January 29, 2022

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Digital Varta News Agency

मंजुला संभालेगी पति की राजनीतिक विरासत, सपा से लड़ेगी चुनाव

बांदा। (डीवीएनए)जिले से तीन बार विधायक और प्रदेश सरकार मे मंत्री रहे विवेक सिंह की राजनीतिक विरासत अब कौन संभालेगा इस को लेकर रजनीतिक क्षेत्र में चर्चाओं का दौर सुलग रहा है, लेकिन कल यह सुलगन प्रज्वलित होकर भड़क उठी।
दरअसल सूबे के पूर्व मुख्य मंत्री और समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव अपने दौरे मे बांदा आकर विवेक सिंह के आवास पर पहुंचे औऱ उनकी पत्नी मंजुला सिंह से मिले। सूत्र बतातें है की राजनीतिक चर्चायें भी हुई। फिर क्या था राजनीतिक समीक्षाओं का दौर शुरू हो गया। 
कयास लगाये जानें लगें की विवेक सिंह की पत्नी मंजुला सिंहआगामी विधान सभा चुनाव में सपा में शामिल होकर राजनीति में पदार्पण कर बांदा विधान सभा सीट से चुनाव मैदान में आ सकती हैं।
हालाकिं उनके पति विवेक सिंह लोकदल, कांग्रेस, भाजपा, सपा में शामिल होकर अपनी जिंदगी के अंतिम क्षणों में कांग्रेस में थे औऱ तीन बार विधायक इन्ही राजनीतिक पार्टियों की परिक्रमा में कांगेस से ही रहे तथा लोकतांत्रिक कांग्रेस से राज्य सरकार में मंत्री। 
बाद में पिछले चुनाव में वह सपा-कांग्रेस गठबंधन में कांगेस प्रत्याशी बने परंतु भाजपा प्रत्याशी प्रकाश दिवेदी के प्रकाश में विवेक सिंह का विवेक विलीन हो गया और चुनाव परिणाम में वह तीसरे पायदान पर खिसक गये थे । राजनीतिक विश्लेषक विवेक सिंह की पराजय का एक प्रमुख कारण यह मानते हैं की उनकी राजनीतिक रणनीतिकारो जिनकी गणना उनके नौ रत्नो में थी।
उनकों तिरस्कार सा मिलने लगा तो उनमें से प्रमुख रत्न दूर हो गये। नये युवा लोग आये और विवेक सिंह की अहंकारी औऱ जाति विशेष को ही प्रमुखता देनें की रणनीति जो बनी वह उनके राजनीतिक पराभव का कारण भी बन गई! सच भी हैं की जब उन्होनें अपने धुरंधर रणनीतिकार सेनापतियों से ही किनारा कस लिया तो परिणाम तो तय ही था की राजनीतिक हार काल बन चुकी थी।

खैर इस बीच कोरोना काल में बांदा के राजनीतिक शेर का इंतकाल हो गया। और वह अपने पीछे पत्नी औऱ दो पुत्र छोड़ गये। राजनीतिक विरासत की बात आई तो विवेक सिंह की पत्नी मंजुला सिंह का नाम होर्डिंगों औऱ फेसबुक में उछला पर कांग्रेस से दूरी बनाकर। कांग्रेस में रहकर भी कांग्रेस के कार्यकमों से दूरी रखी। 

विवेक सिंह के मुलायम सिंह परिवार से पहले से ही काफी हद तक राजनीतिक सम्बन्घ रहें हैं और कल पूर्व मुख्य मंत्री और विवेक सिंह की पत्नी के बीच आवास पर हुई गुफ़्तगू के राजनीतिक विश्लेषक यही कयास लगा रहें हैं की मंजुला सिंह सपा से सदर विधान सभा सीट से प्रत्याशी होगी औऱ उन्हें सबसे बड़ी आशा अपने पति की मृत्यु से जनता की सहानुभूति मिलने को लेकर हैं।
पर मंजुला क़ी राजनीतिक पनघट क्या आसान होगी ऐसा राजनीतिक विश्लेषक नहीं मानते! क्योकिं वर्तमान सदर विधायक प्रकाश का प्रकाश हर क्षेत्र में जाति विशेष से ऊपर उठकर विकास की किरणें बिखेर रहा है। साथ ही वह हर दिल अजीज के रूप में जमीनी तौर पर मसहूर है। उनको टक्कर देना समुद्र लंघन से कम कठिन नहीं है।

संवाद:-विनोद मिश्रा