June 20, 2021

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स्कूलों में शर्मनाक घपला : छात्रवृत्ति, प्रतिपूर्ति में गलत फीडिंग, डीएम ने शुरू कराई जांच

बांदा डीवीएनए। जिले के निजी शिक्षण संस्थानों में अंधेर गर्दी का तांडव है। महाविद्यालयों द्वारा कई पाठ्यक्रम की छात्रवृत्ति व प्रतिपूर्ति 2020-21 का गलत मास्टर डाटा फीड कर निर्धारित शुल्क से बढ़ चढ़कर बेखौफ राशि दर्शा दी गईग। मामला शासन तक पहुंचा तो इसे गंभीरता से लेते हुए पूरे प्रदेश में जांच के आदेश दिए गये। यहां डीएम आनन्द सिंह ने 106 इंटर व महाविद्यालयों की जांच के लिए 35 अफसरों को नामित किया है।
प्रमुख सचिव (उच्च शिक्षा) बीएल मीणा द्वारा जारी आदेश में कहा कि शिक्षण संस्थाओं से छात्रवृत्ति व प्रतिपूर्ति संबंधित 2020-21 के मास्टर डाटा में पाठ्यक्रम, शुल्क व स्वीकृत सीटों की संख्या मांगी गई थी। शिक्षण संस्थाओं द्वारा भेजे गए मास्टर डाटा में अंकित फीस का परीक्षण कराया गया तो कई संस्थाओं ने निर्धारित शुल्क से अधिक अंकित किया है।
निजी महाविद्यालयों को संचालित पाठ्यक्रम बीपीएड, एमएड, एलएलबी आदि में शुल्क निर्धारित करने का अधिकार नहीं है, लेकिन कई संस्थाओं ने एमएड पाठ्यक्रम में शुल्क 51,250 से 65,000 तक दर्शाते हुए वेबसाइट पर लाक किया है। उच्च शिक्षा विभाग के अधीन सभी निजी महाविद्यालयों के पाठ्यक्रमों में लाक की गई शुल्क, स्वीकृत सीटों से अधिक संख्या में आवेदन अग्रसारित किए जा रहे, जो नियमों के विरुद्ध हैं।
प्रमुख सचिव ने कहा कि इसी प्रकार दशमोत्तर छात्रवृत्ति योजना अंतर्गत शिक्षण संस्थानों से अनुसूचित जाति व अन्य वर्गों का अग्रसारित डाटा में भी खामियां पाई गईं। अनुसचित जाति/जनजाति, पिछड़ा वर्ग छात्रों ने आय प्रमाणपत्र नंबर के स्थान पर शून्य का प्रयोग किया है। जन्म तिथि, जाति प्रमाणपत्र में पिता के नाम अलग-अलग हैं।
प्रमुख सचिव ने निर्देश दिए कि निजी इंटर कालेज सहित उच्च शिक्षा विभाग के अधीन समस्त निजी महाविद्यालयों में छात्रवृत्ति व शुल्क प्रतिपूर्ति की जांच कराकर दोषी संस्थाओं के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाए। जिला समाज कल्याण अधिकारी गीता सिंह ने बताया कि शासनादेश के अनुपालन में डीएम के आदेश पर जनपद के 106 शिक्षण संस्थाओं की जांच के लिए 35 अधिकारी तैनात किए गए हैं।
संवाद विनोद मिश्रा