January 25, 2022

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Digital Varta News Agency

बच्चों का यौन शोषण: आयुर्विज्ञान संस्थान की टीम बच्चों की करेगी जांच

बांदा(डीवीएनए )।अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान के चिकित्सकों की टीम करीब दस से बारह वर्ष पहले गंदे अंकल की हैवानियत का शिकार बच्चों की जांच करेगी। इस जांच के सहारे सीबीआई हैवान जेई के खिलाफ मजबूत साक्ष्य जुटाएगी। बच्चों की जांच करने के लिए डाक्टरों का पैनल तैयार हो गया है। दिल्ली से डॉक्टरों की टीम जल्द ही पहुंचेगी। कयास है कि दो से तीन दिनों के अंदर जांच की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी। इसमें बांदा और चित्रकूट के वह पीड़ित बच्चे भी शामिल हैं, जो अब जवानी की दहलीज पर कदम रख चुके हैं।

पचास से ज्यादा बच्चों को अपनी हैवानियत का शिकार बनाने वाले आरोपित निलंबित जेई रामभवन पर सीबीआइ की शिकंजा तेजी से कसता जा रहा है। एम्स के विशेषज्ञ चिकित्सकों का पैनल बनाया गया है, पीड़ितों की जांच करेगा। सीबीआइ ने अभी तक ऐसे 39 बच्चों की पहचान कर ली है, जो करीब दस से बारह साल पहले के वीडियो फुटेज में नजर आ रहे हैं। इनमें कुछ बालिग भी हो चुके हैं। हालांकि पीड़ितों की संख्या करीब अस्सी के आसपास पहुंचने की संभावना है।

जेई की पत्नी की भी करतूत आई है सामने

सीबीआइ के हाथ करीब सात सौ ऐसे वीडियो फुटेज हाथ लगे हैं, जिसमें आरोपित घिनौनी हरकत करते साफ दिख रहा है। उसके शिकंजे में फंसे कुछ बच्चे चीखते तो कुछ छटपटाते नजर आ रहे हैं। महज दो कमरों के मकान में रहने वाले आरोपित की पत्नी भी चीख सुन पहुंची, लेकिन मदद के बजाए उल्टे पैर लौट गई। कड़ी मशक्कत के बाद सीबीआइ ने जिनकी पहचान की, उनमें कई ने बताया कि मोबाइल गेम व अन्य लालच देकर उनके साथ घिनौनी हरकत की गई। करीब दस से बारह वर्ष पहले शिकार कई बच्चों की उम्र अब बालिग होने तक पहुंच गई, जबकि कुछ हो चुके हैं।

कैंप कार्यालय में होगी जांच

सीबीआइ सूत्र बताते हैं कि चित्रकूट के कैंप कार्यालय में पीड़ितों की जांच की जाएगी। जल्द ही टीम दिल्ली से आ सकती है। सीबीआइ उन बच्चों की सूची तैयार कर चुकी है, जिनकी जांच कराई जानी है।
संवाद , विनोद मिश्रा