June 17, 2021

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‘रन फॉर बेटर चंबल’ मैराथन का सफल आयोजन

औरैया डीवीएनए। चंबल फाउंडेशन द्वारा आयोजित चंबल मैराथन का उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और राजस्थान के प्रभारियों ने सफल आयोजन किया। मकर संक्रांति के मौके पर गुरुवार को सुबह नौ बजे से इटावा जनपद स्थित चंबल नदी से यमुना नदी तक ‘चंबल मैराथन प्रतियोगिता’ का आयोजन किया गया।

इस मैराथन का प्रारंभ खेड़ा अजब सिंह गांव के नजदीक चंबल वैली वर्ड वाचिंग एंड क्रोकोडाइल रिसर्च सेंटर से शुरू हुआ। समापन उदी मानिकपुर बाईपास, यमुना नदी तट पर हुआ। चंबल फाउंडेशन द्वारा चलाए जा रही ‘स्प्रिट चंबल’ और ‘रन फॉर बेटर चंबल’ जैसी मुहिम से चंबल नदी घाटी क्षेत्र का परिदृश्य और पहचान बदल सकेगी।

उत्तर प्रदेश के प्रभारी अंतराष्ट्रीय निशानेबाज एवं राष्‍ट्रीय खिलाड़ी राहुल तोमर ने कहा कि चंबल-यमुना का दोआबा का यह इलाका आजादी आंदोलन में कंपनीराज के खिलाफ अंग्रेजों की सबसे बड़ी चुनौती बना रहा हैै। आजाद हिंद फौज की तर्ज पर बनाई गई ‘लाल सेना’ के कमांडर अर्जुन सिंह भदौरिया और चंबल के रणबांंकुरों से ब्रिटिश सरकार घबरा गई थी। ‘नर्सरी आफ सोल्जर्स’ के नाम से सुविख्यात चंबल वह क्षेत्र है जहां के लोग देश के लिए बलिदान हो जाने के जुनून के चलते सबसे ज्यादा संख्या में सेना और अन्य बलों में बढ़-चढ़कर शामिल होते हैं। इस बड़े क्षेत्र में शांति के दिनों में भी किसी न किसी गांव में सरहद पर तैनात किसी जवान को तिरंगे में लपेटकर लाया जाता है। 

मध्य प्रदेश के प्रभारी और अरसे से चंबल पर्यटन के रूह-ए-रवा राधे गोपाल यादव ने कहा कि गौरवशाली विरासत वाले चंबल घाटी में बिना देर किए उसकी प्राकृतिक संरचनाओं को सहेजते हुए प्रगति की गंगा बहाई जाए। चंबल क्षेत्र के युवाओं की शिक्षा, ऊर्जा और आवेश को रचनात्मक धरातल प्रदान करते हुए सृजनात्मक उपयोग होना आवश्यक है। बीहड़ी इलाके के लिए विशेष पैकेज जारी हों। चंबल के उपेक्षित स्थलों को राष्ट्रीय पर्यटन मानचित्र से जोड़कर घाटी में पर्यटन की अपार संभावनाओं की राह खोली जाए।

राजस्थान के प्रभारी पुखराज बैरवा कहा कि चंबल मैराथन घाटी की सांस्कृतिक ऊर्जा से विश्व को संदेश देगा कि चंबल अब देश दुनिया के साथ कदमताल करने को बेताब है। चंबल मैराथन में आस-पास के जिलों के खिलाड़ी दौड़ में प्रतिभागी बनें।

चंबल मैराथन दौड़ का 3 चक्रों में आयोजन
चंबल मैराथन दौड़ का आयोजन 3 चक्रों में हुआ। प्रथम चक्र 9 किलोमीटर की दौड़ में शिवम यादव प्रथम, उदय बघेल द्वितीय व सौरभ कुमार तृतीय विजेता रहे। द्वितीय चक्र की दौड़ 21 किलोमीटर में विकास कुमार प्रथम ,दीपक कुमार द्वितीय, रोहित व सचिन यादव तृतीय विजेता रहे। तृतीय मैराथन दौड़ 42 किलोमीटर में अतुल दुबे ने 2 घंटा 17 मिनट 38 सेकंड में 3. 22 किलोमीटर प्रति सेकंड की रफ्तार से दौड़ में प्रतिभाग किया और 42 किलोमीटर की दौड़ में प्रथम स्थान प्राप्त किया।

वहीं संजय कुमार ने द्वितीय व दीपक कुमार ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। 42 किलोमीटर की चंबल मैराथन का सफल समापन चंबल परिवार फाउंडेशन प्रभारी वीरेंद्र सिंह सेंगर, गौरव चौहान, दीप कुमार दुबे और देश कुमार, एसपी राणा ,शिवेंद्र सिंह सेंगर आदि ने प्रतिभागी विजेताओं को माला पहनाकर एवं मुंह मीठा करवा कर उत्साहवर्धन किया और विशेष रूप से चंबल मैराथन आयोजक शाह आलम का धन्यवाद किया वीरेंद्र सिंह सेंगर ने सभी विजेताओं को चंबल फाउंडेशन की ओर से पदक पहनाकर सम्मानित किया। इस अवसर पर चंबल फाउंडेशन के बोर्ड मेंबर प्रदीप यादव एडवोकेट, डॉक्टर कमल कुमार कुशवाहा, शाह आलम, शशिकांत दीक्षित, गगन शर्मा आदि मौजूद रहे।
संवाद अरुण बाजपाई