January 25, 2022

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भ्रष्टाचार में फंसे पालिका चेयरमैन, जांच में पाए गए दोषी

बांदा डीवीएनए। नगर पालिकाध्यक्ष के खिलाफ शासन स्तर पर की गई शिकायत के बाद टीम की जांच में वह दोषी मिले हैं। सदर विधायकप्रकाश दिवेदी व कुछ सभासदों द्वारा की गई शिकायत के बाद डीएम ने तीन सदस्यीय टीम गठित कर जांच कराई थी, जिसमें पालिकाध्यक्ष मोहन साहू दोषी पाए गए । आठ बिदुओं पर हुई जांच में भ्रष्टाचार के भी मामले हैं। आयुक्त ने नगर विकास प्रमुख सचिव को रिपोर्ट भेजी है। कयास है कि जल्द ही बड़ी कार्रवाई हो सकती है।
पालिका अध्यक्ष मोहन साहू के खिलाफ सदर विधायक प्रकाश द्विवेदी व कुछ सभासदों ने शासन स्तर पर भ्रष्टाचार व कर्मचारियों के उत्पीड़न की शिकायत की थी। डीएम की ओर से गठित तीन सदस्यीय टीम की जांच रिपोर्ट पालिका अध्यक्ष मोहन साहू की मुश्किल बढ़ा सकती है।
डीएम आनंद कुमार सिंह ने आयुक्त को भेजी जांच रिपोर्ट में बताया कि आइजीआरएस पोर्टल के माध्यम से चेयरमैन मोहन साहू के विरुद्ध आठ बिदुओं पर शिकायत मिली थी। बिदुवार जांच के लिए एडीएम, कोषाधिकारी और पीडब्लूडी एक्सइएन की टीम गठित कर जांच कराई गई। जिसमें चेयरमैन व तत्कालीन अधिशाषी अधिकारी समेत सात लोग दोषी पाए गए हैं। संयुक्त जांच कमेटी की रिपोर्ट में चेयरमैन पर चहेतों को लाभ पहुंचाने, अधिकारों का दुरुपयोग, विद्युत सामग्री की खरीद फरोख्त में नियमों की अनदेखी और नगर पालिका में अनाधिकृत तौर पर सभासद अनवर अली को अध्यक्ष मनोनीत करना व अन्य अनियमितताओं के आरोप सिद्ध पाए गए हैं।
रिपोर्ट में कहा गया कि मनोनीत एक दिन के अध्यक्ष ने अनाधिकृत रूप से सरकारी कार्य और भुगतान किए। एक चहेते सपा नेता के निजी कैंपस में इंटरलाकिग कराई और सरकारी धन का दुरुपयोग किया।
जांच कमेटी ने पूरे प्रकरण में चेयरमैन मोहन साहू समेत तत्कालीन अधिशाषी अधिकारी, सहायक अवर अभियंता, अवर अभियंता, कर अधीक्षक और विनोद कुमार को प्रथम दृष्टया दोषी करार दिया है। संयुक्त जांच टीम की रिपोर्ट और डीएम की संस्तुति के साथ ही मंडलायुक्त गौरव दयाल ने कार्रवाई की संस्तुति के साथ प्रमुख सचिव नगर विकास को पत्र भेजा है।
इस मामले पर पालिका अध्यक्ष मोहन साहू का कहना है की मेरे राजनीतिक विद्वेष है। भ्रष्टाचार के जो भी गंभीर आरोप मुझ पर लगे हैं, वह पूरी तरह सही नहीं हैं।
संवाद विनोद मिश्रा