June 13, 2021

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धान खरीद केंद्र पर धमकी से भड़के किसान, किया हंगामा

बांदा (डीवीएनए)। जिला की नरैनी तहसील के करतल में पीसीएफ धान खरीद केंद्र पर मंगलवार को किसानों के बीच आक्रोश तब भड़क गया, जब केंद्र प्रभारी ने जांच को पहुंचे अधिकारियों को बरगला दिया। किसानों का धान व्यापारियों का बताने पर वह भड़क गए और हंगामे के हालात बन गए। आरोप है कि पुलिस को बुलाकर जेल भेजने की धमकी दी गई। सूचना पर पहुंचे नायब तहसीलदार ने सही जानकारी देकर हालात को संभाला। अधिकारियों को वस्तुस्थिति से अवगत कराया गया। बाद में जल्द से जल्द तौल कराने के निर्देश दिए गए।
करतल के धान खरीद केंद्र पर आरएम पुष्पेन्द्र कुमार कुशवाहा, डिप्टी आरएम गोविद प्रसाद उपाध्याय व एआर वीरेंद्र बाबू दीक्षित ने निरीक्षण किया। इसी दौरान अधिकारियों को जानकारी दी गई कि मंडी परिसर में रखा धान व्यापारियों का है। जिसके कारण तौल नहीं की गई। इस बात पर किसान भड़क गए। बताया कि करीब पंद्रह दिनों से वह लोग तौल कराने के लिए इंतजार कर रहे हैं। केंद्र प्रभारी अरुणोदय कुमार रात में व्यापारियों के माल की तौल करा लेते हैं। उन लोगों को कभी बोरों की कमी तो कभी नमी बताकर लौटा दिया जाता है। करतल न्याय पंचायत में करीब बीस गांव के किसान हैं, जो मनमानी से परेशान हैं। ज्यादा कहने पर लेखपाल से सत्यापन की बात की जाती है। इसी बात को लेकर माहौल गरम हो गया।
बिलहरका, रगौली, करतल, नहरी, मानपुर समेत कई गांवों के किसान मंगल, रामविलास कुबेर, धनीराम, जगत सिंह, अमर सिंह आदि ने कहा कि हमारा धान एक महीने से मंडी परिसर में रखा है। तौल नहीं की जा रही है। यही हाल रहा तो अब धान की पैदावार के बजाए पिपरमेंट की खेती करेंगे। एसडीएम वंदिता श्रीवास्तव को भी फोन कर गलत जानकारी दी गई। किसान चुन्ना तिवारी, धीरेंद्र सिंह, रामनरेश सिंह, चंद्रशेखर सिंह आदि किसानों ने जमकर आक्रोश जताया। नायब तहसीलदार जितेंद्र सिंह ने परिसर में रखे धान को जायज ठहराया। कहा यह पंजीयन के मुताबिक धान किसानों का है। किसानों का धान न तो जब्त होगा और न ही सीज किया जाएगा। लेखपालों की रिपोर्ट के अनुसार पंजीयन किया गया है। नायब तहसीलदार जितेंद्र सिंह किसानों को समझाकर शांत कराया।