January 25, 2022

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तिकड़म फेल: सीबीआई के शिकंजे में आसानी से नहीं फंसी थी जेई राम भवन की पत्नी दुर्गावती!

बांदा। (डीवीएनए)प्रदेश औऱ देश का बहुचर्चित केस, मासूमों संग हैवानियत करने वाले सिचाई विभाग के निलंबित अवर अभियंता रामभवन की पत्नी दुर्गावती को सीबीआई ने अपनी पूरी तैयारी व मजबूत साक्ष्य एकत्र करनें के उपरांत गिरफ्तार किया था। 
अपने पति को बचाने के लिए दुर्गावती हर सम्भव-असम्भव प्रयास कर रही थी। कोई गवाही न दे सके इसके लिये वह किसी को पैसे का लालच दे रही थी तो किसी को परोक्ष रूप से धमकाने का प्रयास कर रही थी। 
इसके लिये उसने कई जगहों पर उसने राय-मशविरा भी किया। इधर, सीबीआइ उसके हर क्रिया कलाप पर नजरे रखे थी। टीम के सदस्य पीछे लगे हैं, इस बात से वह अनभिज्ञ रही। मोबाइल सर्विलांस पर लगा होने से उसकी हर बात सीबीआइ के जेहन तक पहुंच रही थी।
 यही वजह रही कि जब पानी सिर से ऊपर चढ़ने लगा तो सीबीआइ ने उसको भी गिरफ्तार कर सीखचों के पीछे पहुंचा दिया। सीबीआइ ने लंबी कोशिशों के बाद मासूमों के यौन शोषण और अश्लील वीडियो व फोटो विदेशों तक बेचकर लाखों कमाने वाले निलंबित जेई रामभवन को दबोचा था। 
पेन ड्राइव, लैपटॉप, मोबाइल जैसे पुख्ता साक्ष्य बरामद करने के साथ उसे जेल के पीछे पहुंचाया और पूरे नेटवर्क की तलाश में जुट गई। सीबीआइ की कोशिशें रंग लाईं और करीब 12 साल पहले के वीडियो फुटेज के आधार पर पीड़ितों की पहचान होने लगी। अब तक करीब 39 ऐसे पीड़ितों की पहचान की जा चुकी है।
 जो हैवानियत का शिकार बने। इधर, पति रामभवन के ऊपर शिकंजा कसते देख उसकी पत्नी दुर्गावती ने बचाने की कोशिशें शुरू कर दीं। इसमें सबसे अहम कड़ी पीड़ित बच्चे और उनके अभिभावक रहे। 
सीबीआइ सूत्र बताते हैं कि घिनौने कारनामे से लाखों कमाने वाले रामभवन की पत्नी ने इन पैसों को ही अपना हथियार बनाया। इधर, सीबीआइ गवाहों की सूची बना रही थी, उधर दुर्गावती ने ऐसे लोगों को तोड़ने की दिशा में हर तिकड़म अपनानी शुरू कर दी।
रुपया से बात सेट न होने पर धमकी भी
अंदरखाने के सूत्र बताते हैं कि काफी पीड़ितों की जानकारी दुर्गावती को भी थी। यही वजह थी कि सीबीआइ की पहुंच के साथ उसने अपनी चाल चलनी शुरू कर दी। पहले पैसों का लालच देती थी। बात नहीं बनने पर धमकी देनी शुरू कर दी। इसी कड़ी में 21 दिसंबर को वह तीन पीड़ित बच्चों व अभिभावकों को लेकर कानून के एक ज्ञाता के पास पहुंची थी।
पीछे लगी थी टीम, हर बात पर लगाए थी कान
जब दुर्गावती पीड़ितों के अभिभावकों के साथ गई तो उसके पीछे सीबीआइ टीम के सदस्य भी लगे थे। वह गवाहों को फोन से धमकी देने का भी सिलसिला जारी रखे थी। सीबीआइ को कुछ लोगों ने लिखित रूप से इस बात की शिकायत भी की थी। जांच और साक्ष्य के आधार पर ही सीबीआइ ने उसे गिरफ्तार कर 28 दिसंबर को अपर सत्र न्यायाधीश पंचम मो. रिजवान की अदालत में पेश किया, जहां से जेल भेज दी गई।
यह है मामला
कर्वी सिचाई विभाग में तैनात निलंबित जेई रामभवन को सीबीआइ ने 16 नवंबर को गिरफ्तार करने के बाद अदालत में पेश किया था। जिसके बाद उसे मंडल कारागार भेज दिया गया था। साक्ष्यों के आधार पर सह आरोपित उसकी पत्नी दुर्गावती की भी गिरफ्तारी 28 दिसंबर को की गई थी। दोनों बांदा जेल में बंद हैं। इधर, सीबीआइ जांच के आधार पर साक्ष्य मजबूत करने में जुटी है। बुधवार को आरोपित दुर्गावती की जमानत अर्जी दाखिल की गई थी। इस मामले की भी सुनवाई 18 जनवरी को होगी।

संवाद:- विनोद मिश्रा