January 25, 2022

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Digital Varta News Agency

70 डिग्री तापमान पर अण्डा व मांस को पकाकर सेवन किया जाये: मुख्य विकास अधिकारी

आगरा। (डीवीएनए)बर्ड फ्लू के खतरे को देखते हुए जिलाधिकारी के निर्देश पर बुधवार को मुख्य विकास अधिकारी जे0 रीभा की अध्यक्षता में विकास भवन सभागार में एवियन इन्फ्लूएन्जा (बर्ड फ्लू) बीमारी से बचाव एवं निगरानी के लिए जनपद स्तरीय गठित टास्क फोर्स की बैठक सम्पन्न हुई।बैठक में मुख्य विकास अधिकारी ने सभी पशु चिकित्साधिकारियों से कहा कि वे अपने-अपने क्षेत्र में संचालित सभी पोल्ट्री फार्मों की नियमित निगरानी करें।
 तथा अण्डा, मुर्गा, मीट विक्रेताओं को स्वच्छता रखने के साथ ही हप्ते में एक दिन दुकानों को सेनिटाइज कराये जाने हेतु निर्देशित किया जाय एवं मीट कारोबार से जुडे़ व्यवसायियों को भी विशेष सावधानी बरतने के निर्देश दिये जाय। उन्होंने कहा कि जनपद में स्थापित बतख/पोल्ट्री फार्म के साथ-साथ बैकयार्ड पोल्ट्री, पोल्ट्री दुकान/बाजार, प्रवासी पक्षियों के मार्ग, वन्य जीव अभ्यारण, पक्षी अभ्यारण, नेशनल पार्क, जलाशय अन्तर्राज्यीय सीमा से लगे क्षेत्रों का लगातार सर्विलान्स किया जाय। 
जनपद के समस्त ब्लाक स्तरीय उप मुख्य पशु चिकित्साधिकारियों/पशु चिकित्साधिकारियों (टीम प्रभारी) रैपिड रेस्पांस टीम को निर्देश दिये गये कि प्रतिदिन कम से कम 30 बर्ड सैम्पल विभिन्न क्षेत्रों से एकत्र कर लैब को प्रेषित किये जाये।
मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डा0 वासुदेव सिंह तोमर ने बर्ड फ्लू से बचाव के सम्बन्ध में विस्तार से जानकारी देते हुए बताया कि पक्षियों के बाहरी आवागमन पर अग्रिम आदेशों तक शासन द्वारा प्रतिबन्ध लगाया गया है। झील/वाटर बाड़ी आदि के पास यदि कोई पक्षी मृत पाये तो तत्काल पशुपालन विभाग को सूचित करें।
जिससे उनकी जॉच हेतु बर्ड फ्लू बीमारी के सैम्पल लिये जा सकें। इसके साथ ऐसे पक्षियों का शव निस्तारण भी मानक के अनुसार किया जाय। पक्षियों के मांस का प्रयोग करने वाले लोग कम से कम 70 डिग्री सेल्शियस पर पकाकर ही इस्तेमाल करें तथा अण्डा भी इसी तापमान पर पकाकर उपयोग किया जाये।
मुख्य पशु चिकित्साधिकारी ने बैठक में जानकारी देते हुए बताया कि एवियन इन्फ्लूएन्जा (बर्ड फ्लू) पक्षियों में होने वाला विषाणुजनित संक्रमण रोग है, यह रोग पक्षियों को ही संक्रमित करता है, परन्तु यह सूकर व घोड़े को भी संक्रमित कर सकता है। 
इसके अतिरिक्त विपरीत परिस्थितियों में स्पीसीज बैरियर को क्रास कर मनुष्य को भी संकमित कर सकता है। यह विषाणु अन्य देश, प्रदेश से आने वाले पक्षियों, चूजों, मुर्गे, मुर्गियों के माध्यम से आता है। उन्होंने बताया कि जनपद में ऐसी कोई बीमारी नही है फिर भी सजगता, सर्तकता की आवश्यकता है।

संवाद:- दानिश उमरी