बड़े, आपको इनके वीडियोस ज़रूर पसंद आएंगे, ये एक लत की तरह हे, एक बार देख लिया तो छूटेगा नहीं।